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जैकी श्रॉफ ने 'जुबली कुमार' राजेंद्र कुमार की जयंती और गीता दत्त की पुण्यतिथि पर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

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जैकी श्रॉफ ने 'जुबली कुमार' राजेंद्र कुमार की जयंती और गीता दत्त की पुण्यतिथि पर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

सारांश

जैकी श्रॉफ ने 20 जुलाई को एक ही दिन दो महान कलाकारों को याद किया — 'जुबली कुमार' राजेंद्र कुमार की जयंती और गायिका गीता दत्त की पुण्यतिथि पर इंस्टाग्राम स्टोरी के ज़रिए भावभीनी श्रद्धांजलि दी, जिसने हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम युग की यादें ताज़ा कर दीं।

मुख्य बातें

जैकी श्रॉफ ने 20 जुलाई 2025 को इंस्टाग्राम स्टोरी पर राजेंद्र कुमार और गीता दत्त दोनों को श्रद्धांजलि दी।
राजेंद्र कुमार का जन्म 20 जुलाई 1929 को हुआ था; उन्हें बॉक्स ऑफिस पर लगातार सफलता के कारण 'जुबली कुमार' कहा जाता था।
राजेंद्र कुमार का निधन 12 जुलाई 1999 को 69 वर्ष की आयु में हुआ।
गीता दत्त ( 23 नवंबर 1930 – 20 जुलाई 1972 ) ने 41 वर्ष की अल्पायु में दुनिया को अलविदा कहा।
जैकी की पोस्ट में मोहम्मद रफ़ी का गीत 'मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम' बैकग्राउंड में बजाया गया।

बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ ने 20 जुलाई 2025 को सोशल मीडिया के ज़रिए दो महान कलाकारों को एक साथ याद किया — दिग्गज अभिनेता राजेंद्र कुमार की जयंती पर और सुरों की मलिका गीता दत्त की पुण्यतिथि पर। इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा की गई इन पोस्ट्स ने फैंस के बीच पुराने हिंदी सिनेमा की यादें ताज़ा कर दीं।

राजेंद्र कुमार को जयंती पर नमन

जैकी श्रॉफ ने राजेंद्र कुमार की एक क्लासिक ब्लैक-एंड-व्हाइट तस्वीर इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट की। साथ में उन्होंने लिखा, 'राजेंद्र कुमार जी की जयंती पर उन्हें याद कर रहा हूं' — और हाथ जोड़ने वाली इमोजी भी लगाई। पोस्ट को और भावपूर्ण बनाने के लिए बैकग्राउंड में मोहम्मद रफ़ी का कालजयी गीत 'मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम' बजाया गया, जिसने उस स्वर्णिम युग की स्मृतियों को जीवंत कर दिया।

गौरतलब है कि राजेंद्र कुमार का जन्म 20 जुलाई 1929 को हुआ था। 1960 के दशक में उनकी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर एक के बाद एक सफलता के झंडे गाड़े, जिसके चलते उन्हें 'जुबली कुमार' की उपाधि मिली। 'मदर इंडिया', 'संगम', 'मेरे महबूब', 'सूरज', 'आरजू', 'गूंज उठी शहनाई', 'धूल का फूल' और 'झुक गया आसमान' जैसी फिल्में हिंदी सिनेमा की अमर धरोहर मानी जाती हैं। 12 जुलाई 1999 को 69 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।

गीता दत्त को पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि

उसी दिन जैकी श्रॉफ ने भारतीय फिल्म संगीत की अमर गायिका गीता दत्त को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने गीता दत्त की एक पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए उनका नाम और जन्म-निधन की तारीख — '23 नवंबर 1930 – 20 जुलाई 1972' — पोस्ट में अंकित की। इसके साथ भी उन्होंने हाथ जोड़ने वाली इमोजी का उपयोग किया।

गीता दत्त ने अपने करियर में 'वक्त ने किया क्या हसीं सितम', 'बाबूजी धीरे चलना', 'जाने क्या तूने कही', 'मेरा सुंदर सपना बीत गया' और 'ना जाओ सैंया छुड़ा के बैयां' जैसे अनेक सदाबहार गीत गाए, जो आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में बसे हैं। उनका विवाह प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक गुरु दत्त से हुआ था और दोनों की जोड़ी हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित दंपतियों में गिनी जाती है। 20 जुलाई 1972 को मात्र 41 वर्ष की अल्पायु में उनका निधन हो गया।

फैंस की प्रतिक्रिया

जैकी श्रॉफ की इन पोस्ट्स को सोशल मीडिया पर भरपूर सराहना मिली। बड़ी संख्या में फैंस ने कमेंट्स के ज़रिए दोनों महान कलाकारों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और जैकी के इस भावपूर्ण कदम की तारीफ की।

यह ऐसे समय में आया जब...

यह संयोग उल्लेखनीय है कि राजेंद्र कुमार की जयंती और गीता दत्त की पुण्यतिथि एक ही दिन — 20 जुलाई — को पड़ती है। जैकी श्रॉफ ने दोनों को एक साथ याद कर हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम युग के प्रति अपनी गहरी आस्था जताई। आने वाले दिनों में भी उनके सोशल मीडिया पर इसी तरह की श्रद्धांजलि पोस्ट्स की उम्मीद फैंस को रहती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे जैकी ने सार्वजनिक मंच पर रेखांकित किया। यह उस दौर के कलाकारों की याद को जीवित रखने का एक सरल लेकिन प्रभावशाली तरीका है, जब बॉलीवुड में सोशल मीडिया नहीं, सिर्फ प्रतिभा बोलती थी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जैकी श्रॉफ ने राजेंद्र कुमार को क्यों याद किया?
20 जुलाई को राजेंद्र कुमार की जयंती थी — उनका जन्म 20 जुलाई 1929 को हुआ था। जैकी श्रॉफ ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर उनकी ब्लैक-एंड-व्हाइट तस्वीर और मोहम्मद रफ़ी का गीत साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
राजेंद्र कुमार को 'जुबली कुमार' क्यों कहा जाता था?
1960 के दशक में राजेंद्र कुमार की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर लगातार 'जुबली' यानी 25 सप्ताह या उससे अधिक चलती थीं, इसीलिए उन्हें 'जुबली कुमार' की उपाधि मिली। 'संगम', 'मेरे महबूब', 'सूरज' जैसी फिल्में इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
गीता दत्त की पुण्यतिथि कब है और उनका निधन कैसे हुआ?
गीता दत्त का निधन 20 जुलाई 1972 को हुआ था, जब वे मात्र 41 वर्ष की थीं। उनका जन्म 23 नवंबर 1930 को हुआ था और उन्होंने हिंदी फिल्म संगीत को 'वक्त ने किया क्या हसीं सितम' जैसे अनेक कालजयी गीत दिए।
गीता दत्त के सबसे मशहूर गीत कौन से हैं?
'वक्त ने किया क्या हसीं सितम', 'बाबूजी धीरे चलना', 'जाने क्या तूने कही', 'मेरा सुंदर सपना बीत गया' और 'ना जाओ सैंया छुड़ा के बैयां' उनके सबसे चर्चित और सदाबहार गीतों में गिने जाते हैं।
जैकी श्रॉफ ने यह श्रद्धांजलि किस प्लेटफॉर्म पर दी?
जैकी श्रॉफ ने इंस्टाग्राम स्टोरी के माध्यम से दोनों कलाकारों को श्रद्धांजलि दी। राजेंद्र कुमार की पोस्ट में मोहम्मद रफ़ी का गीत बैकग्राउंड में था, जबकि गीता दत्त की पोस्ट में उनकी जन्म और निधन की तारीख भी दर्ज की गई।
राष्ट्र प्रेस
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