गुरु रंधावा का 'फाइन शिट' पर जवाब: 'यह बस एक स्लैंग है, कोई नकारात्मकता नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
सिंगर गुरु रंधावा का नया गाना 'फाइन शिट' रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर विवाद का केंद्र बन गया। लिरिक्स, म्यूजिक और वीडियो की प्रस्तुति को लेकर बड़ी संख्या में यूजर्स ने आपत्ति जताई, जिसके बाद 10 अगस्त 2026 को गुरु रंधावा ने खुद इंस्टाग्राम पर सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गाने में कोई नकारात्मक भाव नहीं है।
गुरु रंधावा की सफाई
गुरु रंधावा ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के कैप्शन में लिखा, 'मैं मानता हूं कि मैं ऐसे गाने बनाता हूं जो आपके दिमाग में बार-बार चलते रहते हैं। जो गाने बन रहे हैं, वो मुझे अच्छे लग रहे हैं। इसमें कोई नकारात्मक भावनाएं नहीं हैं। ये बस एक छोटी सी स्लैंग है। शांत हो जाओ, शांत हो जाओ, शांत हो जाओ दोस्तों।' यह पहली बार है जब उन्होंने इस गाने को लेकर उठ रहे सवालों पर सीधे प्रतिक्रिया दी है।
म्यूजिक वीडियो का माहौल और विवाद
'फाइन शिट' का म्यूजिक वीडियो एक कॉर्पोरेट ऑफिस के माहौल में फिल्माया गया है, जिसमें गुरु रंधावा एक सीनियर प्रोफेशनल के किरदार में नजर आते हैं और उनके आसपास महिला सहकर्मी डांस करती दिखती हैं। वीडियो की शुरुआत एक हल्के-फुल्के डिस्क्लेमर से होती है, जिसमें बताया गया है कि सभी कलाकार 18 वर्ष से अधिक आयु के हैं और कहानी पूरी तरह काल्पनिक है। मजाकिया अंदाज में दर्शकों को यह भी सलाह दी गई है कि वे ऑफिस में वीडियो के डांस स्टेप्स दोहराने से बचें, अन्यथा एचआर कार्रवाई कर सकता है।
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
गाने के सामने आने के बाद यूजर्स दो खेमों में बंट गए। कुछ ने इसे 'नॉइज पॉल्यूशन' करार दिया और गुरु रंधावा की तुलना सिंगर टोनी कक्कड़ से की। कई यूजर्स ने वीडियो में महिला कर्मचारियों की प्रस्तुति पर भी नाराजगी जताई। दूसरी ओर, कुछ प्रशंसकों ने गाने को सराहा और इसे गुरु रंधावा का सफल कमबैक बताया।
गाने की टीम
'फाइन शिट' को गुरु रंधावा और यश्वी देसाई ने गाया है। गाने के बोल गुरु रंधावा और गुरजीत गिल ने लिखे हैं। म्यूजिक वीडियो में रूही दोसानी, डिविनिटी बिष्ट, अर्शिया सिन्हा, रायमा ग्रोवर और मेहर कौर भी नजर आती हैं।
पहले भी उठ चुके हैं ऐसे सवाल
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब गुरु रंधावा किसी गाने को लेकर आलोचना के घेरे में आए हों। इससे पहले उनके गाने 'अजुल' पर भी विवाद हुआ था, जब कुछ यूजर्स ने आरोप लगाया था कि उसमें शिक्षक और छात्र के बीच अनुचित रिश्ते को गलत तरीके से दर्शाया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाबी और हिंदी पॉप संगीत में लिरिक्स की जिम्मेदारी को लेकर व्यापक बहस चल रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि दर्शकों की प्रतिक्रिया गाने की लोकप्रियता को किस दिशा में ले जाती है।