रीति तिवारी का खुलासा: पिता मनोज तिवारी ने करियर में मदद से किया इनकार, महीने में मिलते थे सिर्फ ₹20-25 हज़ार
सारांश
मुख्य बातें
बिग बॉस 20 की कंटेस्टेंट रीति तिवारी ने शो में एक भावुक बातचीत के दौरान खुलासा किया कि उनके पिता, अभिनेता और नेता मनोज तिवारी, ने उनके करियर में किसी भी तरह की मदद करने से स्पष्ट रूप से मना कर दिया था। 22 सितंबर 2026 को प्रसारित इस एपिसोड में रीति ने साथी कंटेस्टेंट स्काउट से बात करते हुए 'स्टार किड' होने से जुड़ी धारणाओं और अपनी असल ज़िंदगी की सच्चाई को सामने रखा।
बचपन और पिता से दूरी
रीति ने बताया कि जब वह बहुत छोटी थीं, तब उनके पिता घर छोड़कर चले गए थे और वह उनसे फोन पर भी बात नहीं कर पाती थीं। उन्होंने कहा कि माता-पिता के बीच अक्सर झगड़े होते थे और वह अपने पिता से साल में महज़ एक बार मिल पाती थीं। उन्होंने कहा, 'जब मैं 18 या 19 साल की थी, तो मैंने तय किया कि मैं अपने पिता के साथ समय बिताना चाहती हूँ। मैं जानना चाहती थी कि वह किस तरह के इंसान हैं। लेकिन तब तक कुछ चीज़ों में देर हो चुकी थी।'
करियर में मदद से इनकार
रीति के अनुसार, मनोज तिवारी ने उन्हें स्पष्ट शब्दों में कह दिया था कि वह उनके करियर में कोई भूमिका नहीं निभाएंगे। रीति ने उनके शब्दों को दोहराते हुए कहा, 'उन्होंने मुझे साफ़-साफ़ कह दिया था कि वह मेरे करियर में मेरी मदद नहीं करेंगे। ऐसा किसी बुरी भावना से नहीं कहा था। उन्होंने कहा था कि अगर तुममें काबिलियत है, तो तुम खुद कर लोगी। मैं तुम्हारे लिए यह नहीं करूंगा।' यह रवैया भले ही कठोर लगे, पर रीति ने इसे अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने की प्रेरणा के रूप में भी पेश किया।
आर्थिक मुश्किलें और संघर्ष की कहानी
रीति ने बताया कि उन्हें महीने के खर्च के लिए केवल ₹20,000-25,000 मिलते थे और बाहर पढ़ाई के लिए भी पर्याप्त पैसे नहीं दिए गए। उन्होंने कहा, 'मेरे पिता ने मुझे बाहर पढ़ाई करने के लिए ज़्यादा पैसे नहीं दिए। महीने के खर्च के 20-25 हज़ार रुपये मिलते हैं। और आपको क्या लगता है, मैं महीने के 20,000 रुपये नहीं कमा सकती? कभी-कभी, मैं पेट भरने के लिए दिन में दो बार 10 रुपये का वड़ा पाव खाती हूँ। मैं 500 रुपये का डीजल भरवाती हूँ। बस उतना ही, जितनी मुझे ज़रूरत होती है।' यह खुलासा उस सोच को चुनौती देता है कि सेलिब्रिटी के बच्चों को सब कुछ आसानी से मिल जाता है।
स्टार किड की धारणाएँ और ज़मीनी हकीकत
रीति ने माना कि उन्हें पिता की पहचान की वजह से सम्मान ज़रूर मिलता है, लेकिन उनकी दौलत या अवसर नहीं। उन्होंने कहा, 'उन्होंने जो कुछ भी कमाया — उनका पैसा, दौलत, नाम, शोहरत और मौके — वे मुझे नहीं मिले। मुझे बस उनका नाम मिला, जिसकी वजह से जहाँ भी मैं जाती हूँ, मुझे सम्मान मिलता है।' यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में नेपोटिज़्म और स्टार किड्स को लेकर बहस तेज़ है और दर्शक इस तरह की ईमानदारी की सराहना करते हैं।
आगे की राह
रीति तिवारी फिलहाल बिग बॉस 20 में अपनी उपस्थिति से खुद को एक स्वतंत्र व्यक्तित्व के रूप में स्थापित करने की कोशिश में हैं। उनके इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें तमाम दर्शकों का समर्थन मिल रहा है। रीति की यह यात्रा यह साबित करती है कि मशहूर पिता का नाम होना हमेशा आसान रास्ता नहीं होता।