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रानी मुखर्जी का बचपन का किस्सा: 'मां को तकलीफ न हो, इसलिए कभी जिद नहीं की'

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रानी मुखर्जी का बचपन का किस्सा: 'मां को तकलीफ न हो, इसलिए कभी जिद नहीं की'

सारांश

रानी मुखर्जी का एक पुराना इंटरव्यू फिर वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने बताया कि बचपन में माँ को तकलीफ न हो, इसलिए कभी जिद नहीं की। यह किस्सा उनकी भावनात्मक परिपक्वता और परिवार के प्रति गहरे लगाव को सामने लाता है।

मुख्य बातें

रानी मुखर्जी ने सिमी ग्रेवाल के शो में बचपन की भावुक यादें साझा कीं।
बचपन में माँ को परेशान न करने के लिए वह कभी किसी चीज़ की जिद नहीं करती थीं ।
उनका सपना था कि बड़ी होकर माता-पिता की हर इच्छा पूरी करें और उन्हें चिंतामुक्त करें।
रानी का जन्म 21 मार्च 1978 को मुंबई में हुआ; पिता राम मुखर्जी निर्देशक और माँ कृष्णा मुखर्जी पार्श्व गायिका थीं।
'ब्लैक' , 'मर्दानी' , 'कुछ कुछ होता है' समेत दर्जनों सफल फिल्मों से बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई।

बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने हाल ही में एक पुराने इंटरव्यू में अपने बचपन की एक भावुक याद साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि बचपन से ही उनके मन में अपने माता-पिता को खुश करने की गहरी चाहत थी। यह इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।

सिमी ग्रेवाल के शो में खुला दिल

मशहूर टेलीविजन होस्ट सिमी ग्रेवाल के चर्चित शो 'रेंडेजवस विद सिमी ग्रेवाल' में रानी ने अपने बचपन की कई यादें साझा कीं। जब उनसे पूछा गया कि वह बड़ी होकर क्या बनना चाहती थीं, तो उन्होंने कहा, 'मैं हमेशा से जीवन में कुछ बड़ा करना चाहती थी। मेरे अंदर यह बात थी कि मैं अपने माता-पिता को सच में खुश करना चाहती थी।'

रानी ने आगे जोड़ा, 'जब मैं किसी दुकान पर जाती थी और कई चीजें खरीदना चाहती थी, तो मन में ख्याल आता था कि एक दिन मैं इतनी सफल बनूं कि जो चाहे खरीद सकूं और अपने माता-पिता की हर इच्छा पूरी कर सकूं।'

मां की परेशानी का ख्याल

रानी ने एक खास बात यह बताई कि बचपन में जब भी उन्हें किसी चीज़ की इच्छा होती थी, लेकिन लगता था कि उनकी मां वह चीज़ नहीं खरीद पाएंगी, तो वह कभी जिद नहीं करती थीं। उन्होंने कहा, 'मैं अपनी मां को किसी भी तरह की परेशानी में नहीं डालना चाहती थी। मैं मन ही मन सोचती थी कि जब बड़ी होऊंगी तो कुछ ऐसा करूंगी जिससे मेरे माता-पिता को किसी बात की चिंता न रहे।'

उम्र से पहले आई समझदारी

रानी ने स्वीकार किया कि वह बचपन से ही अपनी उम्र के अन्य बच्चों की तुलना में अधिक परिपक्व थीं। उनके अनुसार, 'जहाँ अधिकतर बच्चे अपनी इच्छाओं और ज़रूरतों के बारे में सोचते हैं, वहीं मैं अपने परिवार की परिस्थितियों और माता-पिता की भावनाओं को समझने लगी थी। मेरे सपनों में भी परिवार की खुशियाँ सबसे पहले आती थीं।'

फिल्मी परिवार से बॉलीवुड तक का सफर

गौरतलब है कि रानी मुखर्जी का जन्म 21 मार्च 1978 को मुंबई में एक फिल्मी परिवार में हुआ था। उनके पिता राम मुखर्जी फिल्म निर्देशक थे, जबकि माँ कृष्णा मुखर्जी पार्श्व गायिका रह चुकी हैं। इस माहौल में पली-बढ़ी रानी ने कम उम्र में ही अभिनय की दुनिया में कदम रखा और 'कुछ कुछ होता है', 'साथिया', 'हम तुम', 'ब्लैक' तथा 'मर्दानी' जैसी कई सफल फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया। आज वह बॉलीवुड की सबसे प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में शुमार की जाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

उनकी सार्वजनिक छवि को एक नई गहराई देती है। मनोरंजन उद्योग में जहाँ अक्सर सितारों की 'स्ट्रगल स्टोरी' गढ़ी जाती है, वहाँ रानी की यह सादगी और ईमानदारी दर्शकों से उनके जुड़ाव की असली वजह लगती है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रानी मुखर्जी ने बचपन के बारे में क्या खुलासा किया?
रानी मुखर्जी ने बताया कि बचपन में जब भी उन्हें कोई चीज़ चाहिए होती थी और लगता था कि माँ नहीं खरीद पाएंगी, तो वह कभी जिद नहीं करती थीं। उनका कहना था कि वह माँ को किसी भी परेशानी में नहीं डालना चाहती थीं।
रानी मुखर्जी ने यह बात किस शो में कही?
यह बातें रानी मुखर्जी ने टेलीविजन होस्ट सिमी ग्रेवाल के चर्चित शो 'रेंडेजवस विद सिमी ग्रेवाल' में साझा कीं। यह इंटरव्यू हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
रानी मुखर्जी का परिवार किससे जुड़ा है?
रानी मुखर्जी का जन्म 21 मार्च 1978 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता राम मुखर्जी फिल्म निर्देशक थे और माँ कृष्णा मुखर्जी पार्श्व गायिका रह चुकी हैं।
रानी मुखर्जी की प्रमुख फिल्में कौन सी हैं?
रानी मुखर्जी ने 'कुछ कुछ होता है', 'साथिया', 'हम तुम', 'ब्लैक' और 'मर्दानी' जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया है। दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने उनकी अदाकारी की सराहना की है।
बचपन में रानी मुखर्जी का सबसे बड़ा सपना क्या था?
रानी मुखर्जी के अनुसार उनका सबसे बड़ा सपना यह था कि वह इतनी सफल बनें कि माता-पिता को किसी बात की चिंता न रहे और उन्हें दुनिया की सबसे अच्छी चीजें दे सकें। उन्होंने कहा कि परिवार की खुशी उनके सपनों में सबसे पहले आती थी।
राष्ट्र प्रेस
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