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क्या भारत का हर मुस्लिम तिरंगे के लिए जीता है? पाकिस्तान में सलमान खान को लेकर तहसीन पूनावाला का बयान

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क्या भारत का हर मुस्लिम तिरंगे के लिए जीता है? पाकिस्तान में सलमान खान को लेकर तहसीन पूनावाला का बयान

सारांश

क्या भारत के हर मुस्लिम की वफादारी पर सवाल उठाना उचित है? सलमान खान के पाकिस्तान के मुद्दे पर तहसीन पूनावाला ने एक दमदार बयान दिया है। जानें उनके विचार और इस विवाद के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

पाकिस्तान की बलूचिस्तान सरकार ने सलमान खान का नाम आतंकवाद-रोधी अधिनियम में डाला।
तहसीन पूनावाला ने कहा कि भारतीय मुसलमानों की वफादारी पर संदेह नहीं होना चाहिए।
भारतीय मुसलमान अपने देश के प्रति वफादार हैं।
सलमान खान ने रियाद में एक मंच पर बलूचिस्तान और पाकिस्तान को अलग-अलग गिनाया।
सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर कई प्रतिक्रियाएं आई हैं।

मुंबई, 27 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान इन दिनों पाकिस्तान में चर्चा का विषय बने हुए हैं। खबरें आ रही हैं कि पाकिस्तान की बलूचिस्तान सरकार ने सलमान का नाम आतंकवाद-रोधी अधिनियम (1997) की चौथी अनुसूची में शामिल किया है।

इस मुद्दे ने भारत में हलचल मचा दी है। इस बीच, राजनीतिक विश्लेषक और 'बिग बॉस 13' के पूर्व प्रतियोगी तहसीन पूनावाला ने इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पाकिस्तान के रवैये पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत के मुसलमानों की वफादारी पर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए।

तहसीन ने कहा, 'सभी भारतीय मुसलमान अपने तिरंगे के लिए जीते हैं और उसके लिए मरते हैं। हमारे पूर्वजों ने गांधी और नेहरू के हिंदुस्तान को चुना था और जिन्ना के पाकिस्तान को ठुकराया था।'

पूनावाला ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा, 'पाकिस्तान चाहे जितनी कोशिश कर ले, भारतीय मुसलमानों को डराया या बरगलाया नहीं जा सकता। आप चाहे भारत के मुसलमानों के खिलाफ फेक न्यूज फैलाओ या तथाकथित जुल्मों की कहानियाँ बनाओ, लेकिन भारत का हर एक मुसलमान अपने देश से वफादार रहेगा।'

उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद असिम मुनीर को सीधा संदेश देते हुए कहा कि उन्हें अपने देश की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए, न कि भारत के मुसलमानों पर।

तहसीन पूनावाला ने अपने बयान में नागरिकता कानून (सीएए) का उदाहरण देते हुए कहा, 'अगर पाकिस्तान में ऐसा कानून आता है जिसमें कहा जाए कि भारत में पीड़ित मुसलमान पाकिस्तान की नागरिकता ले सकता है, तो कितने भारतीय मुसलमान ऐसा करना चाहेंगे? जवाब है- शून्य। क्योंकि मुसलमान यहां खुश हैं।'

बता दें कि पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सलमान खान सऊदी अरब की राजधानी रियाद में आयोजित जॉय फोरम 2025 में शाहरुख खान और आमिर खान के साथ पहुंचे थे।

इस मंच पर सलमान ने कहा था, 'इस समय यदि आप एक हिंदी फिल्म बनाएं और उसे यहां रिलीज करें, तो वह सुपरहिट होगी। यदि आप एक तमिल, तेलुगु या मलयाली फिल्म बनाते हैं, तो वह सैकड़ों करोड़ रुपये कमाएगी, क्योंकि यहां कई देशों के लोग रहते हैं। बलूचिस्तान के लोग हैं, अफगानिस्तान के लोग हैं, पाकिस्तान के लोग हैं, हर कोई यहां काम कर रहा है।'

अपने बयान में बलूचिस्तान और पाकिस्तान को अलग-अलग गिनाने को लेकर पाकिस्तान के सोशल मीडिया यूजर्स भड़क उठे। कई लोगों ने इस बयान को पाकिस्तान की एकता पर सवाल के तौर पर देखा और इसे 'बलूचिस्तान को अलग देश बताने' की कोशिश बताया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वे अपने अधिकारों के प्रति भी जागरूक हैं। हमें यह समझना चाहिए कि किसी भी देश की एकता उसके नागरिकों के आपसी विश्वास पर निर्भर करती है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सलमान खान का विवाद क्या है?
सलमान खान का विवाद पाकिस्तान की बलूचिस्तान सरकार द्वारा उनके नाम को आतंकवाद-रोधी अधिनियम की चौथी अनुसूची में डालने से संबंधित है।
तहसीन पूनावाला ने क्या कहा?
तहसीन पूनावाला ने कहा कि सभी भारतीय मुसलमान अपने तिरंगे के लिए जीते हैं और उनके वफादारी पर कोई संदेह नहीं होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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