उर्फी जावेद का 'वाइब' में कैमियो: 'मड़गांव एक्सप्रेस' देखकर जागी थी ख्वाहिश, बिना सोचे दे दी हाँ
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री उर्फी जावेद ने अभिनेता कुणाल खेमू की फिल्म 'वाइब' में एक विशेष भूमिका (कैमियो) निभाई है। उर्फी ने खुलासा किया कि यह कैमियो महज़ एक संयोग नहीं, बल्कि उनकी एक पुरानी चाहत का नतीजा है — जो उन्होंने कुणाल खेमू की पिछली फिल्म देखने के बाद मन में पाल ली थी।
'मड़गांव एक्सप्रेस' से जगी ख्वाहिश
उर्फी जावेद ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि जब उन्होंने पहली बार कुणाल खेमू निर्देशित फिल्म 'मड़गांव एक्सप्रेस' देखी, तो उनके मन में तुरंत ख्याल आया कि काश उन्हें इसके सीक्वल में कोई भूमिका मिले — भले ही वह छोटी हो। उन्होंने कहा, 'फिल्म बहुत ही मजेदार थी।' यह चाहत इतनी गहरी थी कि जब 'वाइब' के लिए उन्हें कॉल आया, तो उन्होंने पल भर की देरी किए बिना हाँ कह दी।
बिना पूछे ही कर दी हाँ
उर्फी ने वीडियो में स्वीकार किया कि उन्होंने फिल्म की कहानी या अपने किरदार के बारे में कुछ भी जाने बिना इस भूमिका के लिए तैयारी दिखा दी। उनके शब्दों में, 'मुझे कुछ भी नहीं जानना है, क्या रोल है या फिर फिल्म की स्टोरी कैसी है — मुझे बस यह फिल्म करनी है और मैं बिना सोचे-समझे सेट पर पहुँच गई।' कुणाल खेमू के साथ काम करने का उत्साह ही उनके लिए काफी था।
डॉ. चंचल का किरदार
'वाइब' में उर्फी जावेद ने डॉ. चंचल नाम के किरदार का कैमियो निभाया है। इस भूमिका के ज़रिए फिल्म के मुख्य पात्र हार्दिक — जिसे कुणाल खेमू ने निभाया है — की व्यक्तित्व-छवि और संबंधित दृश्य की पृष्ठभूमि स्थापित की जाती है। हालाँकि यह एक संक्षिप्त भूमिका है, लेकिन उर्फी ने दर्शकों से अपील की कि वे इसे ज़रूर पहचानें।
दर्शकों और टीम के लिए संदेश
उर्फी ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'जाएं, जाकर फिल्म वाइब देखकर आएं। बहुत अच्छी फिल्म है।' साथ ही उन्होंने कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा और कुणाल खेमू का धन्यवाद भी किया। उन्होंने फॉलोअर्स से अनुरोध किया कि फिल्म की स्टोरी डालते समय उन्हें टैग करें।
आगे क्या
'वाइब' सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो चुकी है और उर्फी के इस कैमियो ने सोशल मीडिया पर उत्सुकता जगाई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस छोटे-से किरदार पर दर्शकों और समीक्षकों की क्या प्रतिक्रिया आती है तथा क्या यह उर्फी के लिए बॉलीवुड में और अवसरों का रास्ता खोलता है।