प्रियंका चोपड़ा ने दशहरे पर किया कन्या पूजन, मालती और निक जोनस संग शेयर की पारिवारिक झलक
सारांश
मुख्य बातें
ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा जोनस ने 21 अक्टूबर 2026 को दशहरे के अवसर पर अपनी नन्ही बेटी मालती मैरी चोपड़ा जोनस और पति निक जोनस के साथ पारंपरिक कन्या पूजन किया। अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर इस पारिवारिक उत्सव की हृदयस्पर्शी तस्वीरें साझा कीं, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं।
कन्या पूजन का आयोजन
तस्वीरों में प्रियंका और निक को मालती के पैर धोते हुए देखा जा सकता है — यह कन्या पूजन का एक पवित्र हिंदू अनुष्ठान है जिसमें छोटी बच्चियों को देवी दुर्गा का स्वरूप मानकर पूजा जाता है। नन्ही मालती इस अवसर पर सफेद पारंपरिक परिधान, छोटी-छोटी चूड़ियों और 'जय माता दी' लिखे लाल दुपट्टे में नजर आईं।
एक तस्वीर में परिवार घर के मंदिर के सामने खड़ा है, जिसे फूलों और धार्मिक मूर्तियों से सजाया गया था। एक अन्य तस्वीर में निक पूजा के दौरान मालती के पास बैठे दिखे, जबकि प्रियंका भी उनके साथ मौजूद रहीं।
प्रियंका का संदेश
तस्वीरें साझा करते हुए प्रियंका ने लिखा, 'मां दुर्गा की शक्ति, हमारी प्रार्थनाओं की पवित्रता और दशहरे की भावना आज, कल और हमेशा हम सभी के साथ बनी रहे।' यह संदेश उनकी आस्था और सांस्कृतिक जुड़ाव की गहराई को दर्शाता है।
मालती को भारतीय संस्कारों से जोड़ने की कोशिश
प्रियंका लगातार अपनी बेटी को भारतीय परंपराओं और आध्यात्मिकता से परिचित कराने का प्रयास करती रही हैं। इसी साल अगस्त 2026 में उन्होंने एक वीडियो साझा किया था, जिसमें वे मालती को दुर्गा सप्तशती का एक श्लोक सिखाती नजर आई थीं — नन्ही मालती अपनी माँ के पीछे-पीछे संस्कृत प्रार्थना दोहराने की कोशिश करती दिखी थीं।
मालती का जन्म और शुरुआती संघर्ष
प्रियंका और निक ने जनवरी 2022 में सरोगेसी के ज़रिए मालती का स्वागत किया था। मालती का जन्म समय से पहले हुआ था और उन्हें लगभग 110 दिन तक नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में रहना पड़ा था। एक पुराने साक्षात्कार में प्रियंका ने बताया था कि वे और निक बारी-बारी से अस्पताल में बेटी के पास रहते थे।
अभिनेत्री ने यह भी बताया था कि निक अपनी बेटी के लिए गिटार पर गाने गाते थे, जबकि वे खुद मालती के पालने के पास महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री मंत्र और ओम नमः शिवाय जैसे मंत्रों का पाठ करती थीं।
आगे की राह
यह पहली बार नहीं है जब प्रियंका ने त्योहारों पर अपने परिवार की झलक दुनिया से साझा की हो। उनकी यह पहल न केवल भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रसार का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि विदेश में रहते हुए भी वे अपनी जड़ों से कितनी गहराई से जुड़ी हुई हैं।