12 जुलाई 2026
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नकुल मेहता की लद्दाख यात्रा: 'स्लो गार्डन' में मिला सुकून, बोले — 'दयालुता ही सबसे बड़ा धर्म'

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नकुल मेहता की लद्दाख यात्रा: 'स्लो गार्डन' में मिला सुकून, बोले — 'दयालुता ही सबसे बड़ा धर्म'

सारांश

नकुल मेहता की लद्दाख यात्रा सिर्फ घूमना नहीं थी — यह जिंदगी को फिर से महसूस करने का सफर था। दोस्त ग्यात्सो की 'दयालुता ही सबसे बड़ा धर्म' वाली बात ने उन्हें भीतर तक छू लिया और उन्हें याद दिलाया कि असली सुकून शहरों की चकाचौंध में नहीं, लद्दाख की वादियों में है।

मुख्य बातें

नकुल मेहता ने 27 मई को इंस्टाग्राम पर लद्दाख यात्रा की तस्वीरें और अनुभव साझा किए।
अभिनेता अब हर साल लद्दाख जाते हैं और इसे जीवन की 'लय' पाने की जगह बताते हैं।
यात्रा में 'स्लो गार्डन' में दोस्त ग्यात्सो और उनकी बेटी रूदा के साथ वक्त बिताया।
पिकनिक के दिन को नकुल ने जापानी फिल्म 'द परफेक्ट डेज' से जोड़ा।
ग्यात्सो की बात — ' सबसे बड़ा धर्म दयालुता है ' — ने नकुल को गहरे विचार में डाल दिया।

टेलीविजन अभिनेता नकुल मेहता हाल ही में लद्दाख की वादियों की सैर करके लौटे हैं और 27 मई को उन्होंने इंस्टाग्राम पर इस यात्रा की यादगार तस्वीरें और अपने अनुभव साझा किए। इन तस्वीरों में उनके लद्दाखी मित्र ग्यात्सो, उनकी बेटी रूदा और वहाँ के मनोरम दृश्य नज़र आते हैं। अभिनेता ने लिखा कि इस यात्रा ने उन्हें जिंदगी के असली मायने समझाए।

हर साल लद्दाख क्यों लौटते हैं नकुल

नकुल ने अपनी पोस्ट में बताया कि वे अब हर साल लद्दाख जाते हैं और यह जगह उन्हें कभी निराश नहीं करती। उन्होंने लिखा, 'वहाँ की वादियों में जाकर इंसान को इस दुनिया की खूबसूरती, जिंदगी के असली मायने और कुदरत के सामने अपनी छोटी-सी जिंदगी का एहसास होता है। मुझे लद्दाख जाकर जिंदगी जीने की लय मिल जाती है।' यह यात्रा उन्होंने अचानक — शहरी जीवन की भागदौड़ से दूर सुकून पाने के इरादे से — तय की थी।

स्लो गार्डन: शांति का ठिकाना

सफर की शुरुआत में नकुल 'स्लो गार्डन' नामक एक शांत और खूबसूरत जगह पर रुके, जहाँ उन्होंने ग्यात्सो, उनकी बेटी रूदा और वहाँ के पालतू जानवरों के साथ समय बिताया। उन्होंने लिखा कि ग्यात्सो अपनी बेटी की पसंद के अनुसार खाना बनाते, उसे स्कूल छोड़ने जाते और फिगर स्केटिंग प्रोग्राम में भी ले जाते हैं। नकुल ने कहा कि यह देखकर विश्वास करना मुश्किल होता है कि यही शख्स लेह का सबसे व्यस्त बार भी संभालता है।

पिकनिक और 'द परफेक्ट डेज' की याद

एक रविवार को ग्यात्सो के आग्रह पर नकुल अपनी पसंदीदा किताब 'ग्रीनलाइट्स' छोड़कर रूदा और कुत्तों के साथ कैंपर वैन में पिकनिक पर निकल पड़े। उन्होंने लिखा कि वे ऐसी जगह ढूंढ रहे थे जहाँ बैठकर रेमन बना सकें और बीयर पी सकें। नकुल ने कहा, 'वह दिन मुझे मेरी पसंदीदा जापानी फिल्म 'द परफेक्ट डेज' की याद दिला गया। हम सब साथ थे, अपनी-अपनी चीजों में मग्न, बीच-बीच में जिंदगी और उसके मतलब पर बातें कर रहे थे।'

ग्यात्सो की वह बात जो दिल में उतर गई

वापसी से पहले ग्यात्सो ने नकुल से कहा कि उनके लिए सबसे बड़ा धर्म दयालुता है। इस एक वाक्य ने नकुल को गहरे सोच में डाल दिया। उन्होंने लिखा, 'तब से मैं उसी बात के बारे में सोच रहा हूँ। शायद जिंदगी में इतना ही काफी है। शायद यही सब कुछ है।' ग्यात्सो और रूदा को साथ देखकर उनके मन में उम्मीद और अपनेपन का भाव भर गया। यह यात्रा नकुल के लिए महज एक पर्यटन नहीं, बल्कि एक आंतरिक खोज बन गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन साथ ही वहाँ के पर्यावरण पर दबाव का सवाल भी उठाता है। ग्यात्सो जैसे स्थानीय लोगों की कहानियाँ सामने लाना सराहनीय है, पर यह भी ध्यान देने योग्य है कि इस तरह की 'सुकून की खोज' की कथाएँ अक्सर लद्दाख के सामाजिक-आर्थिक यथार्थ को पृष्ठभूमि में धकेल देती हैं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नकुल मेहता की लद्दाख यात्रा कब हुई और उन्होंने क्या शेयर किया?
नकुल मेहता ने 27 मई को इंस्टाग्राम पर लद्दाख यात्रा की तस्वीरें और अपने अनुभव साझा किए। इनमें उनके दोस्त ग्यात्सो, उनकी बेटी रूदा और लद्दाख के नज़ारे शामिल थे।
'स्लो गार्डन' क्या है और नकुल मेहता वहाँ क्यों गए?
'स्लो गार्डन' लद्दाख में एक शांत और खूबसूरत जगह है जहाँ नकुल ने अपनी यात्रा की शुरुआत की। वहाँ उन्होंने दोस्त ग्यात्सो, उनकी बेटी रूदा और पालतू जानवरों के साथ सुकून भरा वक्त बिताया।
नकुल मेहता ने ग्यात्सो के बारे में क्या कहा?
नकुल ने बताया कि ग्यात्सो एक समर्पित पिता हैं जो बेटी रूदा के लिए खाना बनाते, उसे स्कूल छोड़ते और फिगर स्केटिंग प्रोग्राम में ले जाते हैं। साथ ही वे लेह का सबसे व्यस्त बार भी संभालते हैं।
नकुल मेहता ने लद्दाख से क्या जीवन-सीख ली?
वापसी से पहले ग्यात्सो ने कहा कि उनके लिए सबसे बड़ा धर्म दयालुता है। इस बात ने नकुल को गहरे सोच में डाल दिया और उन्होंने लिखा कि शायद जिंदगी में इतना ही काफी है।
नकुल मेहता ने किस किताब और फिल्म का जिक्र अपनी पोस्ट में किया?
नकुल ने अपनी पसंदीदा किताब 'ग्रीनलाइट्स' का उल्लेख किया, जिसे वे पिकनिक के लिए छोड़ आए। पिकनिक के दिन को उन्होंने जापानी फिल्म 'द परफेक्ट डेज' से जोड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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