ब्रेस्ट कैंसर से जीत के 4 साल: छवि मित्तल बोलीं — '25 अप्रैल मेरा दूसरा जन्मदिन है'
सारांश
Key Takeaways
- छवि मित्तल ने 25 अप्रैल 2025 को ब्रेस्ट कैंसर से ठीक हुए 4 साल पूरे होने का जश्न मनाया।
- 25 अप्रैल 2022 को 6 घंटे की सर्जरी के बाद उन्हें आधिकारिक रूप से कैंसर-मुक्त घोषित किया गया था।
- छवि ने इस दिन को अपना 'दूसरा जन्मदिन' करार दिया और इंस्टाग्राम पर भावुक वीडियो व नोट पोस्ट किया।
- उन्होंने ट्रोल्स को जवाब देते हुए कहा कि कैंसर की बात करना 'विक्टिम कार्ड' नहीं, बल्कि जागरूकता है।
- छवि ने बताया कि सर्जरी के बाद असली रिकवरी शुरू होती है जिसे समाज अक्सर नजरअंदाज करता है।
- भारत में हर साल 2 लाख से अधिक महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित होती हैं — छवि की जागरूकता पहल इस संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुंबई: टेलीविजन अभिनेत्री छवि मित्तल ने 25 अप्रैल 2025 को ब्रेस्ट कैंसर से उबरने के चार साल पूरे होने पर इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो और लंबा नोट साझा किया। उन्होंने इस दिन को अपना 'दूसरा जन्मदिन' बताते हुए कहा कि 25 अप्रैल 2022 को 6 घंटे की सर्जरी के बाद उन्हें आधिकारिक रूप से कैंसर-मुक्त घोषित किया गया था। यह पोस्ट न केवल उनकी व्यक्तिगत जीत का जश्न है, बल्कि देशभर के लाखों कैंसर रोगियों के लिए एक प्रेरणा-स्रोत भी बन गई है।
जिंदगी बदलने वाले तीन पल
छवि ने वीडियो में कहा, "जिंदगी में कुछ ऐसे पल आते हैं जिनके बाद सब कुछ बदल जाता है।" उन्होंने तीन ऐसे निर्णायक क्षणों का जिक्र किया — मुंबई आना, मां बनना, और ब्रेस्ट कैंसर की सर्जरी। उनके अनुसार इन पलों में इंसान को एहसास भी नहीं होता कि जिंदगी हमेशा के लिए बदलने वाली है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ठीक होने का मतलब पुरानी जिंदगी में लौटना नहीं है। छवि ने कहा, "बहुत समय तक हम चाहते हैं कि चीजें पहले जैसी हो जाएं, लेकिन वो कभी पहले जैसी नहीं होतीं — इसलिए नहीं कि जिंदगी खराब हो गई, बल्कि इसलिए कि जिंदगी और बेहतर हो गई है।"
ट्रोल्स को करारा जवाब
छवि ने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो उन्हें कैंसर के बारे में बार-बार बात करने पर 'विक्टिम कार्ड' खेलने का आरोप लगाते हैं। उन्होंने कहा, "आज भी चार साल बाद जब कोई मुझे ट्रोल करता है और कहता है कि अब कैंसर की बात काफी हो गई, तो मैं मन ही मन मुस्कुराती हूं।"
उनका मानना है कि जिसने जिंदगी में कभी ऐसा कोई बड़ा झटका नहीं झेला, वह इस दर्द को नहीं समझ सकता। यह जवाब सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से सराहा गया।
असली लड़ाई सर्जरी के बाद शुरू होती है
छवि ने एक बेहद महत्वपूर्ण बात उजागर की जिसे अक्सर नजरअंदाज किया जाता है। उन्होंने लिखा, "लोग सोचते हैं कि आप ठीक हो चुके हो, जबकि ठीक होने की असली लड़ाई अभी बाकी होती है।" कुछ दिन वे पूरी तरह ठीक महसूस करती हैं, तो कुछ दिन टूट जाती हैं — यह उतार-चढ़ाव कैंसर रिकवरी का अभिन्न हिस्सा है।
यह बात चिकित्सा विशेषज्ञों की उस राय से मेल खाती है जो कहते हैं कि कैंसर सर्जरी के बाद मानसिक और शारीरिक पुनर्वास में वर्षों लग सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार भारत में हर साल 2 लाख से अधिक महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित होती हैं, और जागरूकता की कमी के कारण अधिकांश मामले देर से पकड़ में आते हैं।
कैंसर योद्धाओं के लिए संदेश
छवि ने अपने पोस्ट में हर उस कैंसर रोगी को संबोधित किया जो खुद को अकेला, गलत समझा हुआ या अनसुना महसूस करता है। उन्होंने लिखा, "मैं आपको देखती हूं, सुनती हूं और आपकी सराहना करती हूं।" उन्होंने इस दिन को सिर्फ अपनी नहीं, बल्कि हर कैंसर योद्धा की जीत का जश्न बताया।
गौरतलब है कि 2022 में जब छवि ने अपनी बीमारी सार्वजनिक की थी, तब भी उन्होंने सोशल मीडिया को जागरूकता का माध्यम बनाया था। तब से वे लगातार ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग और शुरुआती जांच के महत्व पर जोर देती आई हैं।
व्यापक सामाजिक संदर्भ और प्रासंगिकता
छवि मित्तल का यह खुलापन भारतीय समाज में कैंसर को लेकर बनी चुप्पी और कलंक को तोड़ने में अहम भूमिका निभाता है। जहां एक ओर बॉलीवुड और टेलीविजन की हस्तियां अक्सर बीमारी को छुपाती हैं, वहीं छवि ने हर कदम को सार्वजनिक रखा — चाहे वह कीमोथेरेपी हो, बालों का झड़ना हो या मानसिक संघर्ष।
यह प्रवृत्ति वैश्विक स्तर पर भी देखी जा रही है, जहां काइली मिनोग से लेकर अंजलि मुखर्जी जैसी हस्तियों ने कैंसर के बारे में खुलकर बात करके लाखों लोगों को समय पर जांच कराने के लिए प्रेरित किया है। छवि का यह कदम भारत में उसी दिशा में एक मजबूत पहल है।
आने वाले समय में उनसे और भी जागरूकता अभियानों और सामाजिक कार्यों की उम्मीद की जा सकती है, जो कैंसर रोगियों और उनके परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनेंगे।