हिमानी शिवपुरी का 80 के दशक का संघर्ष: मयूर विहार के किराए के फ्लैट से बस से जाती थीं मंडी हाउस
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को इंस्टाग्राम पर 80 के दशक की एक पुरानी तस्वीर साझा की, जिसमें वह अपने बेटे के साथ नज़र आ रही हैं। इस पोस्ट के ज़रिए उन्होंने उस दौर की यादें ताज़ा कीं जब वह दिल्ली के मयूर विहार में एक किराए के फ्लैट में रहते हुए थिएटर की दुनिया में अपनी जगह बना रही थीं।
मयूर विहार से मंडी हाउस तक का सफर
हिमानी शिवपुरी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वह एनएसडी रेपर्टरी कंपनी से जुड़ी थीं और हर रोज़ बस से मंडी हाउस जाती थीं। उन्होंने बताया कि उस दौर में एक साथ घर का काम संभालना, बेटे की परवरिश करना, रिहर्सल करना और परफॉर्मेंस देना — सब कुछ एक साथ चलता था।
अपनी पोस्ट में अभिनेत्री ने लिखा, 'सुप्रभात। 80 के दशक की एक फोटो शेयर कर रही हूं, तब मैं दिल्ली के मयूर विहार में एक किराए के फ्लैट में रहती थी। रोज बस से मंडी हाउस जाती थी, एनएसडी रेपर्टरी कंपनी में थिएटर करती थी, घर का काम संभालती थी और बेटे की परवरिश करती थी, रिहर्सल करती थी। वो संघर्ष का दौर था, लेकिन मैं खुश थी क्योंकि मैं वो कर रही थी जो मुझे पसंद था — थिएटर!'
100 से ज़्यादा फिल्मों का सफर
हिमानी शिवपुरी ने अपने करियर में 100 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है। उनकी प्रमुख फिल्मों में 'हम आपके हैं कौन', 'राजा', 'खामोशी', 'मीरा के गिरधर' और 'परदेश' शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने टेलीविजन पर भी अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया है।
नई पीढ़ी के दर्शक उन्हें मुख्यतः लोकप्रिय टीवी शो 'हप्पू की उलटन पलटन' की किरदार कटोरी अम्मा के रूप में पहचानते हैं, हालाँकि अभिनेत्री यह शो कुछ समय पहले छोड़ चुकी हैं।
सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी हैं हिमानी
अभिनय के अलावा हिमानी शिवपुरी ने उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित अपने पैतृक गाँव भटवाड़ी को गोद लिया है। वहाँ वह महिलाओं और बच्चों के सामाजिक व आर्थिक विकास के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम करती हैं।
संघर्ष और सुकून का वह दौर
यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड की कई हस्तियाँ अपने शुरुआती संघर्षों को सोशल मीडिया पर साझा कर प्रशंसकों से जुड़ रही हैं। हिमानी शिवपुरी की यह पोस्ट उन असंख्य महिला कलाकारों की कहानी को आवाज़ देती है जिन्होंने पारिवारिक ज़िम्मेदारियों और करियर की आकांक्षाओं के बीच संतुलन बनाते हुए अपनी पहचान बनाई। आगे भी उनसे इसी तरह की प्रेरणादायक बातें और सामाजिक कार्यों में सक्रियता की उम्मीद की जा सकती है।