राजकुमार संतोषी का दर्द: 'धर्मेंद्र के साथ फिल्म न बना पाना मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा अफसोस'
सारांश
मुख्य बातें
फिल्ममेकर राजकुमार संतोषी ने खुलासा किया है कि दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के साथ कभी फिल्म न बना पाना उनके करियर का सबसे बड़ा अधूरा सपना है — एक टीस जो आज भी उन्हें भावुक कर देती है। मुंबई में एक खास बातचीत के दौरान संतोषी ने कहा कि इतने करीबी संबंध होने के बावजूद यह सहयोग कभी साकार नहीं हो सका, और यह सोचकर वह आज भी रो पड़ते हैं।
मन का बोझ: संतोषी का भावुक इकरार
संतोषी ने बताया, 'मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा अफसोस यही है कि मुझे धर्मेंद्र के साथ काम करने का मौका नहीं मिला। वह शानदार अभिनेता के साथ-साथ बहुत अच्छे इंसान भी थे। उनकी असली काबिलियत के बारे में शायद उतनी चर्चा नहीं हुई, जितनी होनी चाहिए थी।' उन्होंने आगे कहा कि कई बार वह इस बात को सोचकर रो पड़ते हैं कि इतने करीब होने के बाद भी यह मौका कैसे हाथ से निकल गया।
धर्मेंद्र की बहुआयामी प्रतिभा को संतोषी की श्रद्धांजलि
संतोषी ने धर्मेंद्र की अभिनय-क्षमता को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कभी अपने काम का प्रचार खुद नहीं किया — वह चुपचाप अपनी कला में डूबे रहे। उन्होंने मनमोहन देसाई, ऋषिकेश मुखर्जी और बिमल रॉय जैसे एकदम अलग मिजाज के निर्देशकों के साथ काम किया और हर बार खुद को साबित किया।
संतोषी के अनुसार, धर्मेंद्र की सबसे बड़ी खूबी यह थी कि वह किसी एक खाँचे में नहीं बँधे — एक्शन और मनोरंजन से भरी फिल्मों में दर्शकों का दिल जीता, तो गंभीर और संवेदनशील कहानियों में भी अपने अभिनय की गहराई दिखाई।
धर्मेंद्र का निधन और एक युग का अंत
गौरतलब है कि धर्मेंद्र का 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। उन्होंने मुंबई के जुहू स्थित अपने आवास पर अंतिम साँस ली। हिंदी सिनेमा के इस दिग्गज के जाने के बाद संतोषी जैसे तमाम फिल्मकारों का यह अधूरा सपना अब कभी पूरा नहीं हो सकता — यही बात उनकी पीड़ा को और गहरा कर देती है।
पिता के साथ न सही, बेटे के साथ काम किया
धर्मेंद्र के साथ फिल्म बनाने का सपना तो अधूरा रह गया, लेकिन राजकुमार संतोषी ने हाल ही में उनके बड़े बेटे सनी देओल के साथ काम करने का अवसर पाया। संतोषी के निर्देशन में बनी फिल्म 'बंटवारा 1947' में सनी देओल मुख्य भूमिका में नज़र आए। फिल्म में प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, करण देओल, अली फज़ल और अभिमन्यु सिंह समेत कई कलाकारों ने अहम किरदार निभाए।
14 अगस्त 2026 को रिलीज़ हुई इस फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली। यह देखना दिलचस्प होगा कि संतोषी आने वाले समय में धर्मेंद्र की विरासत को किसी और रूप में अपनी फिल्मों में श्रद्धांजलि देते हैं या नहीं।