जैकी श्रॉफ की 'काश' के 39 साल पूरे, इंस्टाग्राम पर मोंटाज वीडियो से मनाया जश्न
सारांश
मुख्य बातें
जैकी श्रॉफ अभिनीत हिंदी ड्रामा फिल्म 'काश' ने 4 सितंबर 2026 को अपनी रिलीज़ के 39 वर्ष पूरे किए। इस यादगार अवसर पर जैकी श्रॉफ ने इंस्टाग्राम पर फिल्म के चुनिंदा दृश्यों का एक मोंटाज वीडियो साझा किया और प्रशंसकों के साथ यह पल मनाया।
फिल्म की विरासत और कहानी
महेश भट्ट के निर्देशन में 1987 में बनी 'काश' की कहानी एक मशहूर फिल्म स्टार रितेश (जैकी श्रॉफ) और उनकी पत्नी पूजा (डिंपल कपाड़िया) के जीवन के इर्द-गिर्द बुनी गई है। भारी वित्तीय नुकसान और फिल्मों के लगातार असफल होने के बाद रितेश शराब की लत में डूब जाता है और दंपती अलग हो जाते हैं। जब उनके छोटे बेटे रोमी (मास्टर मकरंद) को गंभीर और लाइलाज ब्रेन ट्यूमर का पता चलता है, तो दोनों बेटे की खातिर दोबारा एक साथ आते हैं। यह फिल्म रिश्तों की गहराई, अहंकार और माता-पिता के निःस्वार्थ प्रेम को बेहद वास्तविक तरीके से उकेरती है।
स्टारकास्ट और पर्दे के पीछे की खास बातें
फिल्म में अनुपम खेर, सतीश कौशिक और महमूद ने सहायक भूमिकाएँ निभाई थीं। गौरतलब है कि जाने-माने अभिनेता अरशद वारसी ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत इसी फिल्म में महेश भट्ट के सहायक निर्देशक के रूप में की थी। माना जाता है कि फिल्म की पटकथा काफी हद तक सुपरस्टार राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया के निजी जीवन से प्रेरित थी।
संगीत और किशोर कुमार का अंतिम योगदान
फिल्म का संगीत राजेश रोशन ने तैयार किया था। महान पार्श्वगायक किशोर कुमार ने इस फिल्म के लिए कुछ बेहतरीन गीत गाए, जो उनके करियर के अंतिम पार्श्वगायनों में शुमार होते हैं। फिल्म की रिलीज़ के कुछ ही हफ्तों बाद उनका निधन हो गया, जिससे यह संगीत और भी भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण बन गया।
बॉक्स ऑफिस और कलाकारों पर प्रभाव
'काश' ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया और दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी। इस फिल्म ने जैकी श्रॉफ और डिंपल कपाड़िया को केवल ग्लैमरस चेहरों के बजाय गंभीर और सशक्त अभिनेता के रूप में स्थापित किया। बाल कलाकार मास्टर मकरंद और अनुपम खेर के अभिनय ने भी दर्शकों को भावुक किया। 39 साल बाद भी यह फिल्म हिंदी सिनेमा के भावनात्मक ड्रामा की एक अमिट धरोहर बनी हुई है।