24 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

प्रतीक सहजपाल का बड़ा बयान: 'सिचुएशनशिप' प्यार नहीं, महज टाइम पास है

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
प्रतीक सहजपाल का बड़ा बयान: 'सिचुएशनशिप' प्यार नहीं, महज टाइम पास है

सारांश

बिग बॉस 15 के रनर-अप प्रतीक सहजपाल ने साफ कहा — 'सिचुएशनशिप' प्यार नहीं, महज टाइम पास है। आज की पीढ़ी की बदलती सोच को स्वीकार करते हुए भी उन्होंने खुद को इससे अलग रखा। नए शो 'दिल से दीवानगी तक' में वे भावनात्मक रूप से उलझे किरदार शिवाय की भूमिका में हैं।

मुख्य बातें

प्रतीक सहजपाल ने 23 अगस्त को मुंबई में 'सिचुएशनशिप' को प्यार मानने से स्पष्ट इनकार किया।
उनके अनुसार, 'सिचुएशनशिप' प्यार नहीं बल्कि सिर्फ टाइम पास है।
प्रतीक ने आज की पीढ़ी के रिश्तों को गलत नहीं ठहराया, लेकिन कहा कि वे खुद इन रिश्तों में विश्वास नहीं रखते ।
वे नए शो 'दिल से दीवानगी तक' में शिवाय नाम का किरदार निभा रहे हैं।
प्रतीक ने प्यार को व्यापक भावना बताया — रोमांटिक रिश्तों तक सीमित नहीं।

बिग बॉस 15 के रनर-अप और अभिनेता प्रतीक सहजपाल ने 23 अगस्त को मुंबई में आधुनिक रिश्तों पर बेबाकी से अपनी राय साझा की — और साफ कहा कि 'सिचुएशनशिप' को वह प्यार की श्रेणी में नहीं रखते। उनके मुताबिक, यह रिश्ते का नहीं बल्कि महज वक्त गुज़ारने का तरीका है।

सिचुएशनशिप पर सीधा रुख

प्रतीक ने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो जब मॉडर्न रिश्तों की बात आती है तो मैं 'सिचुएशनशिप' भी नहीं कह सकता। मुझे लगता है कि ये बहुत बड़ी-बड़ी बातें हैं। इसमें प्यार जैसा कुछ नहीं है। इसे प्यार नहीं कह सकते। यह सिर्फ टाइम पास है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज कई लोग ऐसे रिश्तों में सहज हैं जहाँ वे एक दिन किसी के साथ होते हैं और अगले दिन किसी और के साथ आगे बढ़ जाते हैं।

हालाँकि प्रतीक ने इसे गलत नहीं ठहराया। उन्होंने स्पष्ट किया, 'मैं इसे गलत नहीं कह रहा हूं। बस मेरे मुताबिक, यह आज की पीढ़ी की सोच और बदलती जिंदगी का हिस्सा है और हर व्यक्ति अपनी पसंद के हिसाब से जीने के लिए स्वतंत्र है।'

समाज में रिश्तों की बदलती परिभाषा

प्रतीक ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि रिश्तों को लेकर समाज की सोच हमेशा से बदलती रही है। उन्होंने कहा, 'शुरुआत में ग्रुप मैरिज जैसा कॉन्सेप्ट होता है और बाद में यह अलग रूप में आगे बढ़ता है।' यह बदलाव उन्हें परेशान नहीं करता, लेकिन वे खुद इस तरह के रिश्तों में विश्वास नहीं रखते।

नए शो 'दिल से दीवानगी तक' में किरदार

प्रतीक इन दिनों अपने नए शो 'दिल से दीवानगी तक' में शिवाय का किरदार निभा रहे हैं। उन्होंने बताया, 'शो में रिश्तों को कुछ अलग तरीके से दिखाया गया है। शिवाय अपनी भावनाओं को लेकर थोड़ा उलझा हुआ है — उसके अंदर प्यार है, लेकिन वह अपनी भावनाओं को समझने और उनके साथ आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है।' उन्होंने कहा कि किरदार की आँखों में यह साफ दिखेगा कि वह वास्तव में किससे प्यार करता है।

प्यार की व्यापक परिभाषा

प्रतीक ने प्यार को केवल रोमांटिक रिश्तों तक सीमित नहीं माना। उन्होंने कहा, 'प्यार का मतलब यह जरूरी नहीं है कि मेरे सामने कोई लड़की हो और मैं लड़का हूं, तो मैं कहूं कि मैं उस लड़की से प्यार करूंगा। मैं इस पौधे से भी प्यार कर सकता हूं। मुझे यह कैमरा भी बहुत पसंद है और मैं इससे भी बहुत प्यार करता हूं।' यह नज़रिया उनकी उस सोच को दर्शाता है जो प्यार को एक व्यापक और समावेशी भावना के रूप में देखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ रिश्ते अक्सर कैमरे के लिए बनते-बिगड़ते हैं, पारंपरिक प्रेम की वकालत कर रहे हैं। यह विरोधाभास उनकी छवि को एक अलग आयाम देता है। हालाँकि, मुख्यधारा की कवरेज इस बयान को महज सेलिब्रिटी ओपिनियन तक सीमित कर देती है — जबकि असली सवाल यह है कि क्या मनोरंजन उद्योग खुद उन्हीं रिश्तों को बढ़ावा देता है जिन्हें प्रतीक खारिज कर रहे हैं।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रतीक सहजपाल ने 'सिचुएशनशिप' के बारे में क्या कहा?
प्रतीक सहजपाल ने कहा कि 'सिचुएशनशिप' प्यार नहीं बल्कि महज टाइम पास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस तरह के रिश्तों में खुद विश्वास नहीं रखते, भले ही वे दूसरों की पसंद को गलत नहीं मानते।
प्रतीक सहजपाल का नया शो कौन-सा है और उनका किरदार क्या है?
प्रतीक सहजपाल 'दिल से दीवानगी तक' नामक शो में शिवाय का किरदार निभा रहे हैं। यह किरदार भावनात्मक रूप से उलझा हुआ है — उसके अंदर प्यार है लेकिन वह अपनी भावनाओं को समझने की कोशिश में है।
प्रतीक सहजपाल कौन हैं?
प्रतीक सहजपाल एक भारतीय अभिनेता हैं जो बिग बॉस 15 के रनर-अप रहे हैं। टेलीविजन और रियलिटी शो के ज़रिये वे एक जाना-पहचाना चेहरा बन चुके हैं।
प्रतीक सहजपाल के अनुसार प्यार की परिभाषा क्या है?
प्रतीक के अनुसार प्यार केवल रोमांटिक रिश्तों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि वे एक पौधे से, कैमरे से, और किसी भी इंसान से प्यार कर सकते हैं — प्यार एक व्यापक और समावेशी भावना है।
क्या प्रतीक सहजपाल ने आधुनिक रिश्तों को गलत ठहराया?
नहीं। प्रतीक ने स्पष्ट किया कि वे आज की पीढ़ी के रिश्तों को गलत नहीं मानते और हर व्यक्ति को अपनी पसंद से जीने का अधिकार है। उन्होंने केवल यह कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से 'सिचुएशनशिप' जैसे रिश्तों में विश्वास नहीं रखते।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले