'तुम हो ना' शो में राजीव खंडेलवाल ने राजेश खन्ना का 'जिंदगी बड़ी होनी चाहिए' डायलॉग दोहराया
सारांश
Key Takeaways
- राजीव खंडेलवाल के शो 'तुम हो ना' में पूजा और कार्तिक ने अपने रिश्ते की खूबसूरती साझा की।
- कार्तिक ने माना कि उनकी पत्नी आर्थिक निर्णयों में उनसे ज्यादा समझदार हैं।
- पूजा ने बताया कि उन्होंने मेहनत से पैसे बचाकर अपने पति को स्कूटी गिफ्ट की थी।
- राजीव ने राजेश खन्ना की फिल्म 'आनंद' का प्रसिद्ध डायलॉग दोहराया: ''जिंदगी लंबी नहीं, बड़ी होनी चाहिए।''
- खंडेलवाल ने जिंदगी को अनुभवों, रिश्तों और अच्छे कामों से बड़ा बनाने का संदेश दिया।
मुंबई, 28 अप्रैल को प्रसारित टीवी शो 'तुम हो ना' का एक एपिसोड भावनात्मक पलों से भर गया, जब होस्ट राजीव खंडेलवाल ने कंटेस्टेंट्स पूजा और कार्तिक के साथ जिंदगी, रिश्तों और आर्थिक जिम्मेदारियों पर एक गहरी बातचीत की। इसी क्रम में खंडेलवाल ने दिवंगत अभिनेता राजेश खन्ना की क्लासिक फिल्म 'आनंद' का प्रसिद्ध डायलॉग याद किया, जो दर्शकों के दिलों को छू गया।
पति-पत्नी के रिश्ते पर बातचीत
शो के दौरान राजीव ने पूजा और कार्तिक से उनके आर्थिक निर्णयों और परिवार में भूमिकाओं के बारे में सवाल किए। जब पूजा ने बताया कि वह इनाम की राशि से एक बड़े घर की डाउन पेमेंट करना चाहती हैं, तो राजीव ने कार्तिक से मजाकिया अंदाज में पूछा कि क्या वह अपनी पत्नी को पूरी सैलरी देते हैं। कार्तिक ने बिना झिझक जवाब दिया, ''हां, मेरी पत्नी मुझसे ज्यादा स्मार्ट हैं। मैं उनके फैसलों पर पूरा भरोसा करता हूं।''
राजीव की सामाजिक टिप्पणी
इस जवाब के बाद राजीव ने समाज में व्याप्त पितृसत्तात्मक सोच पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ''आमतौर पर समाज में यह सोच देखने को मिलती है कि पुरुष मानते हैं कि पैसे और बजट का काम सिर्फ उन्हें ही करना चाहिए, क्योंकि उन्हें लगता है कि महिलाएं शायद इसे ठीक से नहीं संभाल पाएंगी।'' उन्होंने इस रूढ़िवादी सोच को चुनौती दी और महिलाओं की आर्थिक समझदारी को स्वीकार किया।
प्रेम और सरप्राइज की कहानी
बातचीत और भी दिलचस्प हुई जब राजीव ने पूजा से पूछा कि क्या उन्होंने कभी अपने पति को कोई सरप्राइज दिया है। पूजा ने अपनी एक खूबसूरत यादें साझा कीं: ''जब मैं एक छोटी कंपनी में काम करती थीं, तब मैंने बड़ी ही मेहनत से पैसे बचाए और अपने पति को एक स्कूटी गिफ्ट की थी।'' कार्तिक ने भी इसके प्रभाव को दर्शाया, ''उस गिफ्ट के बाद मेरी जिंदगी काफी बदल गई। अब मैं रोज ट्रेन की जगह स्कूटी से ऑफिस जाता हूं और इससे मेरी दिनचर्या आसान हो गई है।''
राजेश खन्ना का अमर डायलॉग
इसी मुलाकात के बीच राजीव खंडेलवाल ने राजेश खन्ना की 1971 की फिल्म 'आनंद' का सबसे प्रसिद्ध डायलॉग दोहराया: ''जिंदगी लंबी नहीं, बड़ी होनी चाहिए।'' इस पंक्ति ने शो के माहौल को गहरा कर दिया और पूजा-कार्तिक के रिश्ते के मूल्य को रेखांकित किया।
जिंदगी को अर्थ देने का संदेश
राजीव ने इस डायलॉग को विस्तार देते हुए कहा, ''इस सोच का मतलब यह है कि जिंदगी को सिर्फ समय से नहीं, बल्कि अपने अनुभवों, रिश्तों और अच्छे कामों से बड़ा बनाया जाता है।'' उन्होंने आगे जोड़ा, ''हर इंसान अपनी-अपनी जिंदगी जी रहा है, अपने काम और जिम्मेदारियों के साथ।'' यह संदेश दर्शकों को यह सोचने के लिए प्रेरित करता है कि जिंदगी की गुणवत्ता उसकी अवधि से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है, और रिश्तों में विश्वास और समर्थन ही असली सम्पदा है।