क्या दिल्ली: एनसीसी कैंप में मिस यूनिवर्स मनिका विश्वकर्मा ने कैडेट्स को प्रेरित किया?
सारांश
Key Takeaways
- मनिका का एनसीसी कैंप में स्वागत
- अनुशासन और आत्मविश्वास का महत्व
- युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत
- सामाजिक सरोकारों पर ध्यान
- मिस यूनिवर्स का सफर
नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली कैंट के एनसीसी कैंप में एक खास उत्सव का माहौल था, जब मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 मनिका विश्वकर्मा वहां आईं। उन्होंने न केवल कैडेट्स के साथ अपने अनुभव साझा किए, बल्कि उनके सभी प्रश्नों का उत्तर भी दिया। उन्होंने कैडेट्स को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा भी दी।
मनिका के पहुंचते ही उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उन्होंने कैडेट्स से खुलकर बातचीत की और उनके प्रशिक्षण, दिनचर्या और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। कैडेट्स ने उनसे करियर, आत्मविश्वास, मंच के डर और असफलताओं से निपटने जैसे प्रश्न पूछे। मनिका ने सभी सवालों का उत्तर सहजता से दिया।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में मनिका ने कहा, "यहां कई लोग मेरे बैचमेट हैं। उनमें जिम्मेदारी की भावना, जुनून और इरादे की मजबूती है। मैं पहले भी यहां आ चुकी हूं और आज फिर एक मेहमान के रूप में आई हूं। जो मैं देख रही हूं, वे भारत के मजबूत और काबिल नागरिक हैं।"
मनिका ने आगे कहा, "एनसीसी से मिलने वाला अनुशासन और आत्मविश्वास जीवन के हर क्षेत्र में सहायक होते हैं। जो आज कैडेट हैं, वही कल भारत की ताकत बनेंगे। मैं यहां के लोगों में वही अनुशासन और आत्मविश्वास देख रही हूं। एनसीसी के माध्यम से हमने जो मूल्य सीखे हैं, वे एक जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करते हैं।"
मनिका विश्वकर्मा के सफर की बात करें, तो वह आज लाखों युवाओं के लिए एक मिसाल हैं। राजस्थान के श्रीगंगानगर में जन्मी मनिका एक साधारण परिवार से आती हैं। उनकी मां एक शिक्षिका हैं, जिन्होंने बचपन से ही उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
चार साल की उम्र में फिल्म 'मैं हूं ना' में सुष्मिता सेन को देखकर मनिका ने ठान लिया था कि वह भी एक दिन इस मंच तक पहुंचेंगी।
मनिका ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने क्लासिकल डांस, पेंटिंग और स्केचिंग में भी रुचि दिखाई। उन्होंने इंडिया आर्ट फेयर जैसे बड़े मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन किया है। सामाजिक सरोकारों से जुड़ते हुए उन्होंने 'न्यूरो नोवा' नाम से एक पहल भी शुरू की, जिसका उद्देश्य अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (एडीएचडी) और न्यूरोडायवर्जेंस के बारे में जागरूकता फैलाना है।
मनिका ने मिस यूनिवर्स राजस्थान 2024 का खिताब जीता और फिर 18 अगस्त 2025 को जयपुर में आयोजित ग्रैंड फिनाले में मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 बनीं। इसके बाद उन्होंने थाईलैंड में आयोजित मिस यूनिवर्स 2025 प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया और टॉप 30 तक का सफर तय किया।