पहलगाम हमले की बरसी: विवेक रंजन अग्निहोत्री बोले- 'न भूलेंगे, न माफ करेंगे'
सारांश
Key Takeaways
- विवेक रंजन अग्निहोत्री ने 22 अप्रैल 2026 को पहलगाम हमले की पहली बरसी पर सोशल मीडिया पर भावुक श्रद्धांजलि दी।
- पहलगाम आतंकी हमला 22 अप्रैल 2025 को हुआ था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे।
- अग्निहोत्री ने एक नवविवाहित नौसेना अधिकारी का जिक्र किया जो शादी के छह दिन बाद हनीमून पर पहलगाम गया और कभी नहीं लौटा।
- कानपुर के एक युवक का भी उल्लेख किया गया जो छुट्टी पर निकला और वापस नहीं आया।
- अग्निहोत्री ने कहा कि इस हमले ने 26 परिवारों को तोड़ा और कई महिलाएं विधवा हो गईं।
- उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी विचारधारा के नाम पर निर्दोषों की हत्या को कभी उचित नहीं ठहराया जा सकता।
मुंबई, 22 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया पर एक मार्मिक पोस्ट साझा कर 22 अप्रैल 2025 को शहीद हुए 26 निर्दोष नागरिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह हमला न भुलाया जाएगा और न ही माफ किया जाएगा।
इंस्टाग्राम पर भावुक श्रद्धांजलि
विवेक रंजन अग्निहोत्री ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा, "पहलगाम हमले को एक साल — कभी नहीं भूलेंगे, कभी माफ नहीं करेंगे।" उन्होंने यह भी लिखा कि कुछ घाव समय के साथ नहीं भरते, वे वहीं टिके रहते हैं जहाँ वे टूटे थे।
अग्निहोत्री ने अपनी पोस्ट में उन पीड़ितों के जीवन की झलकियाँ साझा कीं जो इस हमले में काल के गाल में समा गए। उनकी यह पोस्ट देशभर में भावनात्मक प्रतिक्रिया का केंद्र बन गई।
नवविवाहित नौसेना अधिकारी की दर्दनाक कहानी
फिल्म निर्माता ने एक युवा नौसेना अधिकारी का विशेष उल्लेख किया, जो अपनी शादी के मात्र छह दिन बाद हनीमून के लिए पहलगाम गया था। जीवन की नई पारी शुरू करने वाला वह युवक कभी घर नहीं लौट सका।
इसके अलावा उन्होंने कानपुर के एक नौजवान का भी जिक्र किया, जो कुछ दिनों की छुट्टी पर निकला था और फिर कभी वापस नहीं आया। ये कहानियाँ आंकड़ों से परे उस मानवीय त्रासदी को सामने रखती हैं जो इस हमले ने पैदा की।
26 परिवार, अनगिनत जख्म
विवेक अग्निहोत्री ने बताया कि 26 निर्दोष लोगों की मौत ने 26 परिवारों को पूरी तरह बिखेर दिया। कई महिलाएं विधवा हो गईं और बच्चे अनाथ। उन्होंने इस घटना को महज एक सांख्यिकीय आँकड़ा नहीं, बल्कि इंसानियत पर गहरा और स्थायी घाव करार दिया।
उनके अनुसार इस हमले ने केवल परिवारों को नहीं तोड़ा, बल्कि पूरे देश को गहरे दुख और सदमे में डुबो दिया। यह वह पीड़ा है जो चुपचाप जीती है और शब्दों में बयान नहीं होती।
आतंकवाद पर कड़ा संदेश
अग्निहोत्री ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह केवल जानें नहीं लेता, बल्कि जिंदगियों को बीच में ही रोक देता है। यह अधूरे सपने, अधूरी बातें और ऐसे परिवार पीछे छोड़ जाता है जिन्हें अब खामोशी में जीना सीखना पड़ता है।
उन्होंने दृढ़ता से कहा कि "कोई भी विचारधारा, कोई भी कारण या कोई भी आस्था निर्दोषों की हत्या को कभी उचित नहीं ठहरा सकती।" यह दिन केवल स्मरण का नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प का दिन है।
जिम्मेदारी और जवाबदेही का आह्वान
फिल्म निर्माता ने लिखा, "हम उन्हें याद रखने के लिए जिम्मेदार हैं। हम उन्हें सम्मान देने के लिए जिम्मेदार हैं। हम उन्हें एक ऐसी दुनिया देने के ऋणी हैं जो आतंकवाद को सामान्य मानने से इनकार करती है।"
गौरतलब है कि पहलगाम हमला 22 अप्रैल 2025 को हुआ था, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटक और स्थानीय नागरिक मारे गए थे। यह हमला भारत के सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक माना जाता है। इस हमले के बाद देशभर में आक्रोश की लहर उठी थी और सरकार पर आतंकवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाने का दबाव बढ़ा था।
विवेक रंजन अग्निहोत्री जैसे सार्वजनिक हस्तियों का इस तरह मुखर होना यह दर्शाता है कि देश का सांस्कृतिक और सामाजिक वर्ग भी आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि सरकार इस बरसी पर क्या नीतिगत संकल्प सामने रखती है।