पूजा गौर की 'लुटेरी दुल्हन': दर्शक अब ग्लैमर नहीं, असली इमोशंस चाहते हैं
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री पूजा गौर ने कहा है कि आज के दर्शक ग्लैमर से सजी काल्पनिक दुनिया से आगे बढ़कर ऐसी कहानियों की तलाश कर रहे हैं जो उनकी अपनी ज़िंदगी से मेल खाती हों। हंगामा ओटीटी पर 19 मई को रिलीज़ हुई उनकी नई वेब सीरीज़ 'लुटेरी दुल्हन' के प्रचार के दौरान उन्होंने छोटे शहरों के ड्रामा के बदलते परिदृश्य पर खुलकर अपनी राय रखी। पूजा के अनुसार, दर्शक अब ऐसे किरदारों से जुड़ना चाहते हैं जिनमें सच्चाई और भावनात्मक गहराई हो।
बदलती दर्शक रुचि पर पूजा का नज़रिया
'मन की आवाज़ प्रतिज्ञा' से घर-घर में पहचान बनाने वाली पूजा गौर ने कहा, 'आज के दर्शक दिल से जुड़ी कहानियों में बहुत दिलचस्पी रखते हैं। पहले ग्लैमर से भरी कहानियों का बोलबाला था, लेकिन अब लोग ऐसे किरदार देखना चाहते हैं जिनसे वे खुद को जोड़ सकें और जिनमें सच्चे इमोशंस हों।' उन्होंने मिर्ज़ापुर जैसे शो का ज़िक्र करते हुए कहा कि छोटे शहरों की कहानियाँ अब ओटीटी पर एक नया और प्रभावशाली माहौल बना रही हैं।
'लुटेरी दुल्हन' क्या है और क्यों है खास
पूजा ने बताया कि इस सीरीज़ को अलग बनाने वाली बात इसका संतुलित मिश्रण है — ड्रामा, कॉमेडी, एक्शन, सस्पेंस और इमोशन एक साथ। उनके शब्दों में, 'यह एक फैमिली एंटरटेनर है जो पूरे परिवार को एक साथ बाँधकर रखता है। थ्रिलिंग होने के बावजूद इसमें बैलेंस है, जो इसे अलग बनाता है।' सीरीज़ की कहानी उन रहस्यमयी मामलों के इर्द-गिर्द बुनी गई है जहाँ दुल्हनें दूल्हों को लूटकर गायब हो जाती हैं।
किरदार संध्या यादव — ताकत और संघर्ष का मेल
सीरीज़ में पूजा सब-इंस्पेक्टर संध्या यादव की भूमिका में हैं — एक निडर, साहसी और दृढ़-इरादों वाली महिला अधिकारी। पूजा ने इस किरदार की भावनात्मक परतों के बारे में कहा, 'मुझे संध्या की इमोशनल गहराई ने सबसे ज़्यादा आकर्षित किया। बाहर से वह बहुत मज़बूत और साहसी दिखती है, लेकिन अंदर से वह लगातार उम्मीदों और खुद को साबित करने के दबाव से जूझ रही है। वह सिर्फ मामलों को नहीं सुलझाती, बल्कि एक ऐसी दुनिया में अपनी पहचान बनाने के लिए लड़ती है जहाँ महिलाओं को अक्सर सीमित तरीके से परिभाषित किया जाता है।'
निर्देशन और रिलीज़ विवरण
'लुटेरी दुल्हन' का निर्देशन ग्लेन बैरेटो और अंकुश मोहला ने संयुक्त रूप से किया है। यह सीरीज़ 19 मई 2025 को हंगामा ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दर्शकों के लिए उपलब्ध हो चुकी है। ओटीटी पर छोटे शहरों की कहानियों की बढ़ती माँग के बीच यह सीरीज़ एक नई कसौटी पर खरी उतरने की कोशिश करती है।