26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मद्रास हाईकोर्ट का कड़ा निर्णय: विजय की 'जन नायकन' फिल्म की रिलीज पर रोक

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मद्रास हाईकोर्ट का कड़ा निर्णय: विजय की 'जन नायकन' फिल्म की रिलीज पर रोक

सारांश

मद्रास हाईकोर्ट ने विजय की फ़िल्म 'जन नायकन' की डिजिटल और केबल टीवी पर रिलीज़ पर रोक लगा दी है। यह निर्णय सेंसर बोर्ड की प्रक्रियाओं और कानूनी विवादों के बीच आया है।

मुख्य बातें

मद्रास हाईकोर्ट ने 'जन नायकन' की रिलीज़ पर रोक लगाई।
सेंसर बोर्ड ने फ़िल्म में आपत्तिजनक सामग्री के कारण आपत्ति जताई।
फ़िल्म का ऑनलाइन लीक होना विवाद का कारण बना।
अगली सुनवाई २ जून को होगी।

मुंबई, १७ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तमिल फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता और टीवीके के प्रमुख विजय की आगामी फ़िल्म 'जन नायकन' पर मद्रास हाईकोर्ट ने कड़ा कदम उठाया है। अदालत ने इस फ़िल्म की डिजिटल और केबल टीवी पर रिलीज़ पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह निर्णय उस समय आया, जब फ़िल्म को लेकर पहले से ही सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया और कानूनी विवाद चल रहे थे।

दरअसल, फ़िल्म को पहले पोंगल के अवसर पर रिलीज़ करने की योजना थी, लेकिन सेंसर बोर्ड (सीबीएफसी) ने इसमें कुछ आपत्तियां उठाई थीं। बोर्ड का कहना था कि फ़िल्म में मिलिट्री से जुड़े कुछ दृश्य हैं और कुछ हिस्से समाज में तनाव या गलत संदेश पैदा कर सकते हैं। इस वजह से फ़िल्म को सीधे सर्टिफिकेट देने की बजाय रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजा गया, ताकि इसकी फिर से जांच हो सके।

इस निर्णय से असंतुष्ट होकर फ़िल्म के निर्माताओं ने अदालत का रुख किया। पहले एक सिंगल जज ने सेंसर बोर्ड को आदेश दिया था कि फ़िल्म को तुरंत सर्टिफिकेट दिया जाए, लेकिन इसके खिलाफ अपील दायर की गई। इसके बाद एक डिवीजन बेंच ने सिंगल जज के आदेश को रद्द कर दिया और मामला फिर से उसी जज के पास भेजा गया, ताकि फिर से विचार किया जाए।

इस कानूनी प्रक्रिया के चलते फ़िल्म की रिलीज़ लगातार अटकती चली गई। इसी बीच प्रोडक्शन टीम ने वह मामला वापस ले लिया, जो पहले सिंगल जज के सामने चल रहा था। इसके बावजूद, फ़िल्म सेंसर बोर्ड की रिवाइजिंग कमेटी के पास जांच में बनी रही। इसी दौरान फ़िल्म से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।

दरअसल, इस बीच फ़िल्म का आधिकारिक सर्टिफिकेशन मिलने से पहले ऑनलाइन लीक हो गया। इसके बाद फ़िल्म के प्रोडक्शन हाउस केवीएन प्रोडक्शन्स ने तुरंत मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया और मांग की कि फ़िल्म को वेबसाइटों और केबल टीवी नेटवर्क पर दिखाने से रोका जाए।

जब यह मामला जस्टिस सेंथिलकुमार राममूर्ति के सामने आया, तो प्रोडक्शन कंपनी ने दलील दी कि फ़िल्म को बिना अनुमति के इंटरनेट पर रिलीज़ करना पूरी तरह से अवैध है। इससे न केवल फ़िल्म की कमाई पर असर पड़ेगा, बल्कि पूरी फ़िल्म की व्यावसायिक योजना भी बिगड़ जाएगी।

अदालत ने इन तर्कों को गंभीरता से लिया और माना कि अगर फ़िल्म इस तरह बिना सर्टिफिकेशन के प्रसारित होती रही, तो इससे निर्माताओं को बड़ा नुकसान हो सकता है। इसी आधार पर कोर्ट ने वेबसाइटों और केबल टीवी प्लेटफॉर्म्स पर फ़िल्म के प्रसारण पर अस्थायी रोक लगा दी।

इसके साथ ही अदालत ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को भी इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख २ जून तय की है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या मद्रास हाईकोर्ट ने 'जन नायकन' फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई है?
हां, मद्रास हाईकोर्ट ने इस फ़िल्म की डिजिटल और केबल टीवी पर रिलीज़ पर अस्थायी रोक लगाई है।
इस फ़िल्म की रिलीज़ को लेकर क्या विवाद हैं?
फ़िल्म में मिलिट्री से जुड़े कुछ दृश्य और समाज में तनाव पैदा करने वाले हिस्से हैं, जिसके कारण सेंसर बोर्ड ने आपत्तियां जताई हैं।
अगली सुनवाई की तारीख कब है?
अगली सुनवाई की तारीख २ जून तय की गई है।
क्या फ़िल्म ऑनलाइन लीक हो गई थी?
जी हां, फ़िल्म का आधिकारिक सर्टिफिकेशन मिलने से पहले ही ऑनलाइन लीक हो गया था।
केवीएन प्रोडक्शन्स ने अदालत में क्या मांग की है?
उन्होंने मांग की है कि फ़िल्म को वेबसाइटों और केबल टीवी नेटवर्क पर दिखाने से रोका जाए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले