22 अक्टूबर 2026
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इला अरुण का दलेर मेहंदी के समर्थन में बयान, 'कुंजापुरी मंच पर जो हुआ वो अपमानजनक था'

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इला अरुण का दलेर मेहंदी के समर्थन में बयान, 'कुंजापुरी मंच पर जो हुआ वो अपमानजनक था'

सारांश

कुंजापुरी मेले में 18 अक्टूबर को दलेर मेहंदी की प्रस्तुति रोके जाने पर मनोरंजन जगत में आक्रोश जारी है। इला अरुण ने सीधे शब्दों में कहा — 'आपका अपमान हमारा अपमान है।' यह विवाद अब सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि कलाकारों की गरिमा के व्यापक सवाल का रूप ले रहा है।

मुख्य बातें

गायिका और अभिनेत्री इला अरुण ने 22 अक्टूबर 2026 को दलेर मेहंदी के समर्थन में बयान दिया।
18 अक्टूबर को उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान कथित तौर पर रुकावट डाली गई।
उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल पर कथित तौर पर दलेर को मंच से रोकने का आरोप है।
इला ने आयोजकों की जिम्मेदारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले को निजी तौर पर पर्दे के पीछे सुलझाया जाना चाहिए था।
मनोरंजन जगत के कई कलाकारों ने दलेर के समर्थन में आवाज़ उठाई है।

अभिनेत्री और गायिका इला अरुण ने 22 अक्टूबर 2026 को गायक दलेर मेहंदी के समर्थन में मुखर होकर कहा कि उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में 18 अक्टूबर को मंच पर उनके साथ जो व्यवहार किया गया, वह पूरी तरह अपमानजनक और निंदनीय था। मनोरंजन जगत में दलेर के प्रति एकजुटता की लहर में इला की यह टिप्पणी सबसे सशक्त आवाज़ों में से एक बनकर सामने आई है।

इला अरुण का पूरा बयान

इला अरुण ने कहा, 'हमारा फिल्म उद्योग, दर्शक और संगीत जगत के लोग बहुत दुखी और नाराज हैं। दलेर मेहंदी हमारे लिए सिर्फ एक करीबी दोस्त ही नहीं, बल्कि भाई की तरह हैं। वह एक दिग्गज कलाकार हैं। सूफी और पंजाबी संगीत को लोकप्रिय बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है।' उन्होंने कहा कि भले ही उन्हें वहाँ की पूरी घटना का सटीक ब्यौरा नहीं पता, पर जिस तरह से दलेर पर आरोप लगाए गए और उनसे बात की गई, वह किसी भी दृष्टि से उचित नहीं था।

आयोजकों की जिम्मेदारी पर सवाल

इला ने तर्क दिया कि यदि आयोजकों या प्रायोजकों को गायक की स्थिति को लेकर कोई चिंता थी, तो उन्हें सबके सामने मंच पर यह मुद्दा उठाने के बजाय उनके सचिव से निजी तौर पर बात करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, 'वे कह सकते थे कि शायद वह परफॉर्म करने की स्थिति में नहीं हैं। यह आयोजकों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसी स्थितियों को सही ढंग से संभालें और सभी का ख्याल रखें।'

गायिका ने कलाकारों की संवेदनशील प्रकृति का उल्लेख करते हुए इस घटना के संभावित गंभीर परिणामों की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा, 'दलेर भाईजी के लाखों प्रशंसक और फॉलोअर्स हैं। अगर उन्हें हार्ट अटैक आ जाता तो क्या होता? वह इतने महान कलाकार हैं।'

कुंजापुरी मेला विवाद: क्या हुआ था

18 अक्टूबर को उत्तराखंड के टिहरी जिले में कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान रुकावट डाली गई। बताया जा रहा है कि उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक सुबोध उनियाल ने उन्हें परफॉर्म करने से कथित तौर पर रोक दिया। उनियाल का आरोप था कि देवी दुर्गा को समर्पित इस धार्मिक आयोजन में दलेर मेहंदी कथित तौर पर नशे की हालत में मंच पर आए थे। दलेर के पक्ष से इन आरोपों पर अलग रुख सामने आया है और मनोरंजन जगत के कई कलाकार उनके समर्थन में उतर आए हैं।

