8 अक्टूबर 2026
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नाना पाटेकर का निधन: KBC में बताई थी मुंबई छोड़ गांव लौटने की वजह — 'मैं गांव का हूं, वहीं रहता हूं'

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नाना पाटेकर का निधन: KBC में बताई थी मुंबई छोड़ गांव लौटने की वजह — 'मैं गांव का हूं, वहीं रहता हूं'

सारांश

नाना पाटेकर बॉलीवुड के उन विरले सितारों में थे जिन्होंने शोहरत और सादगी को एक साथ जिया। KBC 17 में उन्होंने खुद कहा था — 'मैं फिल्म इंडस्ट्री से नहीं हूं, बस काम करने आता हूं।' 8 अक्टूबर को गोवा में उनके निधन के साथ वह आवाज़ हमेशा के लिए खामोश हो गई।

मुख्य बातें

नाना पाटेकर का निधन 8 अक्टूबर 2026 को गोवा के डोना पाउला में कार्डियक अरेस्ट से हुआ।
वे मुंबई के अंधेरी में 1-BHK फ्लैट में रहते थे; पुणे के खडकवासला में 27 एकड़ का फार्महाउस था।
8 जून 2025 को KBC 17 में उन्होंने अमिताभ बच्चन को बताया — 'मैं गांव का हूं, वहीं रहता हूं, पार्टियों में कभी नहीं गया।' उन्होंने कहा था — 'मेरे पास एसी नहीं, पहाड़ों से घिरा घर है और मैं वहीं आराम से रहता हूं।' फिल्म 'वजूद' में माधुरी दीक्षित को सुनाई जावेद अख्तर की कविता 'कैसे बताऊं मैं तुम्हें' को वे जीवनभर याद रखते थे।

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया। वे सादगी, बेबाकी और ज़मीन से जुड़े स्वभाव के लिए जाने जाते थे। उनके जीवन का एक कम चर्चित पहलू यह था कि इतने बड़े स्टार होने के बावजूद उनका दिल हमेशा शहर की चमक-दमक से दूर, गांव की माटी में बसता था।

कहाँ-कहाँ थे नाना पाटेकर के ठिकाने

नाना पाटेकर मुख्य रूप से मुंबई के अंधेरी स्थित समर्थ नगर, लोखंडवाला में एक साधारण 1-BHK फ्लैट में रहते थे — न बंगला, न पेंटहाउस। पुणे के निकट खडकवासला में उनका 27 एकड़ में फैला फार्महाउस था, जहाँ वे स्वयं खेती-बाड़ी करते थे।

गोवा के डोना पाउला में भी उनका एक आवास था — और यही वह स्थान है जहाँ कार्डियक अरेस्ट के कारण उनका निधन हुआ। उनका पुश्तैनी गांव महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में है, जो उनकी आत्मा की असली जड़ था।

KBC में अमिताभ बच्चन के सामने खुली गांव की दास्तान

8 जून 2025 को नाना पाटेकर क्विज़-आधारित रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति 17' में बतौर अतिथि शामिल हुए थे। शो के होस्ट अमिताभ बच्चन ने उनसे पूछा, 'आपने जीवन में इतना कुछ हासिल किया, फिर सब कुछ छोड़कर गांव क्यों चले गए?'

इस पर नाना पाटेकर ने सहज भाव से कहा था, 'मैं फिल्म इंडस्ट्री से नहीं हूं। मैं बस यहाँ काम करने आता हूं और फिर वापस चला जाता हूं। मैं कभी किसी पार्टी में नहीं गया, न ही शहर में ज़्यादा रुका। मैं गांव का हूं और वहीं रहना पसंद करता हूं। मुझे वहाँ की ज़िंदगी अच्छी लगती है।' यह उद्गार उनकी सरलता को पूरी तरह परिभाषित करते हैं।

पहाड़ों को बनाया अपना घर, एसी भी नहीं था ज़रूरत

उसी एपिसोड में नाना पाटेकर ने अपनी ज़रूरतों की सादगी का ज़िक्र करते हुए कहा था, 'मुझे अपनी माँ से जितना चाहिए था, उससे कई गुना ज़्यादा मिला है। ज़रूरतें सीमित रखना बहुत आसान है। मेरे पास एसी नहीं है क्योंकि मुझे उसकी ज़रूरत नहीं लगती।'

उन्होंने आगे जोड़ा था, 'जैसे शहर में चारों तरफ दीवारें होती हैं, वैसे ही मेरे घर के चारों ओर पहाड़ हैं। पहाड़ों से घिरा हुआ मेरा घर है और मैं वहीं आराम से रहता हूं।' यह वाक्य उनके जीवन-दर्शन का सार था — प्रकृति की गोद में, शांत, निश्छल।

माधुरी दीक्षित के लिए सम्मान, जावेद अख्तर की कविता की याद

उसी एपिसोड में एक दर्शक ने फिल्म 'वजूद' में माधुरी दीक्षित के साथ काम करने का अनुभव पूछा। नाना पाटेकर ने कहा, 'माधुरी दीक्षित के साथ काम करना एक शानदार अनुभव रहा। वह एक बेहतरीन अभिनेत्री हैं, खूबसूरत हैं, कमाल की डांसर हैं और उनमें वह सब कुछ है जो हर इंसान में होना चाहिए। मैं उन्हें बेहद सम्मान की नज़रों से देखता हूं।'

फिल्म 'वजूद' की कविता 'कैसे बताऊं मैं तुम्हें' — जो जावेद अख्तर ने लिखी थी — के बारे में उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा था, 'यह कविता आज भी मुझे याद है। मैंने यह कविता माधुरी को सुनाई थी, इसलिए यह मेरे लिए भूलना मुश्किल है। आज भी ऐसा लगता है जैसे वह कविता मेरे खून में दौड़ रही हो।' नाना पाटेकर के जाने के बाद यह शब्द और भी गहरे अर्थ रखते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

खेत और पहाड़ की भाषा में बोलता था। यह विरोधाभास ध्यान देने योग्य है — एक उद्योग जो चमक-दमक को सफलता का पर्याय मानता है, उसी में नाना ने दशकों तक 1-BHK फ्लैट और 27 एकड़ की खेती को चुना। मुख्यधारा की कवरेज उनकी फिल्मोग्राफी पर रुक जाएगी, लेकिन असली विरासत यह है कि उन्होंने सार्वजनिक मंच पर बार-बार संतोष और सादगी की वकालत की — वह भी बिना किसी उपदेश के। यह आवाज़ अब सिर्फ आर्काइव में बचेगी।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नाना पाटेकर का निधन कहाँ और कैसे हुआ?
नाना पाटेकर का निधन 8 अक्टूबर 2026 को गोवा के डोना पाउला स्थित उनके आवास पर कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ। वे गोवा, मुंबई और खडकवासला में घर रखते थे।
नाना पाटेकर गांव में क्यों रहते थे?
KBC 17 में अमिताभ बच्चन के सवाल के जवाब में नाना पाटेकर ने कहा था कि वे फिल्म इंडस्ट्री को अपना नहीं मानते — सिर्फ काम के लिए आते थे। उन्हें गांव और पहाड़ों की ज़िंदगी शहर की चहल-पहल से बेहतर लगती थी और उन्होंने ज़रूरतें सीमित रखना अपना जीवन-दर्शन बनाया था।
नाना पाटेकर KBC 17 में कब आए थे?
नाना पाटेकर 8 जून 2025 को 'कौन बनेगा करोड़पति' के 17वें सीज़न में बतौर विशेष अतिथि शामिल हुए थे। उसी एपिसोड में उन्होंने अपनी सादगी, गांव-प्रेम और अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के साथ काम के अनुभव साझा किए थे।
नाना पाटेकर के घर और संपत्ति के बारे में क्या जानकारी है?
वे मुंबई के अंधेरी, लोखंडवाला में एक साधारण 1-BHK फ्लैट में रहते थे। पुणे के खडकवासला में उनका 27 एकड़ का फार्महाउस था जहाँ वे खेती करते थे। गोवा के डोना पाउला में भी एक आवास था, और उनका पुश्तैनी गांव महाराष्ट्र के रत्नागिरी में है।
फिल्म 'वजूद' और माधुरी दीक्षित के बारे में नाना पाटेकर ने क्या कहा था?
KBC में नाना पाटेकर ने माधुरी दीक्षित को 'बेहतरीन अभिनेत्री, कमाल की डांसर और बेहद सम्मानीय इंसान' बताया था। फिल्म में जावेद अख्तर लिखित कविता 'कैसे बताऊं मैं तुम्हें' के बारे में कहा था कि वह उनके खून में दौड़ती है और उसे भूलना मुश्किल है।
राष्ट्र प्रेस
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