दिव्या दत्ता ने याद किया पहला राष्ट्रीय पुरस्कार: 'भाई ने हाथ थामकर डांस किया था'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने फिल्म 'इरादा' के लिए मिले अपने पहले राष्ट्रीय पुरस्कार की यादें एक भावुक पोस्ट के ज़रिए साझा की हैं। 65वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का यह सम्मान नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रदान किया गया था। सोमवार को उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट कर उस यादगार पल को फिर से जीया।
भावुक पोस्ट में क्या लिखा
दिव्या दत्ता ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'यह पल मेरे लिए बहुत खास था। फिल्म 'इरादा' के लिए मिला मेरा पहला राष्ट्रीय पुरस्कार आज भी यादगार है। मुझे याद है कि उस खुशी के मौके पर मेरे भाई ने मेरा हाथ थामकर मेरे साथ डांस किया था।' इस वीडियो में वह विज्ञान भवन में पुरस्कार ग्रहण करती दिख रही हैं, साथ ही फिल्म में उनके निभाए पंजाब की मुख्यमंत्री के किरदार की झलकियाँ भी शामिल हैं।
माँ के निधन के बाद की पहली फिल्म
अभिनेत्री ने खुलासा किया कि 'इरादा' उनकी माँ के निधन के बाद की पहली फिल्म थी। उन्होंने लिखा, 'उस समय मैं भावनात्मक रूप से काफी टूट चुकी थी, लेकिन इस फिल्म ने मुझे उस मुश्किल दौर से बाहर निकलने में बहुत मदद की।' उन्होंने इन यादों को साझा करने के अवसर के लिए दिव्या संचारि का आभार भी व्यक्त किया।
फिल्म और किरदार के बारे में
फिल्म 'इरादा' की कहानी राज्य में बढ़ते प्रदूषण और कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं के इर्द-गिर्द बुनी गई है। दिव्या दत्ता ने इसमें सत्ता और राजनीतिक दबावों से जूझती एक प्रभावशाली पंजाब की मुख्यमंत्री का किरदार निभाया था। फिल्म में उनके साथ नसीरुद्दीन शाह और अरशद वारसी जैसे दिग्गज कलाकार भी प्रमुख भूमिकाओं में थे।
करियर पर असर
65वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में मिली इस पहचान के बाद दिव्या दत्ता के अभिनय को व्यापक सराहना और नई पहचान मिली। यह पुरस्कार उनके करियर का एक अहम मोड़ साबित हुआ और भारतीय सिनेमा में उनकी बहुमुखी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति मिली। आगे भी वे अपनी संजीदा भूमिकाओं से दर्शकों को प्रभावित करती रहेंगी।