राजीव खंडेलवाल ने संघर्ष के दिनों को 'सबसे खूबसूरत पल' बताया, शो में साझा किए व्यक्तिगत अनुभव

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजीव खंडेलवाल ने संघर्ष के दिनों को 'सबसे खूबसूरत पल' बताया, शो में साझा किए व्यक्तिगत अनुभव

सारांश

राजीव खंडेलवाल ने 'तुम हो ना' में अपने संघर्ष के दिनों को जीवन का सबसे खूबसूरत पल बताया। ₹50 के खाने के लिए ₹150 का सलाद खाने की चतुराई से लेकर आज की सफलता तक, राजीव ने दिखाया कि असली खुशी भौतिक संपत्ति में नहीं, बल्कि उन अनुभवों में है जो हमें बनाते हैं। साथ ही, उन्होंने विवाह में समानता पर भी जोर दिया।

मुख्य बातें

राजीव खंडेलवाल ने 'तुम हो ना' शो में अपने संघर्ष के दिनों को याद किया और उन्हें 'सबसे खूबसूरत पल' बताया।
शुरुआती दिनों में राजीव ₹50 का खाना खाते थे और ₹150 का सलाद खा लेते थे।
राजीव का मानना है कि संघर्ष के दिन ही सबसे ज्यादा खुशी देते हैं , यह एहसास बाद में होता है।
उन्होंने कहा कि भौतिक संपत्ति से ज्यादा मायने रखता है जीवन का वास्तविक अनुभव।
राजीव ने घर की जिम्मेदारियों में समानता पर जोर दिया और अपनी पत्नी के लिए रोज़ चाय बनाने की बात कही।
'तुम हो ना' सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे सोनी एंटरटेनमेंट पर प्रसारित होता है।

मुंबई, 4 मई (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता राजीव खंडेलवाल ने अपने होस्टिंग शो 'तुम हो ना' के हालिया एपिसोड में अपने शुरुआती दिनों की यादें साझा कीं, जहाँ उन्होंने संघर्ष के पलों को जीवन का सबसे मूल्यवान अनुभव बताया। सोनी एंटरटेनमेंट पर प्रसारित इस रियलिटी शो में राजीव ने एक प्रतियोगी के साथ बातचीत करते हुए अपने कठिन समय की कहानियाँ सुनाईं।

संघर्ष के दिनों की यादें

राजीव ने बताया कि उनके शुरुआती दिनों में आर्थिक सीमाएँ उन्हें रचनात्मक तरीके से जीवन जीने के लिए मजबूर करती थीं। उन्होंने कहा कि वे ऐसे रेस्तरांओं में जाते थे जहाँ मुफ्त में असीमित सलाद परोसा जाता था। राजीव ने स्वीकार किया कि अगर वे ₹50 का खाना खाते थे तो अक्सर ₹150 का सलाद खा लेते थे। ये छोटे-छोटे तरीके उन्हें न केवल जीवित रखते थे, बल्कि आत्मनिर्भरता की सीख भी देते थे।

संघर्ष को सबसे खूबसूरत पल मानते हैं

राजीव ने प्रतियोगी से कहा, ''मुझे वो समय याद है जब हम संघर्ष करते हैं तो वो पल होते हैं। लेकिन अगर पीछे मुड़कर देखें तो सबसे खूबसूरत पल हमारे संघर्ष के दिन ही होते हैं।'' गौरतलब है कि इस तरह की सोच कई सफल व्यक्तित्वों में देखी जाती है, जो अपने कठिन दौर को जीवन की सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा मानते हैं। राजीव का यह विचार युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो वर्तमान में अपनी सफलता के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

सफलता से परे असली अनुभव

राजीव ने सफलता और वास्तविक जीवन के अनुभवों के बीच अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा, ''आप मुझे बड़ी गाड़ी में घुमाओ लेकिन मुझे मजा नहीं आएगा, मेरे पास कोई कहानी नहीं है। सबके पास गाड़ियाँ हैं, सबके पास पैसा है, सबके पास घर है… लेकिन बहुत कम लोग होंगे जिन्होंने आपकी तरह संघर्ष किया है।'' इस कथन में राजीव ने यह संदेश दिया कि भौतिक संपत्ति से ज़्यादा मायने रखता है वह अनुभव जो किसी को अपने लक्ष्य तक पहुँचने के लिए मजबूर करता है। आज के समाज में, जहाँ सफलता को अक्सर वस्तुओं से मापा जाता है, राजीव की यह सोच एक भिन्न दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।

