'धुरंधर' की शुरुआत में हुई आलोचना, सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर आयुष्मान खुराना की टिप्पणी

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'धुरंधर' की शुरुआत में हुई आलोचना, सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर आयुष्मान खुराना की टिप्पणी

सारांश

आयुष्मान खुराना ने 'धुरंधर' के उदाहरण से दिखाया कि कैसे सोशल मीडिया पर आरंभिक नकारात्मकता के बावजूद अच्छी फिल्में दर्शकों का दिल जीत लेती हैं। उनका विश्लेषण दर्शाता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने आलोचना को सार्वजनिक किया है, लेकिन गुणवत्तापूर्ण सिनेमा हमेशा विजयी होता है।

मुख्य बातें

अभिनेता आयुष्मान खुराना ने फिल्मों पर सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव की चर्चा की।
' धुरंधर ' को शुरुआत में नकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिलीं, लेकिन रिलीज के बाद यह बड़ी सफलता बन गई।
खुराना के अनुसार, करियर के शिखर पर पहुँचने के बाद अभिनेताओं को अधिक आलोचना का सामना करना पड़ता है।
सोशल मीडिया ने आलोचना को सार्वजनिक किया है; पहले ये बातें निजी स्थानों तक सीमित थीं।
खुराना के अनुसार, अच्छी फिल्ममेकिंग और कहानी हमेशा चलती है, चाहे फिल्म बड़ी हो या छोटी।

मुंबई, 12 मई। अभिनेता आयुष्मान खुराना अपनी आने वाली फिल्म 'पति पत्नी और वो दो' को लेकर उत्साहित हैं। फिल्म के प्रचार के दौरान खुराना ने फिल्मों पर सोशल मीडिया के बढ़ते असर पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आजकल किसी भी ट्रेलर या टीजर के रिलीज होते ही दर्शक आलोचना शुरू कर देते हैं, लेकिन गुणवत्तापूर्ण फिल्में हमेशा दर्शकों का दिल जीत लेती हैं।

धुरंधर का उदाहरण

खुराना ने अभिनेता रणवीर सिंह और निर्देशक आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' का उदाहरण देते हुए कहा कि इसके पहले लुक और ट्रेलर को शुरुआत में काफी नकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिली थीं। हालांकि, फिल्म रिलीज होने के बाद इसने लाखों दर्शकों का दिल जीत लिया और व्यावसायिक सफलता हासिल की।

करियर में आलोचना का चक्र

खुराना के अनुसार, हर अभिनेता अपने करियर की शुरुआत में एक 'हनीमून पीरियड' से गुजरता है, जहाँ उन्हें सभी का प्यार और स्वीकृति मिलती है। लेकिन कुछ वर्षों के बाद, जब कोई अपने करियर के शिखर पर पहुँचता है, तो आलोचना भी सामने आने लगती है। खुराना ने कहा, ''लोग अंडरडॉग यानी संघर्षरत व्यक्ति का साथ देते हैं। जब आप संघर्ष से पार पा जाते हैं, तो लोग आलोचना करने लगते हैं।''

सोशल मीडिया का बदलता प्रभाव

खुराना ने समझाया कि आज हम ऐसे समय में जी रहे हैं, जहाँ सभी से समान प्यार नहीं मिल सकता। उन्होंने कहा कि पहले भी आलोचना होती थी, लेकिन सोशल मीडिया के आने से वह सार्वजनिक हो गई है। खुराना के अनुसार, पहले आलोचनात्मक बातें चाय की दुकान, सैलून या कोने में सुनी जाती थीं, लेकिन अब सोशल मीडिया पर खुलकर और व्यापक रूप से चर्चा होती है।

धुरंधर की तारीफ

खुराना ने 'धुरंधर' के बारे में कहा, ''मुझे व्यक्तिगत रूप से इसका ट्रेलर बहुत पसंद आया था, लेकिन उसके आसपास बहुत ज्यादा नकारात्मकता थी। मुझे समझ नहीं आया कि इतनी नकारात्मकता क्यों थी। फिल्म ने वाकई जबरदस्त प्रदर्शन किया है। यह सच में एक शानदार फिल्म है।''

