24 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारती सिंह का बचपन का किस्सा: पड़ोसी घर से निकालते थे, आज खुद टीवी पर हैं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारती सिंह का बचपन का किस्सा: पड़ोसी घर से निकालते थे, आज खुद टीवी पर हैं

सारांश

90 के दशक में पड़ोसी टीवी के आगे पर्दा डालकर घर से निकाल देते थे — आज भारती सिंह खुद टीवी का चेहरा हैं। उनका यह किस्सा सिर्फ हँसाता नहीं, प्रेरित भी करता है।

मुख्य बातें

भारती सिंह ने 'द इंडियन गेम शो विद भारती एंड हर्ष' के ताज़े एपिसोड में 90 के दशक का बचपन का किस्सा साझा किया।
90 के दशक में उनके घर में टीवी नहीं था; मोहल्ले के केवल गिने-चुने परिवारों के पास टीवी था।
पड़ोसी अक्सर टीवी के सामने पर्दा कर देते थे और उन्हें घर से निकाल देते थे।
भारती ने उन्हीं पड़ोसियों को धन्यवाद दिया — कहा, 'आपकी वजह से इतनी मेहनत की कि अब खुद टीवी पर आ रही हूँ।' शो में 90 के दशक की यादें थीम पर सेलिब्रिटीज़ के किस्से साझा किए जा रहे थे।

कॉमेडियन भारती सिंह ने हाल ही में अपने बचपन का एक भावुक और प्रेरणादायक किस्सा साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि 90 के दशक में उनके घर में टीवी तक नहीं था — और जब वे पड़ोसी के घर टीवी देखने जाती थीं, तो उन्हें बाहर निकाल दिया जाता था। यह किस्सा मुंबई में प्रसारित हो रहे शो 'द इंडियन गेम शो विद भारती एंड हर्ष' के एक ताज़े एपिसोड में सामने आया, जहाँ 90 के दशक की यादों को सेलिब्रेट किया जा रहा था।

पड़ोसी के घर पर्दा पड़ जाता था

भारती ने शो में अपना वह दौर याद किया जब उनके मोहल्ले में केवल चंद परिवारों के पास टीवी था। उन्होंने कहा, 'मेरे बचपन में घर में टीवी नहीं था। पूरे मोहल्ले में भी हर किसी के घर टीवी नहीं हुआ करता था। कुछ गिने-चुने परिवार ही ऐसे थे, जिनके घर टीवी मौजूद था।'

उन्होंने आगे बताया कि जब वे उन पड़ोसियों के यहाँ टीवी देखने जाती थीं, तो अक्सर टीवी के सामने पर्दा डाल दिया जाता था और कहा जाता था — 'जाओ-जाओ अपने घर, पढ़ना नहीं है?' यह साधारण-सा लगने वाला क्षण उनके जीवन की एक बड़ी प्रेरणा बन गया।

पड़ोसियों को अनोखे अंदाज़ में दिया धन्यवाद

भारती सिंह ने उन पड़ोसियों को एक अलग ही अंदाज़ में शुक्रगुज़ार किया। उन्होंने हँसते हुए कहा, 'मैं उनको थैंक यू करना चाहती हूँ कि आपने मुझे अपने घर से निकाला। आप लोगों की वजह से मैंने इतनी मेहनत की कि अब मैं खुद टीवी पर आ रही हूँ।'

यह बात सुनकर शो के दर्शक और मंच पर मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। उनकी यह टिप्पणी एक मज़ाकिया अंदाज़ में कही गई, लेकिन इसके पीछे उनके संघर्ष और दृढ़ संकल्प की गहरी कहानी छुपी है।

'द इंडियन गेम शो' क्या है

'द इंडियन गेम शो विद भारती एंड हर्ष' एक एंटरटेनमेंट-आधारित गेम शो है, जिसमें सेलिब्रिटीज़ तरह-तरह के मज़ेदार चैलेंज में हिस्सा लेते हैं। शो में फिज़िकल, कॉमेडी और स्किल-बेस्ड गेम्स के ज़रिये प्रतियोगियों को आपस में मुकाबला करना होता है। जीतने वालों को पुरस्कार मिलता है, जबकि हारने वालों को मज़ेदार 'पनिशमेंट' झेलनी पड़ती है।

संघर्ष से शिखर तक का सफ़र

भारती सिंह आज भारतीय टेलीविज़न की सबसे लोकप्रिय कॉमेडियन में से एक हैं। उनकी यह कहानी उन लाखों दर्शकों को प्रेरित करती है जो सीमित साधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। गौरतलब है कि उन्होंने अपनी मेहनत और हास्य-प्रतिभा के दम पर टेलीविज़न की दुनिया में एक मज़बूत पहचान बनाई है।

उनका यह किस्सा यह भी बताता है कि कभी-कभी जो बाधाएँ हमें रोकती हैं, वही हमें आगे बढ़ने की सबसे बड़ी प्रेरणा देती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और उस दौर में जो बच्चे उससे वंचित थे, उनमें से कइयों ने इसी कमी को प्रेरणा में बदला। भारती की यह स्वीकारोक्ति उनके जनाधार को और मज़बूत करती है — दर्शक उनमें अपना प्रतिबिंब देखते हैं। यही उनकी असली 'स्टार पावर' है।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारती सिंह ने बचपन का कौन-सा किस्सा सुनाया?
भारती सिंह ने बताया कि 90 के दशक में उनके घर में टीवी नहीं था और जब वे पड़ोसी के घर टीवी देखने जाती थीं, तो उन्हें बाहर निकाल दिया जाता था। उन्होंने इसी बात को अपनी मेहनत की प्रेरणा बताया।
भारती सिंह ने पड़ोसियों को धन्यवाद क्यों दिया?
भारती ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा कि पड़ोसियों के घर से निकाले जाने की वजह से उन्होंने इतनी मेहनत की कि आज वे खुद टीवी पर आ रही हैं। यह उनके संघर्ष और सफलता का प्रतीक था।
'द इंडियन गेम शो विद भारती एंड हर्ष' क्या है?
यह एक एंटरटेनमेंट गेम शो है जिसमें सेलिब्रिटीज़ फिज़िकल, कॉमेडी और स्किल-बेस्ड चैलेंज में भाग लेते हैं। जीतने पर पुरस्कार और हारने पर मज़ेदार 'पनिशमेंट' दी जाती है।
भारती सिंह ने यह किस्सा किस शो में सुनाया?
'द इंडियन गेम शो विद भारती एंड हर्ष' के एक ताज़े एपिसोड में यह किस्सा सामने आया, जिसमें '90 के दशक की यादें' थीम पर बातें हो रही थीं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले