क्या 'पराशक्ति' के निर्माता देव रामनाथ का बयान विजय फैंस को चुनौती देने के लिए था?

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क्या 'पराशक्ति' के निर्माता देव रामनाथ का बयान विजय फैंस को चुनौती देने के लिए था?

सारांश

देव रामनाथ ने अपने बयान पर सफाई दी है, जिसमें उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य विजय फैंस को चेतावनी देना नहीं था। उन्होंने फिल्म को उचित सम्मान दिलाने की बात की है और इंडस्ट्री की चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला है। जानें उन्होंने क्या कहा और फिल्म 'पराशक्ति' के बारे में क्या है खास।

Key Takeaways

  • देव रामनाथ ने विजय फैंस को चेतावनी देने का इरादा नहीं रखा।
  • फिल्म को उचित सम्मान मिलना चाहिए।
  • इंडस्ट्री में नकारात्मकता को कम करने की आवश्यकता है।
  • फिल्म 'पराशक्ति' 1960 के दशक के एंटी-हिंदी आंदोलन पर आधारित है।
  • फिल्म के रिलीज के बाद कई नकारात्मक प्रतिक्रियाएँ आई हैं।

मुंबई, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिल फिल्म उद्योग में हाल ही में 'पराशक्ति' के निर्माता एवं अभिनेता देव रामनाथ के बयान ने काफी चर्चा उत्पन्न की है। देव रामनाथ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था, जिसके चलते उन्हें ट्रोल किया जा रहा है।

लोगों का मानना है कि वह सुपरस्टार विजय और उनके फैंस के खिलाफ बोल रहे हैं। लेकिन अब उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं था। उनका कहना है कि उन्होंने केवल अपनी फिल्म को उचित सम्मान दिलाने के लिए कुछ बातें साझा की थीं, लेकिन कुछ लोगों ने इसका गलत अर्थ निकाला।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में देव रामनाथ ने कहा, ''विजय सर मेरे लिए एक आदर्श हैं। मैं उनकी फिल्मों को बचपन से देखता आया हूं। मैं कोई बड़ा अभिनेता या निर्माता नहीं हूं। मैं सिर्फ यह चाहता हूं कि हमारी मेहनत की फिल्म को उसका उचित सम्मान मिले।''

उन्होंने आगे कहा, ''मैंने पूरी मेहनत और लगन से फिल्म को तैयार किया है। यही स्थिति विजय की फिल्म 'जन नायकन' के साथ भी है। सैकड़ों लोग फिल्म में काम करते हैं और अगर किसी फिल्म को सही सम्मान नहीं मिलता या गलत तरीके से आलोचना का सामना करना पड़ता है, तो यह सभी के लिए मुश्किल हो जाता है।''

देव रामनाथ ने कहा, ''मैं किसी के खिलाफ नहीं हूं। मेरा मकसद विजय फैंस को चेतावनी देना नहीं था। फिल्म को उसका हक मिलना चाहिए। इसे कमतर दिखाना या उसके मूल्य को घटाना गलत है। फिल्म थिएटर में रिलीज हुई है, और इसका असली अनुभव वहीं मिलता है। ओटीटी पर देखकर केवल यह कहना कि फिल्म अच्छी है, इसका कोई मतलब नहीं है।''

उन्होंने कहा, ''विजय की 'जन नायकन' के साथ जो हुआ, वह भी गलत था। किसी भी फिल्म को बिना कारण गिराना, आलोचना करना या उसके मूल्य को कम आंकना सही नहीं है। इंडस्ट्री इस समय कठिन दौर से गुजर रही है। कई निर्माता अब फिल्म बनाने से पहले कई बार सोचते हैं और इस वजह से फिल्मों की संख्या भी कम हो रही है। ऐसे समय में यह लेखक, निर्देशक, निर्माता, अभिनेता और फैंस की जिम्मेदारी बनती है कि वे फिल्मों को सही सम्मान दें और उन्हें गिराने की बजाय बढ़ावा दें।''

ज्ञात हो कि निर्देशक सुधा कोंगरा की फिल्म 'पराशक्ति' मुख्य रूप से 1960 के दशक में तमिलनाडु में हुए एंटी-हिंदी आंदोलन पर आधारित है। इस आंदोलन ने राज्य में काफी हलचल मचाई थी और फिल्म इस ऐतिहासिक घटना पर आधारित कहानी पेश करती है।

फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में शिवकार्तिकेयन और श्रीलीला हैं। इसके अलावा, फिल्म में रवि मोहन खलनायक की भूमिका में हैं।

'पराशक्ति' को 10 जनवरी को पोंगल के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज किया गया।

रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया और रिव्यू साइट्स पर काफी नकारात्मक प्रतिक्रियाएँ देखी गईं। इस पर देव रामनाथ ने पोस्ट करते हुए कहा कि कुछ लोग पुराने वीडियो शेयर कर रहे हैं, थिएटर में राजनीतिक नारे लगा रहे हैं और टिकट बुकिंग साइट्स पर रेटिंग में छेड़छाड़ कर रहे हैं ताकि उनकी फिल्म का मुकाबला विजय की फिल्म 'जन नायकन' के साथ हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सही प्रतिस्पर्धा नहीं है और फिल्म को उसका हक मिलना चाहिए।

Point of View

देव रामनाथ का बयान फिल्म इंडस्ट्री में चल रहे तनाव को उजागर करता है। यह जरुरी है कि सभी फिल्म निर्माता, निर्देशक, और फैंस एकजुट होकर अपने काम का सम्मान करें और नकारात्मकता से बचें।
NationPress
14/01/2026

Frequently Asked Questions

देव रामनाथ ने अपने बयान में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि उनका मकसद विजय फैंस को चेतावनी देना नहीं था, बल्कि उन्होंने अपनी फिल्म को उचित सम्मान दिलाने की बात की है।
'पराशक्ति' किस विषय पर आधारित है?
'पराशक्ति' फिल्म 1960 के दशक में तमिलनाडु में हुए एंटी-हिंदी आंदोलन पर आधारित है।
फिल्म 'पराशक्ति' में मुख्य भूमिकाएँ कौन सी हैं?
फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में शिवकार्तिकेयन और श्रीलीला हैं।
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