हकाभा गढ़वी सड़क हादसे में बाल-बाल बचे, हिंगलाज माता मंदिर से लौटते वक्त फॉर्च्यूनर पानी में गिरी
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के प्रसिद्ध लोक साहित्यकार और हास्य कलाकार हकाभा गढ़वी 27 जुलाई को एक गंभीर सड़क हादसे में बाल-बाल बच गए। यह हादसा सुरेंद्रनगर जिले के ध्रांगध्रा के निकट पीपला गाँव स्थित हिंगलाज माता मंदिर से दर्शन कर लौटते समय हुआ, जब उनकी फॉर्च्यूनर कार पिपला और बैसबाग गाँव के पास पानी में जा गिरी। साथ मौजूद दोस्तों की तत्काल मदद से सभी सुरक्षित बाहर निकल सके।
हादसे का घटनाक्रम
हकाभा गढ़वी अपने दोस्तों के साथ हिंगलाज माताजी मंदिर में दर्शन के लिए गए थे। वापसी के दौरान उनकी गाड़ी के सामने अचानक एक सांप आ गया। सांप को बचाने के लिए गाड़ी मोड़नी पड़ी, जिसके चलते वाहन नदी के किनारे एक गड्ढ़े में जा गिरा।
हकाभा ने मीडिया से बातचीत में बताया, 'मैं हिंगलाज माता रानी के दर्शन करके वापस आ रहा था। रास्ते में मेरी गाड़ी के सामने एक सांप आ गया था। उसे बचाने के चक्कर में गाड़ी को घुमाना पड़ा, जिससे हमारी गाड़ी नदी के गड्ढ़े के पास जा गिरी। गिरने के दौरान हमें लग रहा था कि बचना मुश्किल है, लेकिन भगवती मैया के आशीर्वाद से ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।'
दोस्तों ने बचाई जान
हादसे के वक्त हकाभा गढ़वी के साथ उनके दोस्त भी मौजूद थे। उन्होंने तुरंत मदद की और सभी को सुरक्षित गाड़ी से बाहर निकाला। हकाभा ने इसे हिंगलाज माता रानी की कृपा बताया और कहा, 'जो भी हुआ, शायद अच्छे के लिए ही हुआ।'
प्रशासन की चेतावनी और सबक
गौरतलब है कि हादसे से पहले स्थानीय प्रशासन लगातार लोगों को तेज बारिश के दौरान घर से न निकलने की चेतावनी दे रहा था। हकाभा ने स्वीकार किया कि उन्होंने इस चेतावनी को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा, 'प्रशासन पहले से ही लोगों को लगातार चेतावनी दे रहा था कि अगर तेज बारिश हो रही है, तो घर से नहीं निकलना चाहिए। हमने भी उनकी बात को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया।'
जनता से अपील
इस हादसे के बाद हकाभा गढ़वी ने सभी लोगों से अपील की कि वे सरकार और प्रशासन की सुरक्षा सलाह का पालन करें। उन्होंने कहा, 'अगर रात में तेज बारिश हो रही हो, तो बिल्कुल बाहर न निकलें। पानी भरे रास्तों पर गाड़ी चलाने या पानी में आगे बढ़ने की कोशिश न करें। इस हादसे के बाद मुझे एहसास हुआ कि सरकार और प्रशासन जो चेतावनियाँ देते हैं, वे हमारी सुरक्षा के लिए ही होती हैं।' यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि मानसून के मौसम में सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक निर्देशों का पालन कितना ज़रूरी है।