90 के दशक और वर्तमान दर्शकों के बीच बड़ा अंतर: प्रियदर्शन की राय
सारांश
Key Takeaways
- 90 के दशक के दर्शक फिल्म का आनंद लेते थे।
- सोशल मीडिया ने दर्शकों की सोच को बदल दिया है।
- अधिकारियों का मानना है कि आलोचना का असर कम हो रहा है।
- फिल्म 'धुरंधर : द रिवेंज' बॉक्स ऑफिस पर सफल हो रही है।
- निर्देशक प्रियदर्शन जल्द ही रिटायर होने की योजना बना रहे हैं।
मुंबई, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर : द रिवेंज' बॉक्स ऑफिस पर सभी रिकॉर्ड्स तोड़ रही है। दर्शकों को फिल्म की डिटेलिंग बेहद पसंद आ रही है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर इस फिल्म को प्रशंसा के साथ-साथ आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ रहा है। 'भूत-बंगला' के निर्देशक प्रियदर्शन का कहना है कि 90 के दशक से लेकर अब 2026 तक दर्शकों में बहुत परिवर्तन आया है। उनका मानना है कि पुराने दर्शक फिल्म देखने के लिए फिल्म का पूरा मजा लेते थे, जबकि आज के दर्शक सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी राय व्यक्त करते हैं। हालांकि, इस तरह की प्रतिक्रिया देने वालों की संख्या कम है। प्रियदर्शन के अनुसार, कुछ फिल्म समीक्षकों के कारण यह प्रवृत्ति विकसित हुई है। दर्शक आज भी फिल्म का आनंद लेते हैं, और उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि क्या चल रहा है।
उन्होंने बताया कि आदित्य धर की फिल्म को भी दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है, फिर भी कुछ लोग उसकी आलोचना कर रहे हैं। इसके बावजूद, फिल्म का प्रदर्शन अच्छा हो रहा है। यही आज के समय का सबसे बड़ा बदलाव है।
निर्देशक ने कहा कि वह जल्द ही इस पेशे से रिटायर होने की योजना बना रहे हैं क्योंकि हर बार नई कॉमेडी और दृश्य फिल्माना बहुत कठिन हो रहा है।
अभिनेता अक्षय कुमार ने कहा, "सोशल मीडिया पर लोग अपने विचार व्यक्त करते हैं कि यह ठीक नहीं था, वह ठीक नहीं था। अगर फिल्म दर्शकों को पसंद आ रही है तो किसी को परेशानी क्यों होनी चाहिए?"
उन्होंने फिल्म 'भूत-बंगला' पर भी चर्चा की और कहा कि आज भी भारत में 90 प्रतिशत लोग जादू-टोना, नकारात्मक ऊर्जा और भूतों पर विश्वास करते हैं। हमारी फिल्म भी इसी विषय पर आधारित है।