उन्होंने आगे कहा, ''यह एक बेंचमार्क है। इसकी कोई मिसाल नहीं है। अब इस बेंचमार्क को तोड़ना बहुत मुश्किल होगा। अच्छी फिल्ममेकिंग और अच्छी कहानी हमेशा चलती है, चाहे वह '12वीं फेल' जैसी छोटी फिल्म हो या 'धुरंधर' जैसी बड़ी फिल्म।''

क्या मायने रखता है

यह टिप्पणी इंडस्ट्री में एक महत्वपूर्ण बहस को रेखांकित करती है — सोशल मीडिया की तुरंत आलोचना और फिल्म की वास्तविक गुणवत्ता के बीच का अंतराल। खुराना का दृष्टिकोण दर्शाता है कि कैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म ने फिल्म समीक्षा को लोकतांत्रिक तो किया है, लेकिन साथ ही एल्गोरिदम-चालित नकारात्मकता को भी बढ़ावा दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह दर्शकों के अंतिम निर्णय को नियंत्रित नहीं करता। 'धुरंधर' का मामला दिलचस्प है क्योंकि यह दिखाता है कि कैसे ट्विटर और इंस्टाग्राम पर शुरुआती नकारात्मकता एक फिल्म की वास्तविक प्रभाव को परिभाषित नहीं करती। हालांकि, खुराना की बात में एक अंतराल है: 'धुरंधर' की सफलता असाधारण थी, न कि नियम। अधिकांश फिल्मों के लिए, सोशल मीडिया की आरंभिक नकारात्मकता वास्तव में बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन को प्रभावित करती है। यह केवल A-सूची अभिनेताओं और बड़े बजट की फिल्मों के लिए है कि आलोचना को अनदेखा किया जा सकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आयुष्मान खुराना की आने वाली फिल्म कौन सी है?
आयुष्मान खुराना की आने वाली फिल्म 'पति पत्नी और वो दो' है। वह इस फिल्म के प्रचार के दौरान सोशल मीडिया के प्रभाव के बारे में बातचीत कर रहे हैं।
'धुरंधर' को शुरुआत में कैसी प्रतिक्रिया मिली?
'धुरंधर' को शुरुआत में सोशल मीडिया पर काफी नकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिलीं। लेकिन फिल्म रिलीज होने के बाद इसने लाखों दर्शकों का दिल जीत लिया और व्यावसायिक रूप से बहुत सफल रही।
आयुष्मान खुराना के अनुसार सोशल मीडिया ने क्या बदला है?
खुराना के अनुसार, सोशल मीडिया ने आलोचना को सार्वजनिक किया है। पहले लोग आलोचनात्मक बातें चाय की दुकान, सैलून या व्यक्तिगत बातचीत में करते थे, लेकिन अब ये सार्वजनिक रूप से सोशल मीडिया पर होती हैं।
करियर के शिखर पर पहुँचने के बाद अभिनेताओं को क्या सामना करना पड़ता है?
खुराना के अनुसार, करियर के शुरुआत में अभिनेताओं को सभी का प्यार मिलता है, लेकिन शिखर पर पहुँचने के बाद उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ता है। लोग संघर्षरत अभिनेताओं का साथ देते हैं, लेकिन जब वे सफल हो जाते हैं तो आलोचना बढ़ जाती है।
आयुष्मान खुराना के अनुसार अच्छी फिल्मों के बारे में क्या सच है?
खुराना का मानना है कि अच्छी फिल्ममेकिंग और अच्छी कहानी हमेशा चलती है, चाहे वह '12वीं फेल' जैसी छोटी फिल्म हो या 'धुरंधर' जैसी बड़ी फिल्म। गुणवत्ता और कहानी अंतिम रूप से दर्शकों को प्रभावित करते हैं।
राष्ट्र प्रेस