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रीति तिवारी का खुलासा: पिता मनोज तिवारी ने करियर में मदद से किया इनकार, महीने में मिलते थे सिर्फ ₹20-25 हज़ार

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रीति तिवारी का खुलासा: पिता मनोज तिवारी ने करियर में मदद से किया इनकार, महीने में मिलते थे सिर्फ ₹20-25 हज़ार

सारांश

बिग बॉस 20 में रीति तिवारी ने खुलासा किया कि पिता मनोज तिवारी ने करियर में मदद से साफ मना किया, महीने में सिर्फ ₹20-25 हज़ार दिए और उन्हें खुद संघर्ष करना पड़ा। 'स्टार किड' की चमकदार छवि के पीछे की कठोर हकीकत जानकर दर्शक हैरान।

मुख्य बातें

रीति तिवारी ने बिग बॉस 20 में खुलासा किया कि पिता मनोज तिवारी ने उनके करियर में मदद करने से साफ इनकार किया।
मनोज तिवारी ने कहा था — 'अगर तुममें काबिलियत है, तो तुम खुद कर लोगी।' रीति को महीने के खर्च के लिए केवल ₹20,000-25,000 मिलते थे; कभी-कभी 10 रुपये के वड़ा पाव पर गुज़ारा करना पड़ता था।
रीति ने बताया कि बचपन में पिता से साल में सिर्फ एक बार मुलाकात होती थी।
रीति के अनुसार, उन्हें पिता की दौलत या अवसर नहीं, सिर्फ उनका नाम और उससे मिलने वाला सम्मान मिला।

बिग बॉस 20 की कंटेस्टेंट रीति तिवारी ने शो में एक भावुक बातचीत के दौरान खुलासा किया कि उनके पिता, अभिनेता और नेता मनोज तिवारी, ने उनके करियर में किसी भी तरह की मदद करने से स्पष्ट रूप से मना कर दिया था। 22 सितंबर 2026 को प्रसारित इस एपिसोड में रीति ने साथी कंटेस्टेंट स्काउट से बात करते हुए 'स्टार किड' होने से जुड़ी धारणाओं और अपनी असल ज़िंदगी की सच्चाई को सामने रखा।

बचपन और पिता से दूरी

रीति ने बताया कि जब वह बहुत छोटी थीं, तब उनके पिता घर छोड़कर चले गए थे और वह उनसे फोन पर भी बात नहीं कर पाती थीं। उन्होंने कहा कि माता-पिता के बीच अक्सर झगड़े होते थे और वह अपने पिता से साल में महज़ एक बार मिल पाती थीं। उन्होंने कहा, 'जब मैं 18 या 19 साल की थी, तो मैंने तय किया कि मैं अपने पिता के साथ समय बिताना चाहती हूँ। मैं जानना चाहती थी कि वह किस तरह के इंसान हैं। लेकिन तब तक कुछ चीज़ों में देर हो चुकी थी।'

करियर में मदद से इनकार

रीति के अनुसार, मनोज तिवारी ने उन्हें स्पष्ट शब्दों में कह दिया था कि वह उनके करियर में कोई भूमिका नहीं निभाएंगे। रीति ने उनके शब्दों को दोहराते हुए कहा, 'उन्होंने मुझे साफ़-साफ़ कह दिया था कि वह मेरे करियर में मेरी मदद नहीं करेंगे। ऐसा किसी बुरी भावना से नहीं कहा था। उन्होंने कहा था कि अगर तुममें काबिलियत है, तो तुम खुद कर लोगी। मैं तुम्हारे लिए यह नहीं करूंगा।' यह रवैया भले ही कठोर लगे, पर रीति ने इसे अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने की प्रेरणा के रूप में भी पेश किया।

आर्थिक मुश्किलें और संघर्ष की कहानी

रीति ने बताया कि उन्हें महीने के खर्च के लिए केवल ₹20,000-25,000 मिलते थे और बाहर पढ़ाई के लिए भी पर्याप्त पैसे नहीं दिए गए। उन्होंने कहा, 'मेरे पिता ने मुझे बाहर पढ़ाई करने के लिए ज़्यादा पैसे नहीं दिए। महीने के खर्च के 20-25 हज़ार रुपये मिलते हैं। और आपको क्या लगता है, मैं महीने के 20,000 रुपये नहीं कमा सकती? कभी-कभी, मैं पेट भरने के लिए दिन में दो बार 10 रुपये का वड़ा पाव खाती हूँ। मैं 500 रुपये का डीजल भरवाती हूँ। बस उतना ही, जितनी मुझे ज़रूरत होती है।' यह खुलासा उस सोच को चुनौती देता है कि सेलिब्रिटी के बच्चों को सब कुछ आसानी से मिल जाता है।

