6 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राज बब्बर की कोलकाता वापसी: पुराने दोस्तों से मिले, बोले- 'सिटी ऑफ जॉय' दिल के बेहद करीब है

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राज बब्बर की कोलकाता वापसी: पुराने दोस्तों से मिले, बोले- 'सिटी ऑफ जॉय' दिल के बेहद करीब है

सारांश

राज बब्बर की कोलकाता वापसी महज एक मुलाकात नहीं — यह तीन दशकों पुराने उस रिश्ते की ताज़गी है जो 1992 में 'अनुताप' से शुरू हुआ था। मिथुन, प्रोसेनजीत और देबाश्री जैसे दोस्तों से पुनर्मिलन और 'सिटी ऑफ जॉय' के प्रति उनके प्रेम ने सोशल मीडिया पर भावनात्मक लहर जगाई।

मुख्य बातें

राज बब्बर हाल ही में कोलकाता पहुँचे और बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े पुराने दोस्तों से मुलाकात की।
उन्होंने इंस्टाग्राम पर कोलकाता का वीडियो साझा कर शहर को 'सिटी ऑफ जॉय' बताया और कहा यह दिल में खास जगह रखेगा।
राज बब्बर ने 1992 में बंगाली फिल्म 'अनुताप' से बंगाली सिनेमा में कदम रखा था।
उनके करीबी मित्रों में मिथुन चक्रवर्ती , प्रोसेनजीत चटर्जी , देबाश्री रॉय , रितुपर्णा सेनगुप्ता और फिल्ममेकर स्वपन साहा शामिल हैं।
इस यात्रा के दौरान उन्होंने कोलकाता की बारिश, संस्कृति और शहर की विशिष्ट ऊर्जा का भी आनंद लिया।

दिग्गज अभिनेता राज बब्बर हाल ही में कोलकाता पहुँचे और बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े पुराने मित्रों के साथ वक्त बिताया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने शहर की बारिश, अनूठी ऊर्जा और सांस्कृतिक विरासत का भरपूर आनंद लिया। राज बब्बर ने सोशल मीडिया पर इस भावनात्मक पुनर्मिलन को साझा करते हुए कहा कि 'सिटी ऑफ जॉय' उनके दिल में हमेशा एक खास मुकाम रखता है।

कोलकाता में राज बब्बर का स्वागत

राज बब्बर ने इंस्टाग्राम पर कोलकाता पहुँचने का एक वीडियो साझा किया, जिसमें वे कार से सफर करते और रास्ते में बारिश का लुत्फ उठाते नजर आए। होटल पहुँचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यह यात्रा महज एक सैर नहीं, बल्कि पुरानी यादों और दोस्तियों को ताज़ा करने का मौका थी।

राज बब्बर के अपने शब्दों में कोलकाता

अपनी पोस्ट में राज बब्बर ने लिखा, 'यह शहर मेरे दिल में हमेशा एक खास जगह रखेगा। शहर की गर्मजोशी, खूबसूरती और यहाँ की कला, सिनेमा और साहित्य की समृद्ध विरासत है। इस बार कोलकाता में रुकना इसलिए भी खास रहा, क्योंकि मुझे पुराने दोस्तों और बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कुछ लोगों से दोबारा मिलने का मौका मिला। फिलहाल मैं कोलकाता की वाइब और यहाँ के अलग अंदाज को महसूस कर रहा हूँ।'

बंगाली सिनेमा से राज बब्बर का पुराना नाता

राज बब्बर का कोलकाता और बंगाली सिनेमा से जुड़ाव दशकों पुराना है। उन्होंने 1992 में आई पारिवारिक फिल्म 'अनुताप' के जरिए बंगाली सिनेमा में कदम रखा था। तब से बंगाली फिल्म इंडस्ट्री के साथ उनका रिश्ता लगातार बना रहा। यह ऐसे समय में आया है जब कोलकाता का सिनेमा और साहित्य जगत देश-विदेश में अपनी पहचान और मजबूत कर रहा है।

