नाना पाटेकर का निधन: क्रिकेट था पहला प्यार, विराट कोहली के लिए कही थी दिल छूने वाली बात
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया। गोवा स्थित उनके आवास पर अचानक गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद मेडिकल टीम उनके घर पहुँची, लेकिन वे अचेत अवस्था में पाए गए। उन्हें तत्काल मणिपाल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ सुबह 5:20 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 75 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम साँस ली।
क्रिकेट था असली पहला प्यार
हिंदी सिनेमा जगत् में जो अभिनेता अपनी दमदार उपस्थिति और बहुआयामी भूमिकाओं के लिए याद किए जाते हैं, उन्हीं नाना पाटेकर का पहला प्यार दरअसल सिनेमा नहीं, क्रिकेट था। करीब 11 साल पहले दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने स्वयं यह स्वीकार किया था। उन्होंने बताया था कि बचपन में वे एक अच्छे क्रिकेटर थे और ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते थे।
शिवाजी पार्क में अभ्यास करने वाले बल्लेबाजों के लिए वे नियमित रूप से गेंदबाजी किया करते थे। हालाँकि आर्थिक तंगी के चलते वे क्रिकेट में आगे नहीं बढ़ पाए और अंततः रंगमंच के रास्ते सिनेमा की दुनिया में प्रवेश किया।
विराट कोहली के लिए दिल छूने वाले बोल
उसी साक्षात्कार में नाना पाटेकर ने विराट कोहली को अपना पसंदीदा क्रिकेटर बताते हुए कहा था, 'विराट कोहली मेरे फेवरेट क्रिकेटर हैं, और उनके जल्दी आउट होने पर मेरा खाना खाने का मन नहीं करता।' यह बात उनके क्रिकेट-प्रेम की गहराई को दर्शाती है।
उन्होंने यह भी कहा था कि भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान वे टीवी से नहीं हटते थे। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उम्र के साथ कम नहीं हुआ था — उनके अनुसार, '10 दिन के अभ्यास के बाद आज भी मैं अच्छी गेंदबाजी कर सकता हूँ।'
जीवन परिचय और फिल्मी सफर
नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरुड में हुआ था। उनका वास्तविक नाम विश्वनाथ पाटेकर था। 1978 से लेकर 2026 तक वे हिंदी और मराठी सिनेमा में सक्रिय रहे।
उनकी प्रमुख हिंदी फिल्मों में सलाम बॉम्बे, परिंदा, तिरंगा, क्रांतिवीर, वजूद, अंकुश, खामोशी, शक्ति, राजनीति और वेलकम शामिल हैं। मराठी सिनेमा में उनकी फिल्म नटसम्राट को अत्यधिक प्रशंसा मिली।
पुरस्कार और सम्मान
नाना पाटेकर को तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और चार बार फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजा गया था। भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया था। रंगमंच से अपनी यात्रा शुरू करने वाले नाना पाटेकर ने हिंदी सिनेमा को अपने विविध और प्रभावशाली अभिनय से समृद्ध किया।
बॉलीवुड और क्रिकेट — दोनों ने खोया एक अपना
नाना पाटेकर के निधन से न केवल बॉलीवुड बल्कि क्रिकेट जगत् ने भी एक भावुक और समर्पित प्रशंसक खो दिया है। उनकी विरासत उनकी फिल्मों, उनके रंगमंच-प्रेम और क्रिकेट के प्रति उनके जुनून — तीनों में जीवित रहेगी।