राजीव खंडेलवाल का खुलासा: एक्टिंग के लिए माता-पिता का समर्थन नहीं मिला, 4-5 साल हुए बर्बाद
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता राजीव खंडेलवाल ने रियलिटी शो 'तुम हो ना- घर की सुपरस्टार' के एक एपिसोड में अपने करियर की शुरुआती संघर्षों को बेबाकी से साझा किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अभिनय को अपना पेशा बनाने का निर्णय लिया, तब उनके माता-पिता इस राह पर उनके साथ नहीं थे। हालाँकि, बेटे की दृढ़ता और लगन देखकर धीरे-धीरे परिवार का रुख बदला।
माता-पिता की असहमति और राजीव का संकल्प
शो में अपना निजी अनुभव साझा करते हुए राजीव खंडेलवाल ने कहा, 'जब मैंने एक्टर बनने का सपना देखा था, तो शुरुआत में घर से मुझे कोई सपोर्ट नहीं मिला था। मेरे मम्मी-पापा चाहते थे कि मैं कोई सुरक्षित करियर चुनूं। लेकिन मैंने अपने एक्टिंग के पैशन को नहीं छोड़ा और लगातार मेहनत करता रहा। समय के साथ पापा को यह समझ आने लगा कि मैं इसके लिए सीरियस हूं।'
यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में संघर्ष की कहानियाँ अक्सर प्रेरणा का स्रोत बनती हैं। राजीव की यह स्वीकारोक्ति उन लाखों युवाओं से जुड़ती है जो परिवार की अपेक्षाओं और अपने सपनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते हैं।
पिता को हुआ अफसोस, परिवार ने दिया साथ
राजीव ने आगे बताया, 'पापा को बाद में एहसास हुआ कि अगर शुरुआत में रोकने की कोशिश नहीं की गई होती, तो मेरे करियर के 4-5 साल बर्बाद न होते। इस बात का उन्हें काफी अफसोस हुआ, लेकिन बाद में पूरे परिवार ने मेरा समर्थन किया।' गौरतलब है कि आज राजीव खंडेलवाल टेलीविज़न और फिल्मों में एक स्थापित नाम हैं।
कंटेस्टेंट प्रिया की प्रेरणादायक कहानी
इसी एपिसोड में कंटेस्टेंट प्रिया ने भी अपना संघर्ष साझा किया। उन्होंने बताया कि बचपन से ही बैकग्राउंड डांसर बनने की चाहत थी, लेकिन उनके पिता इस फैसले से सहमत नहीं थे। परिवार की असहमति के बावजूद प्रिया अपने सपने की दिशा में डटी रहीं।
शो में मौजूद प्रिया की माँ ने गर्व के साथ बताया कि उनकी बेटी ने बॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियों के साथ काम किया है — जिनमें माधुरी दीक्षित के साथ 'घाघरा', करीना कपूर के साथ 'फेविकोल से' और दीपिका पादुकोण के साथ 'दीवानी मस्तानी' जैसे चर्चित गाने शामिल हैं।
पिता का बदला नज़रिया
राजीव खंडेलवाल ने प्रिया के पिता से सीधे पूछा कि क्या अब उनका दृष्टिकोण बदल गया है। इस पर प्रिया के पिता ने स्वीकार किया कि हर माता-पिता से कभी-कभी गलती हो जाती है और समय के साथ उन्हें समझ आया कि बेटी का सपना गलत नहीं था — और अब वे पूरी तरह उसका समर्थन करते हैं। यह एपिसोड इस बात की याद दिलाता है कि सपनों की राह में पारिवारिक समर्थन देर से ही सही, लेकिन मिलता ज़रूर है।