खुशी का असली स्रोत

राजीव ने आगे कहा, ''हम सभी अपने संघर्ष के दिनों में सबसे ज्यादा खुश रहते हैं, यह बात बाद में समझ में आती है, इसका एहसास बाद में होता है।'' यह कथन उनके जीवन दर्शन को दर्शाता है, जहाँ वे संघर्ष को एक सकारात्मक अनुभव के रूप में देखते हैं। इसी एपिसोड में, राजीव ने प्रतियोगी पूनम और उनके पति के साथ रिश्तों में समानता के बारे में भी चर्चा की।

घर और रिश्तों में समानता पर जोर

राजीव ने इस बात पर ज़ोर दिया कि घर और रिश्तों की जिम्मेदारियाँ केवल महिला या पुरुष की नहीं होतीं, बल्कि दोनों को मिलकर निभानी चाहिए। उन्होंने पारंपरिक विवाह की अवधारणा से हटकर बराबरी की सोच अपनाने पर बल दिया। अपनी निजी जिंदगी का उदाहरण देते हुए, राजीव ने कहा, ''मैं हर रोज अपनी पत्नी के लिए चाय बनाता हूँ। रोज सुबह उन्हें गर्म पानी भी देता हूँ।'' यह कदम आधुनिक विवाह में साझेदारी का प्रतीक है।

शो की जानकारी

'तुम हो ना', जिसे राजीव खंडेलवाल होस्ट करते हैं, सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन और सोनी लिव पर प्रसारित होता है। यह रियलिटी शो प्रतियोगियों के जीवन की कहानियों और उनके संघर्षों को केंद्र में रखता है, जहाँ राजीव अपने अनुभवों से उन्हें प्रेरित करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारतीय टेलीविजन की एक सकारात्मक प्रवृत्ति को दर्शाती है। जहाँ अक्सर सफलता को बड़ी गाड़ियों और महँगे घरों से मापा जाता है, वहीं राजीव जैसे व्यक्तित्व असली मूल्य को अनुभव में खोजते हैं। उनकी बात में एक सार्वभौमिक सत्य है — जब हम कड़ी मेहनत करते हैं, तब हमारा मन सबसे ज्यादा सजग और संतुष्ट रहता है। विवाह में समानता पर उनका जोर भी समकालीन है, जहाँ पारंपरिक भूमिकाओं को चुनौती दी जा रही है। हालाँकि, इस तरह की व्यक्तिगत कहानियाँ टेलीविजन पर प्रेरणादायक तो हैं, लेकिन व्यापक सामाजिक परिवर्तन के लिए नीति-स्तरीय हस्तक्षेप की भी ज़रूरत है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजीव खंडेलवाल ने अपने संघर्ष के दिनों में क्या किया था?
राजीव ने बताया कि वे ऐसे रेस्तरांों में जाते थे जहाँ मुफ्त में असीमित सलाद मिलता था। अगर वे ₹50 का खाना खाते थे, तो अक्सर ₹150 का सलाद खा लेते थे, जिससे उनके पास पैसे बचते थे।
राजीव खंडेलवाल ने शो में संघर्ष के बारे में क्या कहा?
राजीव का कहना है कि संघर्ष के दिन ही जीवन के सबसे खूबसूरत पल होते हैं। उन्होंने कहा कि जब हम संघर्ष करते हैं, तब हम सबसे ज्यादा खुश रहते हैं, लेकिन यह एहसास बाद में होता है।
राजीव खंडेलवाल ने सफलता के बारे में क्या विचार दिए?
राजीव का मानना है कि सफलता केवल भौतिक संपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि बड़ी गाड़ी या पैसा होने से कोई कहानी नहीं बनती, असली मूल्य उन अनुभवों में है जो किसी को संघर्ष के दौरान मिलते हैं।
'तुम हो ना' शो कहाँ और कब प्रसारित होता है?
'तुम हो ना' शो सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन और सोनी लिव पर प्रसारित होता है। इस शो को राजीव खंडेलवाल होस्ट करते हैं।
राजीव खंडेलवाल ने विवाह में किस बात पर जोर दिया?
राजीव ने विवाह में समानता पर जोर दिया, कहा कि घर और रिश्तों की जिम्मेदारियाँ केवल महिला या पुरुष की नहीं होतीं, बल्कि दोनों को मिलकर निभानी चाहिए। उन्होंने अपनी पत्नी के लिए रोज़ चाय बनाने की बात कही।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 4 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 7 महीने पहले