दलेर से सीखे सम्मान के मूल्य

इला अरुण ने दलेर मेहंदी के साथ अपने व्यक्तिगत संबंध का ज़िक्र करते हुए कहा कि उन्होंने उनसे सम्मान और दर्शकों के साथ कलाकार के रिश्ते की अहमियत सीखी है। उन्होंने कहा, 'मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने मुझे सिखाया है कि सम्मान सबसे जरूरी चीज है और एक कलाकार के लिए सबसे बड़ी दौलत उसके दर्शकों और सुनने वालों का प्यार है।'

साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यदि कोई कलाकार ठीक नहीं है, तो उसे परफॉर्म नहीं करना चाहिए — लेकिन इस पूरी स्थिति को संभालने का तरीका गलत था।

एकजुटता का संदेश

इला अरुण ने दलेर मेहंदी को सीधा संदेश देते हुए कहा, 'मैं दलेर से कहना चाहूंगी कि आप इसे दिल पर न लें। आपका दिल बहुत बड़ा है। आपका अपमान हमारा अपमान है। हम आपके साथ खड़े हैं।' इस विवाद के बाद मनोरंजन जगत के अनेक कलाकारों ने दलेर मेहंदी के साथ एकजुटता जताई है और मंच पर हुए बर्ताव पर सार्वजनिक रूप से चिंता व्यक्त की है। आने वाले दिनों में यह विवाद और व्यापक रूप ले सकता है, क्योंकि कलाकार वर्ग सार्वजनिक आयोजनों में गरिमा और सम्मानजनक व्यवहार की माँग के साथ एकजुट दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सामूहिक चिंता के रूप में देख रहा है। मुख्यधारा की कवरेज 'शराब बनाम गरिमा' की बहस में उलझी है, जबकि असली सवाल यह है कि सार्वजनिक आयोजनों में कलाकारों के साथ विवाद को निजी तौर पर नहीं, बल्कि कैमरे के सामने क्यों सुलझाया जाता है — और इसमें राजनीतिक पद की क्या भूमिका है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी के साथ क्या हुआ था?
18 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड के टिहरी जिले में कुंजापुरी मेले के दौरान दलेर मेहंदी की प्रस्तुति में कथित तौर पर रुकावट डाली गई। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक सुबोध उनियाल ने आरोप लगाया कि देवी दुर्गा को समर्पित इस धार्मिक आयोजन में दलेर कथित तौर पर नशे की हालत में मंच पर आए थे।
इला अरुण ने दलेर मेहंदी के समर्थन में क्या कहा?
इला अरुण ने कहा कि मंच पर दलेर मेहंदी के साथ जो हुआ वह अपमानजनक और निंदनीय था। उन्होंने कहा कि आयोजकों को कोई भी चिंता सबके सामने नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे निजी तौर पर सुलझानी चाहिए थी और साथ ही कहा — 'आपका अपमान हमारा अपमान है।'
इला अरुण का दलेर मेहंदी से क्या संबंध है?
इला अरुण ने दलेर मेहंदी को 'भाई' की संज्ञा दी और कहा कि उनसे सम्मान तथा कलाकार-दर्शक संबंध की अहमियत सीखी है। वह उन्हें सूफी और पंजाबी संगीत को लोकप्रिय बनाने में अहम योगदान देने वाला दिग्गज कलाकार मानती हैं।
मनोरंजन जगत ने इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
इला अरुण सहित मनोरंजन जगत के कई कलाकारों ने दलेर मेहंदी के समर्थन में आवाज़ उठाई है। सभी ने मंच पर सबके सामने हुए बर्ताव पर चिंता जताई है और आयोजकों की जिम्मेदारी पर सवाल किए हैं।
क्या दलेर मेहंदी को परफॉर्म नहीं करना चाहिए था?
इला अरुण ने स्वयं माना कि यदि कोई कलाकार ठीक नहीं है तो उसे मंच पर नहीं जाना चाहिए, लेकिन उनका जोर इस बात पर था कि इस पूरी स्थिति को जिस तरह से सार्वजनिक रूप से संभाला गया, वह तरीका गलत था। उनके अनुसार आयोजकों को कलाकार के सचिव से निजी तौर पर बात करनी चाहिए थी।
राष्ट्र प्रेस
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