7 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

काजू की पहली दीपावली पर भारती सिंह का जज्बा: 'बच्चों की मुस्कान ही मेरा सबसे बड़ा तोहफा'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
काजू की पहली दीपावली पर भारती सिंह का जज्बा: 'बच्चों की मुस्कान ही मेरा सबसे बड़ा तोहफा'

सारांश

कॉमेडियन भारती सिंह के लिए इस बार दीपावली सिर्फ एक त्योहार नहीं — यह उनके छोटे बेटे काजू की पहली दीपावली है। बच्चों की मुस्कान को 'सबसे बड़ा तोहफा' बताते हुए भारती और हर्ष ने साझा किया कि पितृत्व ने त्योहारों को कितना गहरा और खास बना दिया है।

मुख्य बातें

भारती सिंह और हर्ष लिम्बाचिया अपने बेटों गोला और काजू के साथ दीपावली मना रहे हैं।
इस साल काजू की पहली दीपावली है, जिसे लेकर भारती खासतौर पर उत्साहित हैं।
भारती ने कहा कि बच्चों की मुस्कान ने उन्हें त्योहारों से दोबारा प्यार करना सिखाया।
हर्ष लिम्बाचिया ने कहा कि पिता बनने के बाद वे त्योहारों और परंपराओं को एक नए नज़रिए से देखते हैं।
दोनों चाहते हैं कि उनके बच्चे दीपावली का असली अर्थ — रोशनी, उम्मीद और साझा करने की खुशी — समझते हुए बड़े हों।

कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति-लेखक हर्ष लिम्बाचिया इस बार दीपावली को बेहद खास अंदाज़ में मनाने की तैयारी में हैं, क्योंकि यह उनके छोटे बेटे काजू की पहली दीपावली है। मुंबई में अपने परिवार के साथ त्योहार का जश्न मनाने को लेकर उत्साहित भारती ने खुलकर अपनी भावनाएँ साझा कीं। उनका कहना है कि बच्चों की मुस्कान ने उन्हें त्योहारों से फिर से प्यार करना सिखाया है।

बच्चों की खुशी ने त्योहार को बनाया खास

भारती सिंह ने कहा, 'दीपावली मुझे इसलिए सबसे ज़्यादा पसंद है, क्योंकि मुझे इससे जुड़ी हर चीज पसंद है — दीये चुनने से लेकर घर में मिठाई लाने और पूरे परिवार के साथ होने तक। लेकिन दीपावली पर मेरे लिए जो चीज सबसे ज़्यादा खास है, वह है मेरे बच्चे और उनकी अनमोल मुस्कान। सच कहूं तो, यही वो चीज है जो मुझे त्योहारों से दोबारा प्यार करने पर मजबूर कर देती है।'

उन्होंने आगे बताया कि उनका बड़ा बेटा गोला भी त्योहारी सीज़न की मिठाइयों का उतना ही बेसब्री से इंतज़ार करता है, जितना वे खुद करती हैं। भारती ने कहा कि वे अपने दोनों बेटों के लिए इन छोटे-छोटे पलों को यादगार बनाना चाहती हैं।

काजू की पहली दीपावली का उत्साह

भारती ने खास तौर पर इस बात का ज़िक्र किया कि इस साल की दीपावली उनके लिए बेहद अलग है, क्योंकि यह काजू की पहली दीपावली है। उनका कहना था, 'मैं चाहती हूं कि मेरे बच्चे दीपावली का असली मतलब समझते हुए बड़े हों — अंधेरे पर रोशनी की जीत, नई शुरुआत का महत्व और जो कुछ हमारे पास है, उसे दूसरों के साथ बाँटने की खुशी।'

यह पल भारती और हर्ष दोनों के लिए सिर्फ एक पारिवारिक उत्सव नहीं, बल्कि अपने बच्चों को जीवन के मूल्यों से परिचित कराने का अवसर भी है।

समृद्धि और कृतज्ञता का पर्व

भारती ने दीपावली की व्यापक अहमियत पर भी बात की। उनके अनुसार, 'दीपावली का पर्व समृद्धि का भी त्योहार है और हमारे लिए इसका मतलब है — मेहनत करते रहना, बड़े सपने देखना और हम जहां तक पहुंचे हैं, उसके लिए शुक्रगुजार रहना।' उन्होंने अपने शो 'इंडियन गेम शो विद भारती एंड हर्ष' का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह शो उनके दिलों में हमेशा खास जगह रखेगा, क्योंकि वहीं से उन सबने शुरुआत की थी।

