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राकेश बेदी का मिलावटखोरों पर कड़ा प्रहार: 'हत्या की कोशिश' जैसे चार्ज लगाए जाएँ

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राकेश बेदी का मिलावटखोरों पर कड़ा प्रहार: 'हत्या की कोशिश' जैसे चार्ज लगाए जाएँ

सारांश

अभिनेता राकेश बेदी ने इंस्टाग्राम वीडियो में मिलावटखोरों को आड़े हाथों लिया और माँग की कि उन पर 'हत्या की कोशिश' के तहत मुकदमा चलाया जाए। उनका कहना है कि मुनाफे के लिए गुणवत्ता से समझौता करना लोगों की जान से खिलवाड़ है।

मुख्य बातें

राकेश बेदी ने 12 अगस्त को इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर खाने-पीने में मिलावट पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
अभिनेता ने माँग की कि जानबूझकर मिलावट करने वालों पर 'हत्या की कोशिश' जैसे संगीन आरोप लगाए जाएँ।
निर्देशक अशोक पंडित ने वीडियो पर टिप्पणी कर समर्थन जताया।
राकेश बेदी ने 1979 में करियर शुरू किया; 'चश्मे बद्दूर' और 'एक दूजे के लिए' ( 1981 ) से मिली पहचान।
हाल ही में फिल्म 'धुरंधर' में जमिल जमाली की भूमिका निभाई।

अभिनेता राकेश बेदी ने बुधवार, 12 अगस्त को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट कर खाने-पीने की चीज़ों में बढ़ती मिलावट पर तीखी प्रतिक्रिया दी और माँग की कि ऐसे लोगों पर 'हत्या की कोशिश' जैसे संगीन आरोप लगाए जाने चाहिए। मुंबई से सक्रिय इस वरिष्ठ अभिनेता ने सवाल उठाया कि जानबूझकर मिलावट करने वालों को अब तक सख्त सज़ा क्यों नहीं मिली है।

क्या कहा राकेश बेदी ने

वीडियो में राकेश बेदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'जो लोग जानबूझकर खाने और पीने की चीज़ों में मिलावट करते हैं, उन पर हत्या की कोशिश जैसे गंभीर चार्ज लगने चाहिए। जो लोग सिर्फ कुछ ज़्यादा पैसे कमाने के लिए प्रोडक्ट्स की क्वालिटी से समझौता करते हैं, वे असल में कई लोगों की जान खतरे में डाल रहे हैं।' यह वीडियो खाने, पीने और शराब में हो रही मिलावट को लेकर था।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

राकेश बेदी के इस वीडियो को दर्शकों का व्यापक समर्थन मिला। जाने-माने निर्देशक अशोक पंडित ने वीडियो पर टिप्पणी करते हुए लिखा, 'गोल-माल है, भाई सब गोलमाल है।' कई यूज़र्स ने भी इस पोस्ट को साझा कर अभिनेता के विचारों से सहमति जताई।

सामाजिक मुद्दों पर मुखर रहते हैं बेदी

गौरतलब है कि राकेश बेदी लंबे समय से सोशल मीडिया के ज़रिए सामाजिक और ज़रूरी मुद्दों पर अपनी राय रखते आए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश में खाद्य पदार्थों में मिलावट की घटनाएँ चर्चा का विषय बनी हुई हैं और उपभोक्ता संरक्षण की माँग तेज़ हो रही है।

राकेश बेदी का फ़िल्मी सफर

अभिनेता ने 1979 में फिल्म 'अहसास' से अपना फ़िल्मी करियर शुरू किया। इसके बाद 'चश्मे बद्दूर' (1981) और 'एक दूजे के लिए' (1981) जैसी फिल्मों ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। टेलीविज़न पर 'भाभी जी घर पर हैं' (2015) और 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' (2020) जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में भी उनकी अहम भूमिका रही। हाल ही में उन्होंने ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर' में जमिल जमाली का किरदार निभाकर अपने करियर को नई दिशा दी।

आने वाले समय में देखना होगा कि मिलावट के विरुद्ध इस तरह की सार्वजनिक आवाज़ें नीति-निर्माताओं तक पहुँचती हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि खाद्य सुरक्षा कानून — जैसे FSSAI के तहत मौजूदा प्रावधान — पहले से ही कड़ी सज़ा का प्रावधान रखते हैं, फिर भी अमल कमज़ोर है। सेलिब्रिटी की आवाज़ जागरूकता बढ़ाती है, पर जब तक नियामक तंत्र और अदालती प्रक्रिया दुरुस्त न हो, ऐसी माँगें सुर्खियों से आगे नहीं जातीं। मिलावट की समस्या की जड़ें आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी में हैं — यही वह बिंदु है जिस पर सार्वजनिक दबाव को केंद्रित होना चाहिए।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राकेश बेदी ने मिलावटखोरों के बारे में क्या कहा?
राकेश बेदी ने कहा कि जो लोग जानबूझकर खाने-पीने की चीज़ों में मिलावट करते हैं, उन पर 'हत्या की कोशिश' जैसे गंभीर आरोप लगाए जाने चाहिए। उनका तर्क है कि मुनाफे के लिए गुणवत्ता से समझौता करना कई लोगों की जान जोखिम में डालना है।
राकेश बेदी ने यह वीडियो कहाँ और कब पोस्ट किया?
यह वीडियो 12 अगस्त को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया। वीडियो में खाने, पीने और शराब में हो रही मिलावट और जिम्मेदारों को सज़ा न मिलने पर सवाल उठाए गए।
अशोक पंडित ने राकेश बेदी के वीडियो पर क्या प्रतिक्रिया दी?
निर्देशक अशोक पंडित ने वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा, 'गोल-माल है, भाई सब गोलमाल है।' इससे स्पष्ट है कि फ़िल्म उद्योग के अन्य लोग भी इस मुद्दे से सहमत हैं।
राकेश बेदी कौन हैं और उनका करियर कैसा रहा है?
राकेश बेदी 1979 से हिंदी फ़िल्म उद्योग में सक्रिय हैं। 'चश्मे बद्दूर' और 'एक दूजे के लिए' (1981) से उन्हें व्यापक पहचान मिली। हाल ही में 'धुरंधर' में जमिल जमाली का किरदार निभाकर उन्होंने नई पीढ़ी के दर्शकों का भी ध्यान खींचा।
भारत में खाद्य मिलावट के लिए क्या कानूनी प्रावधान हैं?
भारत में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत मिलावट पर जुर्माना और कारावास का प्रावधान है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की कमी के कारण दोषियों को अक्सर कड़ी सज़ा नहीं मिल पाती।
राष्ट्र प्रेस
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