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'मैंने प्यार किया' में पहले चुने गए थे फराज खान, बीमारी ने छीना मौका — मुश्किल घड़ी में सलमान बने सहारा

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'मैंने प्यार किया' में पहले चुने गए थे फराज खान, बीमारी ने छीना मौका — मुश्किल घड़ी में सलमान बने सहारा

सारांश

'मैंने प्यार किया' में पहली पसंद थे फराज खान — पर पीलिया ने वह मौका छीन लिया जो सलमान खान को मिला। दशकों बाद, जब फराज वेंटिलेटर पर थे, सलमान ने उनके मेडिकल बिल भरे। किस्मत के एक मोड़ और इंसानियत की एक मिसाल की कहानी।

मुख्य बातें

फराज खान को 'मैंने प्यार किया' के लिए पहले चुना गया था, लेकिन पीलिया के कारण वह फिल्म नहीं कर सके।
यह भूमिका बाद में सलमान खान को मिली, जो उनके करियर का निर्णायक मोड़ बनी।
फराज खान का जन्म 27 मई 1970 को मुंबई में हुआ; वह अभिनेता यूसुफ खान (जिबिस्को) के बेटे थे।
1998 की फिल्म 'मेहंदी' (साथ में रानी मुखर्जी) ने उन्हें सबसे अधिक पहचान दिलाई।
2020 में गंभीर बीमारी के दौरान सलमान खान ने उनके मेडिकल बिल भरे — जानकारी कश्मीरा शाह ने साझा की।
4 नवंबर 2020 को बेंगलुरु में उनका निधन हो गया।

बॉलीवुड के दिवंगत अभिनेता फराज खान की ज़िंदगी की कहानी उन अनकही दास्तानों में से एक है, जो सिनेमा के चमकते परदे के पीछे छुपी रह जाती हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि 1989 में आई सुपरहिट फिल्म 'मैंने प्यार किया' के लिए सबसे पहले फराज खान को ही चुना गया था, लेकिन शूटिंग से पहले ही बीमारी ने उनका यह सपना छीन लिया। वही भूमिका बाद में सलमान खान को मिली और उनका करियर सितारों की बुलंदी पर पहुँच गया। इस कहानी का एक और मार्मिक पहलू यह है कि दशकों बाद, जब फराज खान जीवन और मृत्यु के बीच जूझ रहे थे, तब सलमान खान ही उनकी मदद के लिए आगे आए।

फराज खान: पृष्ठभूमि और शुरुआती सफर

फराज खान का जन्म 27 मई 1970 को मुंबई में हुआ था। वह अभिनेता यूसुफ खान के बड़े बेटे थे, जो फिल्म इंडस्ट्री में 'जिबिस्को' के नाम से जाने जाते थे और कई फिल्मों में अपनी मज़बूत उपस्थिति दर्ज करा चुके थे। फिल्मी माहौल में पले-बढ़े फराज का बचपन से ही अभिनय की दुनिया में कदम रखने का सपना था।

'मैंने प्यार किया' और वह अधूरा मौका

जब निर्देशक सूरज बड़जात्या अपनी फिल्म 'मैंने प्यार किया' के लिए नए चेहरे की तलाश कर रहे थे, तब ऑडिशन में सलमान खान और दीपक तिजोरी समेत कई युवा अभिनेता शामिल हुए थे। बताया जाता है कि बड़जात्या को फराज खान सबसे अधिक पसंद आए और उन्हें लगभग चुन भी लिया गया था। लेकिन शूटिंग शुरू होने से पहले ही फराज को पीलिया हो गया। लंबे इलाज के कारण वह इस फिल्म का हिस्सा नहीं बन सके, और यह भूमिका सलमान खान को मिल गई — जो उनके करियर का निर्णायक मोड़ साबित हुई।

बॉलीवुड में देर से आगमन और मिली-जुली सफलता

फराज खान ने आखिरकार 1996 में फिल्म 'फरेब' से बॉलीवुड में कदम रखा। इस फिल्म में सुमन रंगनाथन और मिलिंद गुनाजी भी थे, और गाना 'तेरी आंखें झुकी-झुकी' खासा लोकप्रिय हुआ। इसके बाद वह 'पृथ्वी' में सुनील शेट्टी के साथ नज़र आए।

1998 में आई फिल्म 'मेहंदी' ने उन्हें पहचान दिलाई, जिसमें रानी मुखर्जी उनके साथ थीं। दहेज जैसी सामाजिक समस्या पर आधारित इस फिल्म में फराज ने एक लालची पति का किरदार निभाया, जो उस दौर में काफी चर्चित रहा। हालाँकि यह पहचान उनके करियर को आगे नहीं ले जा सकी। 'दुल्हन बनूं मैं तेरी', 'दिल ने फिर याद किया' और 'चांद बुझ गया' जैसी फिल्मों में काम करने के बावजूद बड़ी सफलता उनसे दूर रही। धीरे-धीरे फिल्मों में काम कम होने पर उन्होंने टेलीविज़न की ओर रुख किया और 'लिपस्टिक', 'अचानक 37 साल बाद' तथा 'श्श्श्श...कोई है' जैसे शोज़ में नज़र आए।

बीमारी और सलमान खान की मदद

2020 में फराज खान की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। वह न्यूरोलॉजिकल बीमारी और सीने के संक्रमण से जूझ रहे थे। उन्हें बेंगलुरु के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ वह वेंटिलेटर पर रहे। परिवार को इलाज के लिए आर्थिक मदद की ज़रूरत पड़ी। अभिनेत्री पूजा भट्ट ने सोशल मीडिया पर मदद की अपील की, जिसके बाद सलमान खान ने आगे आकर फराज के मेडिकल बिल भरे। इस जानकारी को अभिनेत्री कश्मीरा शाह ने सोशल मीडिया पर साझा किया था।

निधन और विरासत

डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद फराज खान को नहीं बचाया जा सका। 4 नवंबर 2020 को उनका निधन हो गया। उनकी कहानी बॉलीवुड की उस कड़वी सच्चाई की याद दिलाती है, जहाँ किस्मत का एक मोड़ पूरे करियर की दिशा बदल देता है — और जहाँ कभी-कभी इंसानियत, शोहरत से बड़ी साबित होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसी के एक सितारे ने मरते वक्त उनका हाथ थामा। फराज का करियर यह भी याद दिलाता है कि 90 के दशक में 'मेहंदी' जैसी सामाजिक फिल्मों में अच्छे किरदार निभाने के बावजूद इंडस्ट्री ने उन्हें वह मंच नहीं दिया जिसके वे हकदार थे। सलमान खान की मदद एक व्यक्तिगत उदारता थी — लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या इंडस्ट्री के पास ऐसे कलाकारों के लिए कोई संस्थागत सहारा है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मैंने प्यार किया' के लिए फराज खान को क्यों नहीं चुना गया?
बताया जाता है कि निर्देशक सूरज बड़जात्या ने फराज खान को फिल्म के लिए लगभग चुन लिया था, लेकिन शूटिंग शुरू होने से पहले फराज को पीलिया हो गया और लंबे इलाज के कारण वह फिल्म नहीं कर सके। इसके बाद यह भूमिका सलमान खान को मिली।
सलमान खान ने फराज खान की मदद कैसे की?
2020 में फराज खान बेंगलुरु के एक अस्पताल में वेंटिलेटर पर थे और परिवार को आर्थिक मदद की ज़रूरत थी। पूजा भट्ट की सोशल मीडिया अपील के बाद सलमान खान ने आगे आकर फराज के मेडिकल बिल भरे, जिसकी जानकारी कश्मीरा शाह ने सोशल मीडिया पर दी थी।
फराज खान की सबसे चर्चित फिल्म कौन सी थी?
1998 में आई फिल्म 'मेहंदी' ने फराज खान को सबसे अधिक पहचान दिलाई, जिसमें रानी मुखर्जी उनके साथ थीं। दहेज जैसी सामाजिक समस्या पर आधारित इस फिल्म में उन्होंने एक लालची पति का किरदार निभाया था।
फराज खान का निधन कब और कैसे हुआ?
4 नवंबर 2020 को फराज खान का निधन हुआ। वह न्यूरोलॉजिकल बीमारी और सीने के संक्रमण से जूझ रहे थे और बेंगलुरु के एक अस्पताल में वेंटिलेटर पर थे। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
फराज खान कौन थे और उनका परिवार कैसा था?
फराज खान का जन्म 27 मई 1970 को मुंबई में हुआ था। वह अभिनेता यूसुफ खान के बड़े बेटे थे, जो फिल्म इंडस्ट्री में 'जिबिस्को' के नाम से जाने जाते थे। फराज ने 1996 में फिल्म 'फरेब' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था।
राष्ट्र प्रेस
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