मनीष पॉल जन्मदिन विशेष: कॉमिक टाइमिंग से बने टीवी के 'किंग', झलक से जुगजुग तक का शानदार सफर
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड और टेलीविज़न की दुनिया में जब भी किसी ऐसे होस्ट की बात होती है जो मंच पर आते ही माहौल को जीवंत कर दे, तो मनीष पॉल का नाम सबसे पहले ज़ुबान पर आता है। 3 अगस्त 1981 को नई दिल्ली के एक पंजाबी परिवार में जन्मे मनीष ने अपनी बेमिसाल कॉमिक टाइमिंग, हाजिर जवाबी और मंच पर अदम्य ऊर्जा के बल पर टीवी, फिल्मों और ओटीटी — तीनों मोर्चों पर अपनी अलग पहचान बनाई है। आज उनके जन्मदिन पर उनके उस सफर पर एक नज़र, जो दिल्ली के स्कूली मंचों से शुरू होकर बॉलीवुड की बड़ी फिल्मों तक पहुँचा।
शिक्षा और शुरुआती दिन
मनीष पॉल ने अपनी स्कूली पढ़ाई अपीजय स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज से पर्यटन में स्नातक (बीए) की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में एंकरिंग शुरू कर दी थी, जहाँ उनकी प्रतिभा को पहली बार एक व्यापक मंच मिला।
मुंबई में करियर की नींव
दिल्ली में होस्टिंग का अनुभव लेने के बाद मनीष मुंबई आ गए और अवसरों की तलाश में जुट गए। 2002 में उन्हें स्टार प्लस पर 'संडे टैंगो' की मेजबानी का मौका मिला, जो उनके टेलीविज़न करियर की पहली बड़ी पहचान बनी। इसके साथ ही वे ज़ी म्यूजिक के साथ वीजे और रेडियो सिटी के मॉर्निंग ड्राइव टाइम शो 'कसा काय मुंबई' में रेडियो जॉकी के रूप में भी सक्रिय रहे। इस बहुआयामी शुरुआत ने उन्हें मनोरंजन उद्योग की बारीकियाँ सीखने का मौका दिया।
रियलिटी शो: असली पहचान का दौर
मनीष पॉल के करियर का निर्णायक मोड़ तब आया जब उन्होंने रियलिटी शो की होस्टिंग संभाली। 'सारेगामापा छोटे उस्ताद', 'डांस इंडिया डांस लिटिल मास्टर्स', 'नच बलिए', 'झलक दिखला जा' के कई सीज़न और 'स्टार या रॉकस्टार' जैसे शो में उनकी कॉमिक टाइमिंग और बेलगाम ऊर्जा ने दर्शकों को दीवाना बना दिया। 2011 में उन्हें 'डांस इंडिया डांस लिटिल मास्टर्स' के लिए सर्वश्रेष्ठ एंकर का पुरस्कार भी मिला। इसके अलावा उन्होंने नेशनल ज्योग्राफिक पर 'साइंस ऑफ स्टुपिड' की भी मेजबानी की, जिसने उनकी बहुमुखी प्रतिभा को रेखांकित किया। हालाँकि उन्होंने 'राधा की बेटियाँ कुछ कर दिखाएंगी', 'जिंदादिल' और 'कहानी शुरू' जैसे धारावाहिकों में अभिनय भी किया, पर असली पहचान होस्टिंग से ही मिली।
फिल्मों और ओटीटी में कदम
2010 में फिल्म 'तीस मार खान' से बड़े पर्दे पर कदम रखने के बाद, 2013 में 'मिकी वायरस' में पहली बार मुख्य किरदार निभाया। इसके बाद 'तेरे बिन लादेन-2' में भी अहम भूमिका रही। 2022 में बहुप्रशंसित फिल्म 'जुगजुग जियो' में उनके 'गुरप्रीत' के किरदार को दर्शकों ने खूब सराहा। 2023 में ओटीटी वेबसीरीज़ 'रफूचक्कर' में मुख्य भूमिका निभाकर उन्होंने डिजिटल मंच पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
व्यक्तिगत जीवन
मनीष पॉल ने 2007 में संयुक्ता पॉल से विवाह किया, जो बंगाली हैं। दोनों स्कूल में मिले थे और 1998 के अंत से एक-दूसरे को जानते थे। उनके दो बच्चे हैं — एक बेटी जिसका जन्म 2011 में हुआ और एक बेटा जिसका जन्म 2016 में हुआ। पारिवारिक जीवन में भी मनीष उतनी ही ऊर्जा और उत्साह के साथ नज़र आते हैं जितना मंच पर। आने वाले समय में उनसे और भी बड़े और रोचक प्रोजेक्ट्स की उम्मीद बनी हुई है।