आईएमपीपीए ने पीएम मोदी से की अपील, 'जन नायकन' की पायरेसी पर सख्त कार्रवाई की मांग

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आईएमपीपीए ने पीएम मोदी से की अपील, 'जन नायकन' की पायरेसी पर सख्त कार्रवाई की मांग

सारांश

अभिनेता विजय की फिल्म 'जन नायकन' का लीक होना फिल्म उद्योग के लिए चिंता का विषय है। आईएमपीपीए ने प्रधानमंत्री मोदी से पायरेसी के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील की है। जानें पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • 'जन नायकन' का लीक होना फिल्म उद्योग के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
  • आईएमपीपीए ने पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग की।
  • पायरेसी के कारण निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
  • फिल्म को सर्टिफिकेशन में देरी के कारण रिलीज में कठिनाई हो रही है।
  • फिल्म उद्योग के लिए सुरक्षित नियम बनाना आवश्यक है।

चेन्नई, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता विजय की आगामी फिल्म 'जन नायकन' का रिलीज से पहले ही इंटरनेट पर लीक होना निर्माताओं और फिल्म उद्योग के लिए चिंता का विषय बन गया है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईएमपीपीए) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की अपील की है। एसोसिएशन ने मांग की है कि इस तरह की घटनाओं के लिए जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

आईएमपीपीए के अध्यक्ष अभय सिन्हा ने पत्र में कहा, 'आज की फिल्म इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है और नई तकनीकों की ओर बढ़ रही है, लेकिन पायरेसी का पुराना मुद्दा अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। यह गंभीर चिंता का विषय है। जब तक इस समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक उद्योग को लगातार नुकसान झेलना पड़ेगा।'

अभय सिन्हा ने आगे कहा, 'आईएमपीपीए इस मुद्दे को पहले भी उठाता रहा है। हमने कई सरकारी विभागों और अधिकारियों को शिकायतें दी हैं, विशेषकर टेलीग्राम, टोरेंट वेबसाइट्स और तमिल रॉकर्स जैसे प्लेटफार्मों पर फिल्मों के अवैध प्रसारण के खिलाफ। लेकिन ये प्लेटफार्म बिना किसी डर के कार्य करते रहे हैं और निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं।'

पत्र में उल्लेख किया गया है कि फिल्म 'जन नायकन' काफी समय से तैयार है और इसे 9 जनवरी 2026 को रिलीज करने की योजना थी। इसे सर्टिफिकेशन के लिए भी भेजा गया था, लेकिन कई कानूनी कारणों के चलते इसे अब तक प्रमाणपत्र नहीं मिल पाया है। इस वजह से फिल्म की थिएटर में रिलीज लगातार टलती रही और दर्शकों तक यह आधिकारिक रूप से नहीं पहुंच सकी।

अभय सिन्हा ने कहा, 'सर्टिफिकेशन में देरी का सीधा असर फिल्म की रिलीज योजना और आर्थिक गणना पर पड़ता है। जब कोई फिल्म समय पर रिलीज नहीं होती, तो उसका जोखिम बढ़ जाता है। 'जन नायकन' के मामले में भी यही हुआ, जहां देरी के कारण फिल्म इंटरनेट पर लीक हो गई। इससे न केवल निर्माता को नुकसान हुआ, बल्कि फिल्म से जुड़े सभी लोगों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ा।'

इस मामले को ध्यान में रखते हुए आईएमपीपीए ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही यह सुझाव दिया कि फिल्मों को रिलीज से पहले सुरक्षित रखने के लिए मजबूत नियम और जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

पत्र के अंत में संस्था ने कहा, 'पायरेसी फिल्म उद्योग के अस्तित्व के लिए खतरा बनती जा रही है। इससे निवेश में कमी आती है, निर्माता हतोत्साहित होते हैं और उद्योग की प्रगति रुक जाती है। फिल्म उद्योग देश की अर्थव्यवस्था और 'मेक इन इंडिया' जैसे अभियानों में अहम योगदान देती है, इसलिए इसे सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है।'

Point of View

जो न केवल निर्माताओं को आर्थिक नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि यह पूरे उद्योग की प्रगति को भी प्रभावित कर रही है। प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग करना इस समस्या का एक गंभीर पहलू है।
NationPress
12/04/2026

Frequently Asked Questions

फिल्म 'जन नायकन' कब रिलीज होने वाली थी?
फिल्म 'जन नायकन' को 9 जनवरी 2026 को रिलीज करने की योजना थी।
आईएमपीपीए ने किससे हस्तक्षेप की अपील की है?
आईएमपीपीए ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की अपील की है।
पायरेसी का फिल्म उद्योग पर क्या प्रभाव पड़ता है?
पायरेसी से निर्माताओं को आर्थिक नुकसान होता है और यह उद्योग की प्रगति को रोकती है।
फिल्म 'जन नायकन' का सर्टिफिकेशन क्यों नहीं मिला?
कई कानूनी कारणों के चलते फिल्म 'जन नायकन' को अब तक सर्टिफिकेशन नहीं मिल पाया है।
आईएमपीपीए क्या कदम उठाना चाहती है?
आईएमपीपीए चाहता है कि पायरेसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और फिल्मों को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत नियम बनाए जाएं।
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