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'धुरंधर द रिवेंज' की सफलता में सोशल मीडिया की अहम भूमिका, राकेश बेदी का खुलासा

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'धुरंधर द रिवेंज' की सफलता में सोशल मीडिया की अहम भूमिका, राकेश बेदी का खुलासा

सारांश

राकेश बेदी ने बताया कि कैसे सोशल मीडिया ने उनकी फिल्म 'धुरंधर द रिवेंज' की सफलता को संभव बनाया। आज के डिजिटल युग में किरदारों को मिलने वाले समर्थन ने उनकी किस्मत बदल दी है। जानिए उनके अनुभव और सोशल मीडिया के प्रभाव के बारे में।

मुख्य बातें

सोशल मीडिया ने फिल्म के किरदारों को लोकप्रियता दिलाई।
राकेश बेदी ने संघर्ष के दिनों को साझा किया।
फिल्म 'धुरंधर द रिवेंज' को दर्शकों से जबरदस्त प्यार मिला।

मुंबई, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। फिल्म 'धुरंधर द रिवेंज' में राकेश बेदी के अद्वितीय प्रदर्शन ने दर्शकों का दिल जीत लिया है। उनके संवाद और चेहरे के अभिव्यक्तियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। सोशल मीडिया पर उनके किरदार के मीम्स भी वायरल होने लगे हैं, और अब राकेश बेदी ने अपनी इस सफलता का श्रेय भी सोशल मीडिया को दिया है। उन्होंने कहा कि यदि सोशल मीडिया नहीं होता, तो 'जमाल-जमाली' का किरदार शायद ही देश भर में पसंद किया जाता।

हाल ही में राकेश बेदी के घर फिल्म निर्माता और कोरियोग्राफर फराह खान आईं और उनके साथ एक कुकिंग व्लॉग शूट किया। इस दौरान राकेश और फराह ने फिल्म उद्योग से जुड़े कई चर्चित मुद्दों पर बातचीत की। राकेश ने फराह को बताया कि पहले सोशल मीडिया की अनुपस्थिति में किरदारों को उतना एक्सपोजर नहीं मिलता था, जितना आज मिलता है। धुरंधर में उनके किरदार 'जमाल-जमाली' के संवाद, विशेषकर 'मेरा बच्चा है तू', लोगों के बीच खासा लोकप्रिय हो गए हैं, जिसके चलते उन्हें कई विज्ञापनों के प्रस्ताव भी मिले।

राकेश बेदी की पत्नी आराधना भी अपने पति की सफलता से बेहद प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया पर जनता अपनी राय खुलकर व्यक्त करती है, और यही कारण है कि धुरंधर को दर्शकों से इतना प्यार मिला। दर्शक सोशल मीडिया पर फिल्म के लिए समर्थन भी दिखाते रहे हैं।

राकेश बेदी ने यह भी खुलासा किया कि 1982 में आई फिल्म 'साथ-साथ' में उन्हें एक पैसा भी फीस के रूप में नहीं मिला था। उस समय उन्हें सेट पर अपने किराए के पैसे खुद ही देने पड़ते थे, और उनके पास इतने पैसे नहीं होते थे, लेकिन करियर की शुरुआत में ऐसे सभी संघर्ष सहन करने पड़ते थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दर्शकों के बीच एक नया संवाद भी स्थापित किया। यह कहानी दर्शाती है कि कैसे आज का युग कलाकारों के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राकेश बेदी ने सोशल मीडिया को अपनी सफलता का श्रेय क्यों दिया?
राकेश बेदी ने बताया कि सोशल मीडिया की वजह से उनके किरदार 'जमाल-जमाली' को देश भर में पहचान मिली, जो कि पहले संभव नहीं था।
'धुरंधर द रिवेंज' का मुख्य संवाद कौन सा है?
'धुरंधर द रिवेंज' में 'मेरा बच्चा है तू' वाला संवाद दर्शकों के बीच बहुत लोकप्रिय हुआ।
राकेश बेदी की फिल्म 'साथ-साथ' में उन्हें क्या अनुभव हुआ?
राकेश बेदी ने बताया कि 'साथ-साथ' में उन्हें एक पैसा भी फीस के रूप में नहीं मिला था और उन्हें अपने खर्च खुद ही उठाने पड़े थे।
राष्ट्र प्रेस
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