सेलिना जेटली की 61वें मिस इंडिया पेजेंट में अद्भुत वापसी - ताज को जीने का संदेश
सारांश
Key Takeaways
- सेलिना जेटली की प्रेरणादायक वापसी
- ताज का महत्व और उसकी जिम्मेदारी
- युवा महिलाओं को सशक्त बनाने का संदेश
- मॉडलिंग में करियर की शुरुआत की कहानी
- सोशल मीडिया पर अपनी अनुभव साझा करना
मुंबई, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। वर्ष 2001 की मिस इंडिया और मिस यूनिवर्स की रनर-अप सेलिना जेटली ने 61वें फेमिना मिस इंडिया पेजेंट में 21 वर्षों बाद वापसी की। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर इस विशेष रात की यादें साझा करते हुए लिखा कि वह उसी मंच पर वापस आई हैं, जहां से उनकी अद्भुत यात्रा शुरू हुई थी।
सेलिना, जो 2001 में मिस यूनिवर्स की प्रतियोगिता में रनर-अप रह चुकी हैं, ने इस पोस्ट के माध्यम से कई युवा प्रतियोगियों को प्रेरित किया।
अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर तस्वीरें साझा करते हुए उन्होंने लिखा, 'अबाउट लास्ट नाइट। 61वां फेमिना मिस इंडिया पेजेंट। मैं वहीं वापस आ गई जहां से इसकी शुरुआत हुई थी। यह पूरा सर्कल पूरा होने का एहसास बहुत गहरा है।'
2001 में मिस इंडिया का खिताब जीतने वाली सेलिना ने इस बार युवा प्रतियोगियों को ताज पहनाने का गौरव प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि शुरुआती विजेताओं को ताज पहनाना उनके लिए बेहद खास और भावुक अनुभव था। सेलिना ने कहा कि इस जादुई शाम में वह उन सभी युवा महिलाओं के सफर की शुरुआत देख रही थीं, जो अपने राज्यों का प्रतिनिधित्व करेंगी और अपने सपनों और ताकत के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ेंगी।
उन्होंने रॉकी स्टार द्वारा डिजाइन की गई ड्रेस और दासानी ब्रदर्स के एक करोड़ रुपये मूल्य के हीरे-माणिकों से सजी ज्वेलरी का भी उल्लेख किया। खास बात यह रही कि सेलिना ने अपना मेकअप और हेयरस्टाइल स्वयं ही किया। उन्होंने लिखा, 'ताज सिर्फ सिर पर रखने के लिए नहीं होते, उन्हें शान से संभालना पड़ता है।'
इसके साथ ही, सेलिना जेटली ने ताज को कई गहरी बातों का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ताज हिम्मत, गरिमा, ईमानदारी और सही के लिए आवाज उठाने का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा, 'ताज सिर्फ पहना नहीं जाता, उसे जिया जाता है।'
हिमाचल प्रदेश में जन्मीं सेलिना के पिता आर्मी में कर्नल और मां भी सेना में कार्यरत थीं। एक इंटरव्यू में सेलिना ने बताया था कि बचपन में वह सेना में भर्ती होना चाहती थीं। इसके बाद, उन्होंने डॉक्टर बनने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन धीरे-धीरे उनकी रुचि मॉडलिंग की ओर बढ़ने लगी। 16 साल की उम्र में उन्हें मॉडलिंग का अवसर मिला और उन्होंने फेमिना मिस इंडिया 2001 का खिताब जीतकर ग्लैमर वर्ल्ड में कदम रखा।