बाबिल खान का गोल्फ कनेक्शन: प्रैक्टिस, फोकस और सरेंडर से संभालते हैं इरफान की विरासत का दबाव
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता बाबिल खान — दिवंगत दिग्गज अभिनेता इरफान खान के सुपुत्र — इन दिनों पहलगाम की वादियों में अपने एक नए प्रोजेक्ट की शूटिंग में व्यस्त हैं। शूटिंग के व्यस्त शेड्यूल के बीच उन्होंने गोल्फ के लिए वक्त निकाला और साझा किया कि यह खेल उनके लिए महज एक शगल नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्म-विकास का एक ज़रूरी ज़रिया बन चुका है।
गोल्फ और जीवन का दबाव
बाबिल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, 'जब जिंदगी में बहुत ज्यादा दबाव महसूस हुआ और लगा कि खुद को अगले पड़ाव के लिए तैयार करने की जरूरत है, तब मैंने ऐसे तरीकों की तलाश की, जो मेरे इस सफर में मदद कर सकें। इसी तलाश में मुझे गोल्फ मिला।' उनके अनुसार यह खेल उन्हें खुद को बेहतर तरीके से समझने और भीतरी दबाव को नियंत्रित करने में सहायता करता है।
विरासत और धैर्य का संबंध
बाबिल ने गोल्फ को अपनी पारिवारिक विरासत से जोड़ते हुए कहा, 'गोल्फ खेलने के लिए जिस तरह के मानसिक संतुलन और सोच की जरूरत होती है, वही चीज बड़े स्तर पर किसी बड़ी विरासत को संभालने के लिए भी जरूरी होती है। जिस खानदान से मैं आते हूं, उसकी बड़ी विरासत को संभालने और एक अभिनेता के तौर पर अपनी पहचान बनाने के लिए भी उसी तरह के धैर्य की जरूरत होती है।' यह टिप्पणी उस दबाव की स्वीकृति है जो इरफान खान जैसे महान अभिनेता के बेटे होने के नाते उन पर स्वाभाविक रूप से रहता है।
गोल्फ की तीन ज़रूरी बातें
बाबिल ने गोल्फ के लिए तीन सबसे ज़रूरी तत्वों का उल्लेख किया — प्रैक्टिस, फोकस और सरेंडर। उन्होंने कहा, 'ये तीनों चीजें मुझे खुद को समझने और अपने भीतर लगातार सुधार करने में मदद करती हैं। गोल्फ के जरिए मैं अपने खुद के बदलाव और बेहतर बनने की प्रक्रिया को समझने की कोशिश करता हूं।' गौरतलब है कि 'सरेंडर' को उन्होंने तीसरे और उतने ही महत्वपूर्ण तत्व के रूप में रखा — यानी परिस्थिति को स्वीकार करने की क्षमता।
एक शौक से ज़रूरी आदत तक का सफर
बाबिल ने बताया कि गोल्फ अब उनकी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बन गया है। उनके शब्दों में, 'जो चीज शुरुआत में मेरे लिए एक नया शौक थी, वह धीरे-धीरे मेरे लिए एक खास और मायने रखने वाली आदत बन गई है।' वे कहते हैं कि अपने पेशेवर दायित्वों के बीच वे अब इस खेल का इंतजार करते हैं।
बाबिल खान का अभिनय सफर
बाबिल ने सीधे पर्दे पर कदम नहीं रखा था — वे फिल्म 'करीब करीब सिंगल' में कैमरा असिस्टेंट के रूप में काम कर चुके हैं। 2022 में उन्होंने निर्देशक अन्विता दत्त की साइकोलॉजिकल ड्रामा फिल्म 'कला' से अभिनय की दुनिया में कदम रखा, जिसमें तृप्ति डिमरी भी नज़र आई थीं। 2023 में वे फिल्म 'फ्राइडे नाइट प्लान' में जूही चावला के बेटे सिद्धार्थ मेनन की भूमिका में दिखे। इसके बाद उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी पर आधारित वेब सीरीज 'द रेलवे मेन' में दिव्येंदु शर्मा, के.के. मेनन और आर. माधवन जैसे दिग्गजों के साथ काम किया। उनका यह सफर बताता है कि वे अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में सतत प्रयासरत हैं।