स्टार किड की धारणाएँ और ज़मीनी हकीकत

रीति ने माना कि उन्हें पिता की पहचान की वजह से सम्मान ज़रूर मिलता है, लेकिन उनकी दौलत या अवसर नहीं। उन्होंने कहा, 'उन्होंने जो कुछ भी कमाया — उनका पैसा, दौलत, नाम, शोहरत और मौके — वे मुझे नहीं मिले। मुझे बस उनका नाम मिला, जिसकी वजह से जहाँ भी मैं जाती हूँ, मुझे सम्मान मिलता है।' यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में नेपोटिज़्म और स्टार किड्स को लेकर बहस तेज़ है और दर्शक इस तरह की ईमानदारी की सराहना करते हैं।

आगे की राह

रीति तिवारी फिलहाल बिग बॉस 20 में अपनी उपस्थिति से खुद को एक स्वतंत्र व्यक्तित्व के रूप में स्थापित करने की कोशिश में हैं। उनके इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें तमाम दर्शकों का समर्थन मिल रहा है। रीति की यह यात्रा यह साबित करती है कि मशहूर पिता का नाम होना हमेशा आसान रास्ता नहीं होता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उसके बोझ तले दबी दिखती है, जहाँ नाम तो मिला पर अवसर नहीं। मनोज तिवारी का रवैया — 'खुद कर लो' — प्रेरणास्पद लग सकता है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या किसी पिता की ज़िम्मेदारी सिर्फ नाम देने तक सीमित होती है। इस खुलासे का समय भी महत्वपूर्ण है — बिग बॉस जैसे रियलिटी शो में भावनात्मक कहानियाँ अक्सर दर्शकों की सहानुभूति और वोट बटोरती हैं, इसलिए इसे पूरी तरह मुँहबोले सच मानने से पहले संदर्भ को ध्यान में रखना ज़रूरी है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रीति तिवारी ने बिग बॉस 20 में क्या खुलासा किया?
रीति तिवारी ने बिग बॉस 20 में साथी कंटेस्टेंट स्काउट से बात करते हुए बताया कि पिता मनोज तिवारी ने उनके करियर में कोई मदद नहीं की और उन्हें महीने में केवल ₹20,000-25,000 दिए जाते थे। उन्होंने यह भी बताया कि कभी-कभी गुज़ारे के लिए 10 रुपये का वड़ा पाव खाना पड़ता था।
मनोज तिवारी ने रीति को करियर में मदद क्यों नहीं की?
रीति के अनुसार, मनोज तिवारी का मानना था कि अगर उनमें काबिलियत है, तो वह खुद अपनी पहचान बना सकती हैं। उन्होंने यह फैसला बुरी भावना से नहीं, बल्कि रीति को आत्मनिर्भर बनाने की सोच से लिया था।
रीति तिवारी कौन हैं और वह बिग बॉस 20 में क्यों हैं?
रीति तिवारी अभिनेता और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता मनोज तिवारी की बेटी हैं। वह बिग बॉस 20 की कंटेस्टेंट हैं और शो में अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं।
स्टार किड होने के बारे में रीति तिवारी का क्या कहना है?
रीति ने कहा कि लोग गलत धारणा रखते हैं कि मशहूर पिता की बेटी होने का मतलब है कि उन्हें सब कुछ आसानी से मिला। उनके अनुसार, उन्हें पिता की दौलत, शोहरत या मौके नहीं मिले — सिर्फ उनका नाम मिला जिससे सम्मान तो मिलता है, पर सुविधाएँ नहीं।
रीति तिवारी के पिता के साथ उनका बचपन का रिश्ता कैसा था?
रीति के मुताबिक, जब वह छोटी थीं तब उनके पिता घर छोड़कर चले गए थे और वह साल में केवल एक बार उनसे मिल पाती थीं। 18-19 साल की उम्र में उन्होंने पिता को करीब से जानने की कोशिश की, लेकिन तब तक कई चीज़ों में देर हो चुकी थी।
राष्ट्र प्रेस
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