ऋचा चड्ढा ने 'मुसाफिरी' टाइटल ट्रैक के लिए स्नेहा खानवलकर से मिलाया हाथ, खुद लिखे बोल
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने अपनी नॉन-फिक्शन सीरीज 'मुसाफिरी' के टाइटल ट्रैक के लिए जानी-मानी म्यूजिक कंपोजर और सिंगर स्नेहा खानवलकर के साथ सहयोग किया है। इस गाने को स्नेहा ने कंपोज करने के साथ-साथ अपनी आवाज़ भी दी है, जबकि गाने के बोल स्वयं ऋचा ने लिखे हैं — जो उनके एक नई भूमिका में कदम रखने का संकेत है।
दोनों का पुराना नाता
ऋचा ने स्नेहा को अपना 'लकी चार्म' बताते हुए कहा, 'मुझे गर्व है कि मैं स्नेहा को अपनी दोस्त कह सकती हूँ। अगर भारत में एक हज़ार कहानियाँ हैं, तो स्नेहा शायद उन सभी के लिए साउंडट्रैक ढूंढ सकती हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस गाने की 'गुनगुनाहट, जिज्ञासा और शरारत-भरा अंदाज़' उन्हें बेहद पसंद आया, जिसमें कहीं-कहीं लोरी जैसी मिठास भी है।
ऋचा और स्नेहा का साथ महज़ संयोग नहीं है। ऋचा ने बताया, 'एक अभिनेत्री के तौर पर मेरी पहली फिल्म 'ओए लकी! लकी ओए!' थी, जो स्नेहा की भी पहली फिल्म थी। बतौर प्रोड्यूसर मेरी पहली फिल्म 'गर्ल्स विल बी गर्ल्स' में भी स्नेहा का एक गाना था और अब बतौर क्रिएटर मेरे पहले प्रोजेक्ट में भी वह मेरे साथ हैं। वह सच में मेरा लकी चार्म हैं।'
गाने के बनने की कहानी
स्नेहा खानवलकर ने बताया कि जब ऋचा ने उन्हें सीरीज का टाइटल ट्रैक बनाने के लिए कहा, तो उन्होंने पहले एक बेसिक रिदमिक ट्रैक तैयार किया। इसके साथ उन्होंने कुछ ऐसे शब्दों पर धुन गुनगुनाई जिनका कोई तय अर्थ नहीं था। बाद में ऋचा ने उसी धुन पर खुद बोल लिखे, जिन्हें स्नेहा ने रिकॉर्ड किया।
स्नेहा की नज़र में 'मुसाफिरी'
स्नेहा खानवलकर ने ऋचा की तारीफ करते हुए कहा, 'ऋचा की अपनी एक अलग और स्वतंत्र आवाज़ है। उन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई का 'मुसाफिरी' में बखूबी इस्तेमाल किया है।' उन्होंने सीरीज को 'शानदार, दिलचस्प और मनोरंजक' बताया, जो दर्शकों को उन जगहों और इलाकों की गहरी सैर कराती है जिन्हें देखते तो सभी रहे हैं, पर जानते कम हैं।
स्नेहा खानवलकर: एक अनूठी पहचान
स्नेहा खानवलकर को फिल्म 'ओए लकी! लकी ओए!' के म्यूजिक और 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के दोनों पार्ट के संगीत के लिए व्यापक पहचान मिली है। वह अपनी श्रेणी में नॉमिनेशन पाने वाली दूसरी महिला संगीतकार हैं — उनसे 28 साल पहले उषा खन्ना को यह सम्मान मिला था। यह तथ्य दर्शाता है कि हिंदी फिल्म संगीत में महिला कंपोजर्स की यात्रा कितनी दुर्लभ और अर्थपूर्ण रही है।
आगे क्या
'मुसाफिरी' ऋचा चड्ढा की बतौर क्रिएटर पहली परियोजना है, और इसके टाइटल ट्रैक का लॉन्च दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा रहा है। इस सीरीज में ऋचा की पत्रकारिता पृष्ठभूमि और स्नेहा के प्रयोगधर्मी संगीत का संगम एक अलग तरह के यात्रा-अनुभव का वादा करता है।