इस्माइल दरबार का यूट्यूब चैनल लॉन्च, बेटे जैद दरबार ने की पूरे प्रोजेक्ट की अगुवाई
सारांश
मुख्य बातें
मशहूर संगीतकार इस्माइल दरबार ने डिजिटल दुनिया में कदम रखते हुए अपना यूट्यूब चैनल लॉन्च किया है, और इस नई पारी में उनके बेटे जैद दरबार ने निर्देशक की भूमिका निभाई है। 1 जून 2026 को मुंबई से सामने आई इस खबर ने संगीत प्रेमियों के बीच उत्साह जगाया है। दशकों तक परदे के पीछे अपनी धुनों से करोड़ों दिलों को छूने वाले इस्माइल दरबार अब पहली बार कैमरे के सामने अपनी कहानी खुद सुनाएंगे।
नई डिजिटल पारी की शुरुआत
इस्माइल दरबार ने इस अनुभव को अपने करियर का एक अलग मोड़ बताया। उन्होंने कहा, 'अब तक मैं हमेशा संगीत के पीछे काम करता रहा हूं और लोगों ने मुझे मेरी धुनों और गीतों के ज़रिए जाना है। लेकिन इस बार कैमरे के सामने आना मेरे लिए बिल्कुल अलग अनुभव रहा। यह कदम मेरे लिए नया और चुनौतीपूर्ण ज़रूर है, लेकिन साथ ही बेहद रोमांचक भी है।' यह उनके प्रशंसकों के लिए भी एक नई खिड़की है, जो अब तक उनके जीवन के व्यक्तिगत पहलुओं से अनजान थे।
जैद दरबार की भूमिका और पिता-पुत्र का जुड़ाव
इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे भावनात्मक कड़ी है पिता-पुत्र की यह जोड़ी। इस्माइल दरबार ने बताया, 'इस पूरे चैनल की शुरुआत मेरे बेटे जैद दरबार ने की है। एक पिता के लिए इससे बड़ी खुशी शायद ही कोई और हो सकती है कि उसका बेटा उसके नए सफर का हिस्सा बने और उसे आगे बढ़ाने में मदद करे।' उन्होंने जोड़ा कि जैद ने केवल निर्देशन नहीं किया, बल्कि इस प्रोजेक्ट की आत्मा को भी गहराई से समझा। यह सहयोग उनके लिए महज एक पेशेवर काम नहीं, बल्कि एक गहरा भावनात्मक अनुभव बन गया।
फैंस से सीधे जुड़ने की चाहत
यूट्यूब चैनल शुरू करने के पीछे की सोच साझा करते हुए इस्माइल दरबार ने कहा, 'संगीत ने मुझे हमेशा लोगों के दिलों से जोड़े रखा है। लेकिन अब मैं अपने फैंस के साथ और भी करीब से जुड़ना चाहता हूं।' उनके अनुसार, यह प्लेटफॉर्म उन्हें अपने संघर्ष, सफलता और उन अनकहे अनुभवों को साझा करने का मौका देगा जिन्होंने उनके जीवन को आकार दिया। यह सिर्फ एक चैनल नहीं, बल्कि लाखों संगीत प्रेमियों से जुड़ने का एक नया माध्यम है।
परिवार और यादगार पल
इस्माइल दरबार ने इस पूरी यात्रा को पारिवारिक नज़दीकियों का ज़रिया भी बताया। उनके शब्दों में, 'जब आपका अपना बेटा आपके सपनों को नई पहचान देने के लिए पूरी मेहनत और समर्पण के साथ काम करता है, तो वह एहसास शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।' इस दौरान कई ऐसे पल आए जो उनकी स्मृतियों में हमेशा के लिए अंकित हो गए। यह डिजिटल सफर इस्माइल दरबार के लिए एक नई विरासत की नींव बनता दिख रहा है।