नई ईपी रिलीज के बाद मनकीरत औलख स्वर्ण मंदिर पहुंचे, गुरु दरबार में टेका माथा
सारांश
मुख्य बातें
पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के चर्चित गायक और अभिनेता मनकीरत औलख ने अपनी नई ईपी रिलीज होते ही सबसे पहले अमृतसर स्थित पावन सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में माथा टेककर वाहेगुरु का शुक्राना अदा किया। गुरुवार, 21 मई को अपनी टीम के साथ गुरु दरबार पहुंचे औलख ने अरदास की और सफलता का श्रेय गुरु साहिब को समर्पित किया।
गुरु दरबार में पहुंचने की वजह
मनकीरत औलख ने मीडिया से बातचीत में बताया कि ईपी रिलीज से पहले ही उन्होंने यह तय कर लिया था कि सफलता का पहला शुक्राना गुरु साहिब को ही अर्पित करेंगे। उन्होंने कहा, 'रब की रजा में रहो और सबको खुश रखो।' साथ ही उन्होंने लोगों को सलाह दी कि किसी का दिल न दुखाएं, हमेशा सकारात्मक सोच रखें और अच्छा काम करते रहें।
नई ईपी की खासियत
औलख ने बताया कि यह उनकी दूसरी ईपी है। इससे पहले वे मुख्यतः सिंगल गाने ही रिलीज करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि ईपी में आमतौर पर 7 से 8 गाने शामिल होते हैं। इसके अलावा उन्होंने फैंस से अपील की कि वे नई ईपी को सुनें और भरपूर सपोर्ट दें। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जल्द ही कई नए गाने भी रिलीज होने वाले हैं।
प्रशंसकों का उत्साह
स्वर्ण मंदिर परिसर में मनकीरत औलख के पहुंचने की खबर फैलते ही उनके प्रशंसकों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ पड़ी। फैंस उनसे मिलने और एक झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आए। यह दृश्य इस बात का प्रमाण था कि पंजाबी म्यूजिक जगत में उनकी लोकप्रियता किस ऊंचाई पर है।
करियर का सफर
मनकीरत औलख का पहला गीत 'दर्शन करके' 22 नवंबर 2013 को रिलीज हुआ था। इसके बाद फरवरी 2014 में आए गीत 'काका जी' ने उन्हें रातोंरात लोकप्रिय बना दिया। 'गैंगलैंड', 'बदनाम' और 'कोका' जैसे सुपरहिट ट्रैक्स ने उन्हें युवाओं के बीच खास पहचान दिलाई। आज वे देश-विदेश में लाइव शो करने वाले प्रमुख पंजाबी कलाकारों में गिने जाते हैं और कई पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके हैं।
गौरतलब है कि पंजाबी मनोरंजन जगत में यह परंपरा रही है कि कलाकार बड़ी उपलब्धि के बाद गुरु घर में माथा टेकते हैं — मनकीरत औलख का यह कदम उसी भावना की अभिव्यक्ति है। आने वाले महीनों में उनके नए गानों के साथ उनकी यह आध्यात्मिक यात्रा फैंस के लिए एक प्रेरणादायक संदेश बनकर उभरी है।