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दलेर मेहंदी विवाद: सुदेश बेरी और राखी सावंत बोले — 'कलाकार को बुलाओ तो इज्जत भी दो'

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दलेर मेहंदी विवाद: सुदेश बेरी और राखी सावंत बोले — 'कलाकार को बुलाओ तो इज्जत भी दो'

सारांश

कुंजापुरी मेले में मंत्री द्वारा मंच पर फटकार के बाद दलेर मेहंदी विवाद ने मनोरंजन जगत को हिला दिया है। सुदेश बेरी और राखी सावंत ने खुलकर उनका समर्थन करते हुए कलाकारों की गरिमा का सवाल उठाया है।

मुख्य बातें

दलेर मेहंदी की उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में परफॉर्मेंस के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच पर सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई।
दलेर मेहंदी ने कहा कि तबीयत ठीक न होने के कारण उन्हें रिकॉर्डेड ट्रैक का सहारा लेना पड़ा।
अभिनेता सुदेश बेरी ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर कलाकार के सम्मान की वकालत की।
अभिनेत्री राखी सावंत ने दलेर मेहंदी को 'परिवार जैसा' बताते हुए आयोजकों से सम्मान की अपेक्षा जताई।
मामले ने सरकारी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों की गरिमा पर राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है।

गायक दलेर मेहंदी के साथ उत्तराखंड के नरेंद्रनगर में हुए कथित अपमान का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा। कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या में उनकी परफॉर्मेंस के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा मंच पर फटकार लगाए जाने के बाद अब मनोरंजन जगत की आवाज़ें भी उठने लगी हैं। अभिनेता सुदेश बेरी और अभिनेत्री राखी सावंत खुलकर दलेर मेहंदी के समर्थन में सामने आए हैं।

विवाद की पृष्ठभूमि

नरेंद्रनगर में आयोजित कुंजापुरी मेले की सांस्कृतिक संध्या के दौरान कथित तौर पर दलेर मेहंदी के कुछ गानों में उनकी लाइव आवाज़ की जगह रिकॉर्डेड ट्रैक सुनाई दिया, जिससे दर्शकों में असंतोष फैल गया। इसके बाद कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर आए और गायक को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ, जिसने मामले को राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया।

दलेर मेहंदी ने बाद में सफाई दी कि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी और वह लाइव गाने की स्थिति में नहीं थे, इसलिए कार्यक्रम को बीच में न रोकने के लिए उन्हें रिकॉर्डेड ट्रैक का सहारा लेना पड़ा।

सुदेश बेरी का समर्थन

अभिनेता सुदेश बेरी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर इस घटना को 'अजीब' करार दिया। उन्होंने कहा, 'किसी कलाकार की परफॉर्मेंस को लेकर शिकायत हो सकती है, लेकिन उसे सबके सामने अपमानित करना सही नहीं है। इंसान की सेहत हमेशा एक जैसी नहीं रहती। कभी-कभी तबीयत खराब हो सकती है और कलाकार भी आखिर इंसान ही हैं। दलेर मेहंदी ने अपनी पूरी जिंदगी संगीत को दी है और अपने गानों से लोगों को खुशियाँ दी हैं।'

सुदेश ने यह भी कहा, 'समाज में कुछ ऐसे लोग होते हैं, जिनसे दूसरों को प्रेरणा मिलती है — कलाकारों के अलावा सेना के जवानों और वैज्ञानिकों का भी सम्मान किया जाना चाहिए। इस मामले को जल्दबाजी में किसी नतीजे पर पहुँचाने के बजाय समझदारी और इंसानियत के साथ देखा जाए।' अपनी पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'मैं पूरे दिल से दलेर मेहंदी जी के साथ हूँ — एक कलाकार अपनी पहचान और सम्मान बनाने में पूरी जिंदगी लगा देता है।'

राखी सावंत की प्रतिक्रिया

अभिनेत्री राखी सावंत ने दलेर मेहंदी को अपना भाई बताते हुए कहा, 'मैं उन्हें कई सालों से जानती हूँ और उनके साथ गाने भी कर चुकी हूँ। उनके साथ मेरे परिवार जैसे रिश्ते हैं। उन्होंने कभी शराब नहीं पी।' उन्होंने जोड़ा कि उम्र बढ़ने के साथ किसी को भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है और ऐसे में किसी कलाकार की तबीयत को समझने के बजाय उसकी बेइज्जती करना उचित नहीं है।

राखी ने आयोजकों को सीधे संदेश देते हुए कहा, 'अगर आयोजक किसी सेलिब्रिटी को कार्यक्रम में बुलाते हैं, तो उन्हें सम्मान भी देना चाहिए।'

आम जनता और मनोरंजन जगत पर असर

यह मामला केवल एक परफॉर्मेंस विवाद तक सीमित नहीं रहा — इसने कलाकारों के सार्वजनिक सम्मान और आयोजकों की जिम्मेदारी पर व्यापक बहस छेड़ दी है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी सरकारी कार्यक्रम में कलाकार और प्रशासन के बीच सार्वजनिक टकराव सामने आया हो। मनोरंजन जगत में कलाकारों के साथ व्यवहार को लेकर यह प्रकरण एक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।

आगे देखना होगा कि क्या उत्तराखंड सरकार या आयोजक इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हैं और दलेर मेहंदी इस घटना के बाद अपने कार्यक्रम कार्यक्रम की योजनाओं में कोई बदलाव करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि शक्ति-प्रदर्शन अधिक लगता है। गौरतलब यह भी है कि दलेर मेहंदी जैसे कलाकार को बीमार अवस्था में भी परफॉर्म करने के लिए बाध्य किया गया — असली जिम्मेदारी तो आयोजन प्रबंधन की भी बनती है, जो इस पूरी चर्चा में गायब है। मनोरंजन जगत की एकजुटता स्वागत योग्य है, लेकिन असली बदलाव तब आएगा जब सरकारी कार्यक्रमों के लिए कलाकारों के साथ अनुबंध और स्वास्थ्य-प्रावधान जैसे मानक तय हों।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दलेर मेहंदी विवाद क्या है?
उत्तराखंड के नरेंद्रनगर में कुंजापुरी मेले की सांस्कृतिक संध्या में दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस के दौरान कथित तौर पर रिकॉर्डेड ट्रैक सुनाई देने पर दर्शक नाराज हो गए, जिसके बाद कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच पर आकर गायक को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई। दलेर मेहंदी ने बाद में कहा कि वह बीमार थे और लाइव गाने की स्थिति में नहीं थे।
सुदेश बेरी ने दलेर मेहंदी के समर्थन में क्या कहा?
सुदेश बेरी ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर कहा कि किसी कलाकार को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना गलत है और दलेर मेहंदी जैसे अनुभवी कलाकार के योगदान व भावनाओं का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि मामले को जल्दबाजी में नहीं, बल्कि समझदारी और इंसानियत के साथ देखा जाए।
राखी सावंत ने इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया दी?
राखी सावंत ने दलेर मेहंदी को अपना भाई बताते हुए कहा कि उम्र के साथ स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं और बीमार कलाकार की बेइज्जती करना उचित नहीं है। उन्होंने आयोजकों से कहा कि यदि किसी सेलिब्रिटी को बुलाते हैं तो उन्हें उचित सम्मान भी देना चाहिए।
दलेर मेहंदी ने रिकॉर्डेड ट्रैक क्यों इस्तेमाल किया?
दलेर मेहंदी के अनुसार, कार्यक्रम के समय उनकी तबीयत ठीक नहीं थी और वह लाइव गाने की स्थिति में नहीं थे। कार्यक्रम को बीच में रोकने के बजाय जारी रखने के लिए उन्हें रिकॉर्डेड ट्रैक का सहारा लेना पड़ा।
यह विवाद कलाकारों के सम्मान के नज़रिए से क्यों अहम है?
यह घटना सरकारी सांस्कृतिक आयोजनों में कलाकारों की गरिमा और आयोजकों की जिम्मेदारी पर व्यापक बहस का कारण बनी है। मनोरंजन जगत के कलाकारों का मानना है कि शिकायत होने पर भी कलाकार को सार्वजनिक मंच पर अपमानित करना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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