भारती ने यह भी कहा कि त्योहारी सीज़न में टीवी के ज़रिए घरों में खुशियाँ लाने में सक्षम होना उनके लिए एक आशीर्वाद की तरह है।

हर्ष लिम्बाचिया का पितृत्व पर नज़रिया

हर्ष लिम्बाचिया ने कहा, 'पिता बनने के बाद मैं त्योहारों को बिल्कुल अलग नज़रिए से देखने लगा हूं। हर गुजरते साल के साथ, मुझे उन परंपराओं के प्रति और ज़्यादा ज़िम्मेदारी का एहसास होता है, जिनका हम पालन करते हैं।' उन्होंने कहा कि दीपावली का संदेश — रोशनी, उम्मीद की जीत और अच्छाई का रास्ता खोज लेना — हर पीढ़ी के लिए उतना ही प्रासंगिक है।

हर्ष ने बताया कि वे और भारती मिलकर यह सुनिश्चित करते हैं कि हर त्योहार मिठाइयों, उपहारों और छोटे-छोटे सरप्राइज़ से भरा हो। उनका मानना है कि ये परंपराएँ बच्चों के साथ समय बिताने और ऐसी यादें बनाने का मौका देती हैं, जिन्हें गोला और काजू बड़े होकर संजोकर रखेंगे।

परिवार के साथ यादगार पल

भारती सिंह और हर्ष लिम्बाचिया का यह साझा नज़रिया दिखाता है कि सेलेब्रिटी जीवन की चमक-दमक से परे, वे सबसे पहले एक माँ और एक पिता हैं जो अपने बच्चों के लिए सर्वश्रेष्ठ देना चाहते हैं। काजू की पहली दीपावली की यादें इस परिवार के लिए बेशकीमती होंगी, और आने वाले वर्षों में ये पल उनकी ज़िंदगी की खूबसूरत दास्तान का हिस्सा बनेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह दर्शाता है कि सेलेब्रिटी जीवन और निजी पलों के बीच की सीमा अब तेज़ी से धुंधली होती जा रही है। दर्शकों और पाठकों के लिए यह कहानी इसलिए गूंजती है क्योंकि पितृत्व का बदला हुआ नज़रिया एक सार्वभौमिक अनुभव है — चाहे वह मुंबई का स्टार हो या आम परिवार।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारती सिंह के बेटे काजू की पहली दीपावली क्यों खास है?
काजू भारती सिंह और हर्ष लिम्बाचिया का छोटा बेटा है और इस साल वह पहली बार दीपावली का त्योहार मना रहा है। भारती ने बताया कि वे इस मौके को अपने दोनों बेटों — गोला और काजू — के लिए यादगार बनाना चाहती हैं।
भारती सिंह को दीपावली इतनी पसंद क्यों है?
भारती सिंह ने कहा कि दीपावली से जुड़ी हर चीज — घर सजाना, दीये चुनना, मिठाइयाँ लाना और पूरे परिवार का साथ — उन्हें प्रिय है। लेकिन सबसे खास है उनके बच्चों की मुस्कान, जो उन्हें त्योहारों से दोबारा प्यार करने पर मजबूर करती है।
हर्ष लिम्बाचिया के अनुसार पितृत्व ने त्योहारों के प्रति उनका नज़रिया कैसे बदला?
हर्ष लिम्बाचिया ने कहा कि पिता बनने के बाद वे त्योहारों को बिल्कुल अलग दृष्टि से देखते हैं और परंपराओं व संस्कारों के प्रति उनकी ज़िम्मेदारी की भावना और गहरी हो गई है। वे चाहते हैं कि गोला और काजू बड़े होकर इन यादों को संजोकर रखें।
भारती सिंह और हर्ष लिम्बाचिया के बच्चों के नाम क्या हैं?
भारती सिंह और हर्ष लिम्बाचिया के दो बेटे हैं — बड़े बेटे का नाम गोला है और छोटे का नाम काजू है।
भारती सिंह दीपावली पर क्या संदेश देना चाहती हैं?
भारती सिंह चाहती हैं कि उनके बच्चे दीपावली का असली अर्थ समझें — अंधेरे पर रोशनी की जीत, नई शुरुआत का महत्व और जो कुछ हमारे पास है उसे दूसरों के साथ बाँटने की खुशी। उनके अनुसार दीपावली मेहनत, बड़े सपने और कृतज्ञता का पर्व भी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले