21 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिव्या दत्ता की स्ट्रीट डॉग्स से अपील: 'जानवरों को टारगेट करना बंद करो, को-एग्जिस्ट करना सीखो'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिव्या दत्ता की स्ट्रीट डॉग्स से अपील: 'जानवरों को टारगेट करना बंद करो, को-एग्जिस्ट करना सीखो'

सारांश

दिव्या दत्ता ने फिल्म सेट पर एक भूखी स्ट्रीट डॉग को अपने मेकअप रूम में बुलाकर खाना खिलाया और इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट के ज़रिए सबसे अपील की — जानवरों को टारगेट करना बंद करो, उनके साथ मिल-जुलकर रहना सीखो।

मुख्य बातें

अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने 21 अगस्त को इंस्टाग्राम पर स्ट्रीट डॉग्स के लिए भावुक अपील की।
एक फिल्म सेट पर भटक रही भूखी डॉग को उन्होंने अपने मेकअप रूम में बुलाकर खाना और दूध दिलाया।
दिव्या ने कहा — 'जानवरों को टारगेट करना बंद करो, को-एग्जिस्ट करना सीखो।' उन्होंने स्वीकार किया कि पहले उन्हें भी स्ट्रीट डॉग्स से डर लगता था, लेकिन अब वे खुद आगे बढ़कर उनकी मदद करती हैं।
पोस्ट सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुई और पशु प्रेमियों ने जोरदार समर्थन जताया।

अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने शुक्रवार, 21 अगस्त को इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने स्ट्रीट डॉग्स के साथ सहानुभूति और सह-अस्तित्व की जोरदार अपील की। पोस्ट में उन्होंने अपने मेकअप रूम में एक भूखी स्ट्रीट डॉग को शरण देने का किस्सा साझा किया, जो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया।

मेकअप रूम में मिली अनोखी मेहमान

दिव्या दत्ता ने बताया कि एक फिल्म सेट पर शूटिंग के दौरान एक स्ट्रीट डॉग खाने की तलाश में इधर-उधर भटक रही थी। सेट पर मौजूद लोग या तो उसे नजरअंदाज कर रहे थे या डाँटकर भगा रहे थे। जब दिव्या अपना मेकअप टचअप करवाने आईं, तो उन्होंने देखा कि वह डॉग मेकअप रूम के दरवाज़े से झाँक रही थी।

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "डॉग दरवाज़े से झाँक रही थी, जैसे पूछ रही हो — 'क्या मैं अंदर आ सकती हूँ?' और बस मुझे इतना कहना था कि 'आजा' — और वह चुपचाप अंदर आ गई, थोड़ी डरी हुई।" इसके बाद उन्होंने उस डॉग से पूछा कि क्या वह कुछ खाएगी, और डॉग ने पूँछ हिलाकर उनके पास आकर बैठ गई।

भूख और भरोसे की कहानी

दिव्या ने बताया कि उनके असिस्टेंट ने उस डॉग के लिए खाना और दूध लाया। उन्होंने लिखा, "वह बहुत भूखी थी — मेरे असिस्टेंट ने जो दिया, उसने तुरंत सब कुछ खत्म कर दिया और ज़्यादा नहीं माँगा। बस वहीं बैठी रही। शायद कमरे में सेफ महसूस कर रही थी। उसे देख सभी के चेहरों पर मुस्कान आ गई।"

यह वाकया महज एक अभिनेत्री के दयालु व्यवहार की कहानी नहीं है — यह उस व्यापक सामाजिक प्रश्न की ओर ध्यान खींचता है कि शहरी भारत में आवारा पशुओं के साथ किस तरह का व्यवहार होता है।

को-एग्जिस्टेंस की अपील

दिव्या दत्ता ने अपनी पोस्ट में सभी से सवाल किया, "हम उन्हें भगाते, मारते और दूर क्यों करते हैं, जो हम पर निर्भर हैं? जिनका हमारे साथ रहने का उतना ही हक है?" उन्होंने स्वीकार किया कि पहले उन्हें भी स्ट्रीट डॉग्स से डर लगता था, लेकिन अब जब भी वे देखती हैं कि इन जानवरों को टारगेट किया जा रहा है, तो वे आगे बढ़कर उनकी मदद करती हैं।

उन्होंने लिखा, "उन्हें ज़्यादा कुछ नहीं चाहिए — बस थोड़ा खाना और प्यार। हम कौन होते हैं यह तय करने वाले कि हमारे साथ कौन रहेगा और कौन नहीं — यह ऊपर वाले का काम है।"

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

दिव्या की इस पोस्ट पर उनके प्रशंसकों और पशु प्रेमियों ने जोरदार समर्थन जताया। उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में उस डॉग को विदाई देते हुए लिखा, "बाय छोटी... तुमको हमेशा सेफ जगह मिले।" गौरतलब है कि दिव्या दत्ता लंबे समय से पशु कल्याण की पैरोकार रही हैं और समय-समय पर इस विषय पर अपनी आवाज़ उठाती रहती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक बड़े सामाजिक तनाव को उजागर करती है — शहरीकरण की रफ्तार में आवारा पशुओं के प्रति बढ़ती असहिष्णुता। भारत में स्ट्रीट डॉग्स की संख्या और उनसे जुड़े विवाद लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि पशु क्रूरता निवारण कानून अक्सर कागज़ों तक सिमटा रहता है। एक सेलिब्रिटी की आवाज़ इस मुद्दे को मुख्यधारा में ला सकती है, लेकिन असली बदलाव के लिए नीतिगत सुधार और नागरिक जागरूकता दोनों ज़रूरी हैं।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिव्या दत्ता ने स्ट्रीट डॉग्स के बारे में क्या पोस्ट किया?
दिव्या दत्ता ने 21 अगस्त को इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा की जिसमें उन्होंने फिल्म सेट पर एक भूखी स्ट्रीट डॉग को अपने मेकअप रूम में बुलाकर खाना खिलाने का किस्सा बताया। उन्होंने अपील की कि लोग जानवरों को टारगेट करना बंद करें और उनके साथ सह-अस्तित्व में जीना सीखें।
दिव्या दत्ता के मेकअप रूम में क्या हुआ?
सेट पर एक स्ट्रीट डॉग खाने की तलाश में भटक रही थी और लोग उसे भगा रहे थे। दिव्या ने उसे मेकअप रूम में बुलाया, उनके असिस्टेंट ने खाना और दूध लाया, और डॉग ने सब कुछ तुरंत खा लिया और वहीं बैठ गई।
दिव्या दत्ता पशु कल्याण के बारे में क्या कहती हैं?
दिव्या दत्ता का मानना है कि जानवरों का भी हमारे साथ रहने का उतना ही हक है। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें स्ट्रीट डॉग्स से डर लगता था, लेकिन अब वे खुद आगे बढ़कर उनकी मदद करती हैं और को-एग्जिस्टेंस की वकालत करती हैं।
क्या दिव्या दत्ता पहले भी पशु अधिकारों के लिए बोली हैं?
हाँ, दिव्या दत्ता लंबे समय से पशु कल्याण की पैरोकार रही हैं और समय-समय पर जानवरों के प्रति प्यार और सुरक्षा को लेकर अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखती रहती हैं।
स्ट्रीट डॉग्स के साथ को-एग्जिस्टेंस का क्या मतलब है?
को-एग्जिस्टेंस का अर्थ है आवारा कुत्तों को भगाने या नुकसान पहुँचाने के बजाय उनके साथ शांतिपूर्वक रहना, उन्हें भोजन और सुरक्षा देना और उन्हें शहरी परिवेश का हिस्सा मानना। दिव्या दत्ता ने इसी भावना की अपील अपनी पोस्ट के ज़रिए की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले