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मनोज बाजपेयी का दर्द: 'सपने की दौड़ में 20 साल मां के साथ 10 दिन भी नहीं बिता पाया'

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मनोज बाजपेयी का दर्द: 'सपने की दौड़ में 20 साल मां के साथ 10 दिन भी नहीं बिता पाया'

सारांश

शोहरत की दौड़ में माँ के साथ 10 दिन भी न बिता पाने का दर्द — मनोज बाजपेयी की यह बेबाक स्वीकारोक्ति सिर्फ एक अभिनेता की कहानी नहीं, बल्कि लाखों सपने देखने वालों का सच है। माँ गीता देवी 2022 में चली गईं, और वह खालीपन अब भी बना हुआ है।

मुख्य बातें

मनोज बाजपेयी ने स्वीकार किया कि 20 साल के करियर में उन्होंने माँ के साथ कभी 10 दिन से ज़्यादा समय नहीं बिताया।
फिल्मकार महेश भट्ट के साथ उनकी पुरानी बातचीत का वीडियो क्लिप इंटरनेट पर फिर से वायरल हुआ।
माँ गीता देवी — एक गृहिणी — उनके संघर्ष के दौर में सबसे बड़ी हिम्मत का स्रोत रहीं।
गीता देवी का निधन 8 दिसंबर 2022 को 80 वर्ष की आयु में दिल्ली में हुआ।
उनके पिता का निधन इससे करीब एक वर्ष पहले 2021 में हो चुका था।

मनोज बाजपेयी — नेशनल अवॉर्ड विजेता और हिंदी सिनेमा के सबसे सम्मानित अभिनेताओं में से एक — ने एक पुरानी बातचीत में वह दर्द साझा किया था, जो उन्हें अपने पूरे करियर के दौरान भीतर से कचोटता रहा। फिल्मकार महेश भट्ट के साथ उनकी उस बातचीत का एक पुराना वीडियो क्लिप इन दिनों इंटरनेट पर फिर से चर्चा में है, जिसमें वह अपने माता-पिता को समय न दे पाने के गहरे पछतावे की बात करते दिख रहे हैं।

वह बात जो दिल को छू गई

वीडियो में बाजपेयी ने कहा, 'मैंने सबसे बड़ी चीज जो छोड़ी — और आप इससे बहुत जुड़ाव महसूस करेंगे — वह थी अपने माता-पिता का साथ, खासकर अपनी माँ का साथ। इन पूरे 20 सालों में मैंने उनके साथ कभी भी 10 दिन से ज़्यादा समय नहीं बिताया।' उन्होंने स्वीकार किया कि सपने को पूरा करने की अंधी दौड़ में उन्होंने जो सबसे कीमती चीज़ गँवाई, वह माँ-बाप का सान्निध्य था।

उन्होंने अपने पहले स्क्रीन अवॉर्ड का भी ज़िक्र किया — जब उन्होंने माता-पिता को मुंबई बुलाया और वे दो दिन के लिए आए। उस दौरान उनकी माँ ने एक बात कही जो उन्हें आज भी याद है: 'बेटा, एक बात याद रखना — जो सफल नहीं हुआ, वह बेवकूफ नहीं होता।' बाजपेयी ने कहा, 'यह बात सिर्फ एक माँ ही कह सकती है।'

माँ का वह बेलाग जवाब

अभिनेता ने एक और किस्सा सुनाया — एक बार वे दिल्ली गए और सुबह नहाने के बाद बाल बनाते हुए माँ से पूछा, 'माँ, मैं कैसा लग रहा हूँ? अच्छा लग रहा हूँ न?' माँ का जवाब था: 'बेटा, शोहरत और पैसा मिलने पर तो गधा भी सुंदर लगने लगता है।' इस किस्से पर बाजपेयी की हँसी में एक अनकहा दर्द भी था — माँ की बेबाकी और ज़मीन से जोड़े रखने की ताकत का एहसास।

माँ गीता देवी से अटूट रिश्ता

मनोज बाजपेयी का अपनी माँ गीता देवी से बेहद करीबी रिश्ता था। एक गृहिणी होते हुए भी गीता देवी उनके संघर्ष के सबसे कठिन दौर में उनकी हिम्मत का स्रोत रहीं। अभिनेता ने कई अवसरों पर यह बात खुलकर कही है कि उनके माता-पिता के त्याग और विश्वास के बिना यह सफर संभव नहीं होता।

गीता देवी का निधन 8 दिसंबर 2022 को 80 वर्ष की आयु में हुआ। वे करीब 20 दिनों से बीमार थीं और दिल्ली के एक अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। उनके जाने से लगभग एक वर्ष पहले, 2021 में, बाजपेयी अपने पिता को भी खो चुके थे।

सफलता और खालीपन का द्वंद्व

यह वीडियो उस व्यापक सामाजिक सच को भी उजागर करता है जिससे देश के लाखों युवा रोज़ जूझते हैं — बेहतर जीवन और करियर की तलाश में घर, गाँव और परिवार से दूर होने की कीमत। बाजपेयी की यह बेबाक स्वीकारोक्ति उन्हें महज़ एक स्टार से इंसान बनाती है, और शायद इसीलिए यह क्लिप बार-बार वायरल होता है। यह सवाल अनुत्तरित रहता है कि सपनों की कीमत क्या होनी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसकी कीमत को नहीं। बाजपेयी जैसे कद के कलाकार का यह कहना कि शोहरत के बावजूद अपराध-बोध नहीं गया, मुख्यधारा की सेलिब्रिटी कल्चर से एक ज़रूरी विराम है। सवाल यह है कि क्या यह पछतावा सिस्टम की विफलता है — जो प्रतिभा को जड़ों से काटकर ही आगे बढ़ने देता है?
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनोज बाजपेयी ने माता-पिता के बारे में क्या कहा?
मनोज बाजपेयी ने कहा कि 20 साल के करियर में वे अपनी माँ के साथ कभी 10 दिन से ज़्यादा नहीं रह पाए और उन्हें इसका गहरा पछतावा है। यह बात उन्होंने फिल्मकार महेश भट्ट के साथ एक पुरानी बातचीत में कही थी, जिसका वीडियो अब फिर वायरल हो रहा है।
मनोज बाजपेयी की माँ गीता देवी का निधन कब हुआ?
गीता देवी का निधन 8 दिसंबर 2022 को 80 वर्ष की आयु में दिल्ली के एक अस्पताल में हुआ। वे करीब 20 दिनों से बीमार थीं।
मनोज बाजपेयी के पिता का निधन कब हुआ?
मनोज बाजपेयी के पिता का निधन 2021 में हुआ था — माँ गीता देवी के जाने से करीब एक साल पहले।
मनोज बाजपेयी की माँ ने उन्हें क्या यादगार बात कही थी?
जब बाजपेयी अपने पहले स्क्रीन अवॉर्ड पर माता-पिता को बुलाया, तब उनकी माँ ने कहा था — 'बेटा, जो सफल नहीं हुआ, वह बेवकूफ नहीं होता।' एक अन्य किस्से में माँ ने यह भी कहा कि 'शोहरत और पैसा मिलने पर तो गधा भी सुंदर लगने लगता है।'
मनोज बाजपेयी का वायरल वीडियो किस बातचीत का है?
यह वीडियो फिल्मकार महेश भट्ट के साथ हुई एक पुरानी बातचीत का क्लिप है, जो हाल ही में इंटरनेट पर फिर से सामने आया है। इसमें बाजपेयी अपने माता-पिता को पर्याप्त समय न दे पाने के अपराध-बोध के बारे में खुलकर बात करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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