दिग्गज अभिनेता भरत कपूर का 80 वर्ष की आयु में निधन, 4 दशक की फिल्मी विरासत
सारांश
Key Takeaways
- भरत कपूर का निधन 27 अप्रैल, सोमवार को 80 वर्ष की आयु में हुआ।
- उन्होंने 4 दशकों तक बॉलीवुड फिल्मों और टीवी शो में काम किया।
- उनकी उल्लेखनीय फिल्मों में 'नूरी' (1979), 'राम बलराम' (1980), 'खुदा गवाह' (1992) शामिल हैं।
- टीवी में 'कहानी चंद्रकांता', 'भाग्यविधाता' और 'तारा' जैसे शो में नजर आए।
- फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर उनकी मृत्यु की पुष्टि की।
मुंबई, 27 अप्रैल। दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता भरत कपूर का सोमवार को 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। हालांकि उनकी मृत्यु का सटीक कारण अभी तक आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं किया गया है, लेकिन बताया जा रहा है कि पिछले चार दिनों से उनकी तबीयत गिरी हुई थी और उन्हें मुंबई के सायन अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अभिनेता के निधन की पुष्टि
फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, "दिग्गज रंगमंच और फिल्म अभिनेता के निधन के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ।" पंडित ने आगे कहा, "भरत कपूर, मेरे करियर के शुरुआती दिनों में उनके साथ काम करने की बहुत अच्छी यादें हैं। एक महान इंसान। ओम शांतिः।"
40 साल की फिल्मी यात्रा
भरत कपूर ने हिंदी सिनेमा और टेलीविजन में लगभग चार दशकों तक अपनी उपस्थिति दर्ज की। वे 1970, 80 और 90 के दशकों में नियमित रूप से बड़े परदे और छोटे परदे पर नजर आते रहे। उनकी फिल्मोग्राफी में 'नूरी' (1979), 'राम बलराम' (1980), 'लव स्टोरी' (1981), 'बाजार' (1982), 'गुलामी' (1985), 'आखिरी रास्ता' (1986), 'सत्यमेव जयते' (1987), 'स्वर्ग' (1990), 'खुदा गवाह' (1992), और 'रंग' (1993) जैसी उल्लेखनीय फिल्में शामिल हैं।
विविध भूमिकाओं की विरासत
90 के दशक में भी कपूर ने अपनी सक्रियता बनाए रखी और 'बरसात' (1995), 'साजन चले ससुराल' (1996) और 'मीनाक्षीः ए टेल ऑफ थ्री सिटीज़' (2004) में काम किया। उन्होंने विभिन्न शैलियों में खलनायक, सहायक किरदार और प्रभावशाली व्यक्तित्व की भूमिकाएं निभाकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया।
टेलीविजन में उपस्थिति
बड़े परदे के अलावा, कपूर ने कई लोकप्रिय टेलीविजन शो में भी काम किया। उन्होंने 'कैम्पस', 'परंपरा', 'राहत', 'सांस', 'अमानत', 'भाग्यविधाता', 'तारा', 'चुनौती' और 'कहानी चंद्रकांता' जैसे शो में नजर आए थे, जिससे वे हजारों घरों में परिचित चेहरे बन गए थे।
गौरतलब है कि कपूर की मृत्यु भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है, क्योंकि उन्होंने दशकों तक फिल्म और टीवी उद्योग को समृद्ध किया। उनके परिवार की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।