10 अगस्त 2026
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क्या दीनानाथ मंगेशकर जयंती पर उनकी विरासत को याद करना चाहिए?

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क्या दीनानाथ मंगेशकर जयंती पर उनकी विरासत को याद करना चाहिए?

सारांश

दीनानाथ मंगेशकर, भारतीय संगीत जगत के पितामह, ने छोटी उम्र में ही संगीत की शिक्षा लेना शुरू किया। उनके योगदान ने उन्हें न केवल गायक बल्कि अभिनेता के रूप में भी स्थापित किया। उनकी कहानी हमें यह सिखाती है कि कैसे संगीत की एक मजबूत नींव से एक परिवार का नाम अमर हो जाता है।

मुख्य बातें

दीनानाथ मंगेशकर का जन्म 29 दिसंबर 1900 को हुआ था।
उन्होंने 5 वर्ष की उम्र में संगीत की शिक्षा लेना शुरू किया।
उनकी आवाज़ और अभिनय ने उन्हें प्रसिद्धि दिलाई।
उन्होंने बलवंत संगीत नाटक मंडली की स्थापना की।
उनका योगदान आज भी संगीत प्रेमियों को प्रेरित करता है।

मुंबई, 28 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। जब भारतीय संगीत की बात आती है, तो अक्सर मंगेशकर परिवार का नाम सबसे पहले आता है, खासकर स्वर कोकिला लता मंगेशकर का। लेकिन इस संगीत की विरासत की नींव उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर ने रखी। वह न केवल एक उत्कृष्ट गायक थे, बल्कि मराठी रंगमंच के एक प्रमुख अभिनेता और संगीत नाटक की दुनिया में एक महत्वपूर्ण नाम भी थे।

कम लोग जानते हैं कि दीनानाथ मंगेशकर का संगीत सफर बहुत छोटी उम्र में शुरू हुआ था, जिसने उन्हें मराठी संगीत के शीर्ष कलाकारों में स्थान दिलाया।

उनका जन्म 29 दिसंबर 1900 को गोवा के मंगेशी गांव में हुआ। उनके पिता, गणेश भट्ट हार्डीकर, उस स्थान के प्रसिद्ध मंदिर के पुजारी थे, जबकि उनकी मां, येसुबाई, एक कुशल गायिका थीं। संगीत की शिक्षा उन्हें अपनी मां से मिली। उन्होंने अपने गांव के नाम पर मंगेशकर उपनाम रखा, जो आगे चलकर इतिहास बन गया।

दीनानाथ ने केवल 5 वर्ष की आयु में संगीत की विधिवत शिक्षा लेनी शुरू कर दी थी। इस छोटी उम्र में उनकी सुर और लय की समझ ने सभी को चौंका दिया। कहा जाता है कि उनकी आवाज इतनी सटीक थी कि लोग उन्हें सुनकर पहचानने लगे थे। उन्होंने बाबा माशेलकर, पंडित रामकृष्ण बुआ वजे, और पंडित सुखदेव प्रसाद जैसे महान गुरुओं से संगीत सीखा।

कम उम्र में ही उनका झुकाव मराठी रंगमंच की ओर हो गया। उन्होंने किर्लोस्कर नाटक मंडली में काम करना शुरू किया और वहां अपने गायन और अभिनय से सबका ध्यान खींचा।

1918 में उन्होंने बलवंत संगीत नाटक मंडली की स्थापना की, जहां उन्होंने कई ऐतिहासिक और सामाजिक नाटकों का मंचन किया।

दीनानाथ ने सिनेमा की दुनिया में भी कदम रखा और 1930 के दशक में तीन फ़िल्में बनाई, जिनमें सबसे प्रसिद्ध 'कृष्णार्जुन युद्ध' थी।

निजी जीवन में, दीनानाथ ने दो बहनों से विवाह किया। उनकी पहली पत्नी नर्मदाबेन थीं, जिनकी 1926 में मृत्यु हो गई। इसके बाद उन्होंने नर्मदा की बहन साधुमती से विवाह किया, जिससे उनके पांच बच्चे हुए।

दीनानाथ का निधन 24 अप्रैल 1942 को मात्र 41 वर्ष की आयु में हुआ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीनानाथ मंगेशकर का जन्म कब हुआ?
उनका जन्म 29 दिसंबर 1900 को गोवा के मंगेशी गांव में हुआ।
दीनानाथ मंगेशकर ने संगीत की शिक्षा किससे ली?
उन्होंने अपनी मां येसुबाई से संगीत की शिक्षा प्राप्त की।
दीनानाथ मंगेशकर ने कौन-कौन सी फिल्में बनाई?
उन्होंने 1930 के दशक में तीन फिल्में बनाई, जिनमें सबसे प्रसिद्ध 'कृष्णार्जुन युद्ध' थी।
दीनानाथ मंगेशकर का परिवार कौन-कौन है?
उनकी पत्नी साधुमती और उनकी चार बेटियां लता, मीना, आशा, उषा और एक बेटा हृदयनाथ हैं।
दीनानाथ मंगेशकर का निधन कब हुआ?
उनका निधन 24 अप्रैल 1942 को हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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