क्या नागालैंड की खूबसूरती से प्रभावित हुए मनोज बाजपेयी?
सारांश
Key Takeaways
- नागालैंड की प्राकृतिक खूबसूरती अद्भुत है।
- यहां के लोग बहुत मिलनसार और गर्मजोशी से भरे हैं।
- सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव करना महत्वपूर्ण है।
- यहां की हरीतिमा और प्राकृतिक संतुलन अद्वितीय है।
- स्थानीय कलाकारों की सोच और प्रतिभा बहुत आधुनिक है।
मुंबई, 25 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में प्रदर्शित हुई वेब श्रृंखला 'द फैमिली मैन' का तीसरा सीजन दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हो रहा है। इस सीजन की शूटिंग नागालैंड में की गई, और इस स्थान की खूबसूरती ने दर्शकों का मन मोह लिया है। श्रृंखला में मुख्य भूमिका निभा रहे अभिनेता मनोज बाजपेयी ने नागालैंड की यात्रा और शूटिंग के अनुभव पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि यह शूटिंग उनके लिए केवल काम नहीं थी, बल्कि एक नया अनुभव और सीखने का अवसर भी था।
मनोज बाजपेयी ने कहा, ''नागालैंड की सुंदरता को शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। मैं पहली बार देश के इस भाग में आया था। यहां बिताया गया समय मेरे लिए बेहद खास था। शूटिंग का हर दिन मेरे लिए नई चीजें लेकर आया। यहां के लोग, भोजन, संस्कृति, और हर अनुभव में जो गर्मजोशी और सादगी थी, वह दिल को छू गई। यह एक ऐसा राज्य है, जहां आप प्रकृति और मानव जीवन के बीच अद्भुत संतुलन देख सकते हैं।''
अभिनेता ने कहा, ''नागालैंड में दिन की शुरुआत बेहद जल्दी होती है। यहां सुबह साढ़े चार या पांच बजे सूरज ऐसे चमकता है, जैसे सुबह के नौ या दस बज रहे हों। लोग जल्दी उठकर अपने रोजमर्रा के काम में जुट जाते हैं। इससे पता चलता है कि लोग प्रकृति के साथ कितने करीब से जुड़कर अपनी ज़िंदगी जीते हैं।''
मनोज बाजपेयी ने नागालैंड की हरीतिमा और प्राकृतिक सुंदरता की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह स्थान न केवल हरा-भरा है, बल्कि यहां के लोग भी बहुत मिलनसार हैं। ऐसे कम ही स्थान हैं जहां मानव जीवन और प्राकृतिक वातावरण इतनी खूबसूरती से संतुलित रूप में मौजूद हैं। यहां हर किसी को अपनी ज़िंदगी में एक बार जरूर आना चाहिए, ताकि वे खुद इस प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव कर सकें।
इसके साथ ही, मनोज ने वहां के स्थानीय कलाकारों के साथ अनुभव के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि वे न केवल प्रतिभाशाली हैं, बल्कि उनके विचार और सोच भी बहुत आधुनिक हैं। ये लोग तकनीक, फैशन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में काफी आगे हैं, लेकिन अपनी संस्कृति और परंपराओं से भी जुड़े हुए हैं। उनके साथ काम करना और बातचीत करना एक अलग ही अनुभव था।