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क्या 'लोग क्या कहेंगे'... इस दबाव से हटकर बच्चों के बारे में सोचें माता-पिता? : गिरिजा ओक

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क्या 'लोग क्या कहेंगे'... इस दबाव से हटकर बच्चों के बारे में सोचें माता-पिता? : गिरिजा ओक

सारांश

गिरिजा ओक की नई वेब सीरीज 'परफेक्ट फैमिली' में माता-पिता की सोच और बच्चों के भावनात्मक स्वास्थ्य पर जोर दिया गया है। क्या आप जानते हैं कि कैसे माता-पिता समाज के दबाव से मुक्त होकर अपने बच्चों के प्रति बेहतर निर्णय ले सकते हैं?

मुख्य बातें

मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
बच्चों की भावनाओं को समझें।
समाज के दबाव से मुक्त होकर सोचें।
भावनात्मक चोट को समझें।
सीरीज में मनोरंजन और सीख का संतुलन है।

मुंबई, 23 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक समझ के प्रति जागरूकता में वृद्धि हो रही है। इस क्रम में, पंकज त्रिपाठी और मोहित छाबड़ा ने वेब सीरीज 'परफेक्ट फैमिली' पेश की है, जो दर्शकों को खुद और अपने परिवार को बेहतर ढंग से समझने में सहायता करती है। इस सीरीज में अभिनेत्री गिरिजा ओक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

रविवार को मेकर्स ने 'परफेक्ट फैमिली' का एक नया प्रोमो जारी किया, जिसमें गिरिजा ओक अपने पात्र नीति करकारिया के रूप में नजर आ रही हैं। प्रोमो से स्पष्ट है कि यह सीरीज केवल एक पारिवारिक कथा नहीं है, बल्कि यह बचपन की यादों, भावनाओं और उन अनकहे अनुभवों पर ध्यान केंद्रित करती है, जिन्हें हम बड़े होने पर समझते हैं।

इस शो में गिरिजा के साथ मनोज पाहवा, सीमा पाहवा, नेहा धूपिया और गुलशन देवैया जैसे कलाकार भी हैं, जो कहानी को और भी प्रभावशाली बनाते हैं। सभी कलाकार एक ऐसे परिवार के सदस्य के रूप में हैं, जिसकी कहानी कई दर्शकों को अपने घर की याद दिला सकती है।

गिरिजा ओक ने इस सीरीज के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि बचपन का ट्रॉमा, यानी भावनात्मक चोट, बहुत अलग तरीके से काम करती है। जब बच्चा इसे जीता है, तब उसे यह महसूस नहीं होता कि वह किसी भारी अनुभव से गुजर रहा है। वह केवल उस समय की परिस्थितियों में खुद को संभालने की कोशिश कर रहा होता है।

उन्होंने कहा, "हर माता-पिता अपने बच्चे की भलाई के बारे में सोचते हैं, लेकिन कई बार वे समाज की राय या लोग क्या कहेंगे जैसी सोच में उलझ जाते हैं। यदि माता-पिता इस दबाव से मुक्त होकर केवल अपने बच्चे के हित में सोचें, तो वे समझेंगे कि उनके बच्चे के लिए क्या सही है और क्या नहीं। बच्चों की भावनाओं को समझना और सही निर्णय लेना बड़ों की जिम्मेदारी है।"

गिरिजा का कहना है कि आज के समय में माता-पिता अधिक जागरूक और भावनात्मक रूप से संवेदनशील हो रहे हैं। इसी कारण भविष्य में कम लोगों को बचपन से जुड़ी परेशानियों के लिए थेरेपी की आवश्यकता पड़ेगी।

गिरिजा ने बताया कि यह सीरीज उनके दिल के काफी करीब है। स्क्रिप्ट पढ़ते समय उन्हें लगा कि यह किसी कहानी की किताब जैसी है। पहले कुछ एपिसोड पढ़ते ही ऐसा लगा मानो वे किसी अच्छी नॉवेल में डूब गई हों।

उन्होंने कहा, "गंभीर और कड़वी बातों को दर्शकों तक पहुंचाने के लिए हमें थोड़ी 'मीठी परत' में पेश करना जरूरी होता है और इस स्क्रिप्ट ने यही काम बहुत खूबसूरती से किया है। कहानी मनोरंजक भी है और सोचने पर मजबूर भी करती है। यही वह संतुलन है, जिसकी वजह से मैंने इस शो को करने का निर्णय लिया।"

शूटिंग के अनुभव को साझा करते हुए गिरिजा ने कहा, "जब हम थेरेपी वाले सीन तक पहुंचे, तब तक क्रू एक असली परिवार जैसी बन चुकी थी। सेट पर मजाक और बातचीत का माहौल इतना सहज था कि काम बोझ नहीं बल्कि एक सुखद अनुभव जैसा लग रहा था। दोस्ताना माहौल की वजह से भावनात्मक सीन्स को निभाना भी आसान हो गया।"

'परफेक्ट फैमिली' सीरीज 27 नवंबर को जार सीरीज के यूट्यूब चैनल पर रिलीज होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसके साथ ही माता-पिता के नजरिए में भी बदलाव आ रहा है। गिरिजा ओक की यह सीरीज दर्शकों को यह समझने में मदद करती है कि मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक समझ कितनी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिरिजा ओक की नई सीरीज कब रिलीज होगी?
यह सीरीज 27 नवंबर को जार सीरीज के यूट्यूब चैनल पर रिलीज होगी।
क्या सीरीज केवल पारिवारिक कहानी है?
नहीं, यह बचपन की यादों, भावनाओं और अनुभवों पर भी चर्चा करती है।
क्या माता-पिता को समाज के दबाव से मुक्त होना चाहिए?
हां, माता-पिता को अपने बच्चों के हित में सोचने की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
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