बंगाली इंडस्ट्री में राज बब्बर के करीबी दोस्त

कई दशकों की इस यात्रा में राज बब्बर ने बंगाली फिल्म जगत के कई दिग्गजों के साथ गहरी दोस्ती बनाई। उनके करीबी मित्रों में देबाश्री रॉय, मिथुन चक्रवर्ती, रितुपर्णा सेनगुप्ता, प्रोसेनजीत चटर्जी और फिल्ममेकर स्वपन साहा जैसे जाने-माने नाम शामिल हैं। गौरतलब है कि यह मित्रता केवल पेशेवर संबंधों तक सीमित न रहकर व्यक्तिगत स्तर पर भी काफी गहरी रही है।

कोलकाता से आगे क्या

राज बब्बर की यह यात्रा उनके व्यस्त कार्यक्रम के बीच एक भावनात्मक पड़ाव की तरह रही। इस मुलाकात से भविष्य में किसी बंगाली फिल्म या सांस्कृतिक परियोजना में उनकी भागीदारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कोलकाता के प्रति उनका यह लगाव हिंदी और बंगाली सिनेमा के बीच उस सांस्कृतिक सेतु को रेखांकित करता है जो आज भी उतना ही मजबूत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बड़े सांस्कृतिक सच की याद दिलाती है — हिंदी और बंगाली सिनेमा का रिश्ता हमेशा से आदान-प्रदान का रहा है, न कि एकतरफा। 1992 के बाद से बब्बर जैसे कलाकारों की बंगाली इंडस्ट्री में भागीदारी यह दर्शाती है कि 'क्षेत्रीय सिनेमा' की सीमाएँ अक्सर उतनी कड़ी नहीं होतीं जितनी मुंबई-केंद्रित विमर्श में दिखाई जाती हैं। ऐसे पुनर्मिलन अक्सर नई परियोजनाओं के बीज भी बोते हैं — देखने वाली बात यह होगी कि क्या यह भावनात्मक दौरा किसी रचनात्मक सहयोग में बदलता है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज बब्बर ने कोलकाता में किन लोगों से मुलाकात की?
राज बब्बर ने कोलकाता में बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े पुराने दोस्तों से मुलाकात की। उनके करीबी मित्रों में मिथुन चक्रवर्ती, प्रोसेनजीत चटर्जी, देबाश्री रॉय, रितुपर्णा सेनगुप्ता और फिल्ममेकर स्वपन साहा जैसे जाने-माने नाम शामिल हैं।
राज बब्बर ने बंगाली सिनेमा में कब कदम रखा था?
राज बब्बर ने 1992 में आई पारिवारिक फिल्म 'अनुताप' के जरिए बंगाली सिनेमा में पहली बार कदम रखा था। तब से उनका बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से लगाव लगातार बना रहा।
राज बब्बर ने कोलकाता के बारे में क्या कहा?
राज बब्बर ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि कोलकाता उनके दिल में हमेशा एक खास जगह रखेगा। उन्होंने शहर की गर्मजोशी, खूबसूरती और कला, सिनेमा व साहित्य की समृद्ध विरासत की तारीफ की।
राज बब्बर ने कोलकाता की यात्रा को खास क्यों बताया?
राज बब्बर ने इस यात्रा को खास इसलिए बताया क्योंकि उन्हें पुराने दोस्तों और बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से दोबारा मिलने का मौका मिला। इसके अलावा उन्होंने शहर की बारिश और अनूठी वाइब का भी आनंद लिया।
राज बब्बर ने कोलकाता यात्रा कहाँ साझा की?
राज बब्बर ने कोलकाता पहुँचने का वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा किया, जिसमें वे कार से सफर करते और बारिश का आनंद लेते नजर आए। होटल पहुँचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत हुआ।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले