पवित्रा पुनिया की एकता की अपील: 'अपने धर्म से प्यार करो, दूसरे का सम्मान करो'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री पवित्रा पुनिया ने 26 अक्टूबर 2026 को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो के ज़रिए सांप्रदायिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता की अपील की। उन्होंने भारत में हाल के विरोध-प्रदर्शनों से व्यापार पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स द्वारा जेनरेशन-Z (जेन जी) को प्रभावित किए जाने को लेकर गहरी चिंता ज़ाहिर की।
विरोध-प्रदर्शन और व्यापार पर असर
पुनिया ने अपने वीडियो में कहा कि वह पहले से ही इन विरोध-प्रदर्शनों के खिलाफ रही हैं। उन्होंने बताया कि त्योहारी सीज़न के दौरान ₹3,000 करोड़ के कारोबारी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा, 'उस समय लोगों ने बहुत मजाक उड़ाया था — लेकिन अब सभी ने देख लिया है कि इस विरोध से बाज़ार और बिजनेस पर किस तरह का असर पड़ा है।'
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जो लोग दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उनकी ज़िंदगी पर इन प्रदर्शनों का सीधा असर पड़ता है। उनके अनुसार, 'आप लोगों को इस बात को गंभीरता से लेना होगा।'
जेन जी और इन्फ्लुएंसर्स को लेकर चिंता
पुनिया ने कहा कि युवा पीढ़ी बौद्धिक रूप से सक्षम और जागरूक है — वे सनातन धर्म से लेकर वैश्विक घटनाओं तक सब जानते हैं — फिर भी कुछ इन्फ्लुएंसर्स मनगढ़ंत बातों से उन्हें भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'इन लोगों ने पहले ही जेन जी का भविष्य बर्बाद कर दिया है।' उन्होंने इन्फ्लुएंसर्स से सीधे अपील की: 'जेन जी को प्रभावित करना बंद करो।'
धार्मिक सद्भाव और एकता का संदेश
अभिनेत्री ने खुद को 'गर्वित हिंदू' बताते हुए कहा कि उन्हें मुस्लिम समुदाय से कई टिप्पणियाँ मिलीं, जिनका उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'मेरे मोहल्ले में बहुत सारे मुस्लिम रहते हैं और हम सब मिलकर साथ रहते हैं — कोई किसी के घर मारपीट करने नहीं जाता।'
पुनिया ने 'बाँटो और राज करो' की विचारधारा को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि भारत एकता के बंधन में बँधा देश है और इसे ऐसा ही रहना चाहिए। उनका मूल संदेश था: 'अपने धर्म से प्यार करो और दूसरे के धर्म का सम्मान करो।'
आर्थिक चुनौतियों पर आगाह
पुनिया ने आगे कहा कि आने वाले समय में देश को आर्थिक समस्याओं और अन्य चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से किसी भी वीडियो या खबर पर हँसने से पहले 'सोचने, समझने और बहस करने' का आग्रह किया। यह अपील ऐसे समय में आई है जब सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं और भड़काऊ कंटेंट को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।