'घायल' के 36 साल: सनी देओल ने दिवंगत पिता धर्मेंद्र को किया भावभीना याद
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल ने सोमवार, 22 जून 2026 को अपनी ऐतिहासिक फिल्म 'घायल' की रिलीज़ के 36 साल पूरे होने पर दिवंगत पिता और दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को भावभीने शब्दों में याद किया। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो मोंटाज के ज़रिए सनी ने अपने पिता के अटूट विश्वास और निर्देशक राजकुमार संतोषी की लेखनी को इस फिल्म की आत्मा बताया।
पिता का भरोसा और एक यादगार फिल्म का जन्म
सनी देओल ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर 'घायल' के यादगार दृश्यों का एक वीडियो मोंटाज साझा करते हुए लिखा, 'पापा के विश्वास और राज के लेखन ने 'घायल' को संभव बनाया। आपके प्यार ने इसे अमर बना दिया।' गौरतलब है कि जब कई निर्माताओं ने इस फिल्म से जुड़ने से इनकार कर दिया था, तब धर्मेंद्र ने स्वयं इसका निर्माण करने का साहसिक निर्णय लिया। उनका यह विश्वास सार्थक सिद्ध हुआ और 'घायल' सनी के करियर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक बन गई।
धर्मेंद्र का निधन और एक युग का अंत
यह स्मरण ऐसे समय में और भी भावनात्मक हो जाता है, जब धर्मेंद्र का 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में मुंबई स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। उनके जाने के बाद यह पहला अवसर है जब 'घायल' की वर्षगांठ बिना उनकी उपस्थिति के मनाई जा रही है, जिसने इस पल को और अधिक मार्मिक बना दिया है।
मीनाक्षी शेषाद्री का खास अंदाज़ में जश्न
फिल्म की मुख्य अभिनेत्री मीनाक्षी शेषाद्री ने भी इस वर्षगांठ को खास तरीके से मनाया। उन्होंने फिल्म के चर्चित गीत 'माहिया तेरी कसम' को नए अंदाज़ में प्रस्तुत करते हुए एक वीडियो साझा किया, जिसमें उनके मनमोहक नृत्य की झलक देखने को मिली। अपने कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'आज 'घायल' की 36वीं वर्षगांठ है — एक ऐसी फिल्म जो हमेशा मेरे दिल में एक खास जगह रखेगी।'
मीनाक्षी ने आगे कहा, 'सनी देओल और मैंने साथ में कई अविस्मरणीय फिल्में की हैं, और 'डकैत' और 'घायल' ने दर्शकों को यादगार रोमांटिक गीत दिए हैं। यह रीक्रिएशन उन अनमोल यादों और वर्षों से आप सभी द्वारा दिखाए गए प्यार का जश्न है।' यह उल्लेखनीय है कि मीनाक्षी तीन दशकों बाद भारतीय सिनेमा से दोबारा जुड़ रही हैं।
फिल्म की विरासत और कलाकार
राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी 'घायल' में राज बब्बर और अमरीश पुरी ने अहम भूमिकाएँ निभाई थीं। इसके अलावा मौसमी चटर्जी, अन्नू कपूर, ओम पुरी, शरत सक्सेना और सुदेश बेरी ने भी सहायक किरदारों में अपनी छाप छोड़ी। यह फिल्म आज भी हिंदी सिनेमा के सुनहरे दौर की एक अमिट पहचान मानी जाती है।
36 वर्षों बाद भी 'घायल' का जादू दर्शकों के दिलों में बरकरार है, और धर्मेंद्र की विरासत इस फिल्म के हर फ्रेम में जीवित है।